उत्तराखंड के चमोली में निर्माणाधीन सुरंग में फंसे मजदूरों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन आज भी जारी है. हादसा टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (THDC) लिमिटेड के अलकनंदा नदी पर बन रहे विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत प्रोजेक्ट की टनल में हुआ. हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी (HCC) 444 मेगावाट के प्रोजेक्ट के तहत निर्माण कार्य कर रही है और इसी प्रोजेक्ट के तहत 3.5 किमी लंबी टनल बनाई जा रही है. 70 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. लेकिन सुरंग में 1.8 किमी अंदर तब हादसा हुआ, तब सुरंग में ग्रेविटी पर पैकिंग का काम जारी था.

कितने लोग फंसे थे सुरंग के अंदर?

मिली जानकारी के अनुसार ग्रेविट पर पैकिंग का काम करते हुए अचानक धमाका हुआ और ऊपर से मलबे के साथ पानी आया, जिसमें उस समय मौके पर काम कर रहे मजदूर फंस गए. प्रारंभिक सूचना के अनुसार, टनल में करीब 22 कर्मचारी फंस गए थे. इनमें से 19 कर्मचारी बाहर निकाल लिए गए हैं. 12 मजदूर घायल हैं और 7 की मौत हो चुकी है, वहीं 3 मजदूर अभी भी लापता हैं.

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अब तक 7 लोगों की मौत की पुष्टि

  1. प्रदीप पंवार, उम्र 31 वर्ष- टिहरी गढ़वाल
  2. मुकेश सिंह- चमोली
  3. दुर्लभ शर्मा- उत्तर प्रदेश
  4. विजय हंसदा- उत्तर प्रदेश
  5. जितेंद्र कुमार- उत्तर प्रदेश
  6. लोकेश्वर, पुत्र सोन सिंह पोयम- छत्तीसगढ़
  7. भुनेश्वर, पुत्र सुरेंद्र कुमार- छत्तीसगढ़

ये 3 लोग सुरंग के अंदर फंसे हैं

रेस्क्यू टीम तीन लोगों की तलाश कर रही है, जिसमें झारखंड निवासी लुकास टोपनो और छत्तीसगढ़ निवासी चेतन पोयाम और देवनाथ शामिल हैं. बाहर निकाले गए 12 मजदूर घायल हैं, जिन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. जिला अस्पताल गोपेश्वर में घायलों का उपचार जारी है. बेस अस्पताल श्रीनगर में रोहित पांडेय का इलाज जारी है. गोविंदो मंडाल को इलाज के बाद डिस्चार्ज किया जा चुका है. गंभीर स्थिति को देखते हुए बेस अस्पताल श्रीनगर और AIIMS ऋषिकेश को अलर्ट मोड पर रखा गया है.

रेस्क्यू ऑपरेशन में ये लोग जुटे

बता दें कि चमोली टनल हादसे के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन में स्थानीय थाना/पुलिस चौकी के 22 जवान, CISF के 25 जवान, NDRF के 105 बचावकर्मी, SDRF के 42 बचावकर्मी, ITBP के 52 जवान, DDFR के 4 बचावकर्मी, फायर सर्विस के 14 कर्मी, सेना की टीम, डॉग स्क्वॉड, मेडिकल टीम, जिला प्रशासन, HCC कंपनी की मशीनरी और मानव संसाधन जुटे हैं.

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मुख्यमंत्री हादसास्थल पर पहुंचे

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी वरिष्ठ अधिकारियों और जिला प्रशासन की टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे हैं. जिलाधिकारी चमोली मौके पर मौजूद रहकर राहत और बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं. बेहद खराब मौसम के बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पीपलकोटी पहुंचे. प्रतिकूल मौसम के कारण हेलीकॉप्टर की लैंडिंग बेहद चुनौतीपूर्ण हालातों में हो सकी. मुख्यमंत्री ने टनल में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया. प्रशासन, पुलिस, SDRF, NDRF समेत सभी संबंधित एजेंसियों को रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने रेस्क्यू किए गए घायल श्रमिकों से मुलाकात करके उनका हालचाल भी जाना.

रेस्कूय के लिए किए गए इंतजाम

आपदा प्रबंधन के तहत ESF-9 Search and Rescue (SAR) को सक्रिय किया गया है. लापता कर्मचारियों को सुरक्षित निकालने के लिए लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. घायलों के बेहतर उपचार के लिए बेस अस्पताल श्रीनगर और AIIMS ऋषिकेश को तैयार रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर गंभीर घायलों को तत्काल रेफर किया जा सके. अभी प्रशासन और बचाव एजेंसियों की प्राथमिकता टनल में फंसे/लापता तीनों कर्मचारियों को तलाशना और सुरक्षित बाहर निकालना है. रेस्क्यू पूरा होने के बाद ही हादसे में कुल मृतक और घायल लोगों की अंतिम संख्या स्पष्ट हो सकेगी.

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