Major changes in the Ayodhya Ram Mandir Trust: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक के बाद अयोध्या में व्यवस्थाओं को नए सिरे से गति देने की प्रक्रिया तेज हो गई है. ट्रस्ट के महासचिव स्वामी गोविंद देव गिरी ने बताया कि ट्रस्ट परिसर में हुई बैठक के बाद से ही कामकाज बिना रुके लगातार चल रहा है. व्यवस्थाओं की सीधी निगरानी के लिए उन्होंने अयोध्या में अपना प्रवास भी बढ़ा दिया है. महासचिव गोविंद देव गिरी के अनुसार, ट्रस्ट के नए कोषाध्यक्ष महेश भागचंदका और नए CEO जितेंद्र मिश्रा अयोध्या पहुंच चुके हैं. परिसर की कार्यप्रणाली को सुचारू बनाने के लिए कल सुबह, कल शाम और आज सुबह लगातार कई दौर की बैठकें आयोजित की गईं.
‘यह मेरा सौभाग्य और ईश्वर का आदेश…’, अयोध्या राम मंदिर के पहले CEO जितेंद्र मिश्रा का पहला बयान
इन बैठकों में नए सीईओ और कोषाध्यक्ष को राम जन्मभूमि परिसर में तैनात कर्मचारियों से मिलवाया गया और पूरे प्रशासनिक कामकाज व संचालन की विस्तृत जानकारी दी गई. गोविंद देव गिरी ने कहा कि दोनों ही पदाधिकारी धार्मिक प्रवृत्ति और सेवा भाव वाले व्यक्ति हैं, जिससे मंदिर के दैनिक प्रबंधन और आगामी योजनाओं को मजबूती मिलेगी. परिसर में सुगम दर्शन और प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने के लिए यह बदलाव बेहद अहम माना जा रहा है.
‘रामभक्तों की सेवा का मिला मौका’, ट्रस्ट की पहली बैठक के बाद क्या बोले CEO जितेंद्र मिश्रा?
‘मुझे थोड़ा समय दें, जल्द जमीन पर दिखेगा बड़ा बदलाव’
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले CEO जितेंद्र मिश्रा ने शुक्रवार को अयोध्या पहुंचकर कामकाज संभाल लिया है. पदभार संभालने के बाद उन्होंने देश भर के रामभक्तों से समर्थन और आशीर्वाद की अपील की. उन्होंने साफ कहा कि ट्रस्ट द्वारा तय की गई नई कार्ययोजना का असर बहुत जल्द जमीन पर साफ दिखाई देने लगेगा, इसके लिए उन्हें बस थोड़ा सा समय चाहिए. ट्रस्ट सदस्यों की अहम बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए जितेंद्र मिश्रा ने कहा, ‘हमारी अपील है कि आप सभी का विश्वास और आशीर्वाद हमारे साथ बना रहे. रामभक्तों का आशीर्वाद हमारे लिए सबसे अहम है और उसी के बल पर हम व्यवस्था को बेहतर बनाएंगे. मुझे थोड़ा समय दें.’
कौन हैं जितेंद्र मिश्रा, जो बने राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO, ऑपरेशन सिंदूर और कारगिल युद्ध में निभाई थी अहम भूमिका