‘हंगामे के बावजूद पास हो रहे बिल..’, संसद ठप होने पर क्या बोले चंद्रशेखर आजाद? देखें एक्सक्लूसिव इंटरव्यू
Chandrashekhar azad Exclusive Interview: नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने आज न्यूज24 के मंच पर दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में तीखे सवालों के बेबाकी से जवाब दिए. उन्होंने कि मानसून सत्र में रुकावटों के बाद भी संसदीय समितियों का काम जारी है और सरकार अपने बिल पास करा रही है.
Chandrashekhar azad Exclusive Interview: संसद की कार्यवाही लगातार बाधित होने और हंगामे के कारण बार-बार स्थगित होने को लेकर नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. न्यूज24 के ग्रुप एडीटर मानक गुप्ता को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में चंद्रशेखर आजाद ने स्पष्ट किया कि सदन में भले ही हंगामा देखने को मिल रहा हो, लेकिन एक जनप्रतिनिधि के रूप में वे देश की नीति-निर्माण प्रक्रिया से लगातार जुड़े हुए हैं.
सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि संसद की कार्यवाही बार-बार स्थगित होने के बावजूद वे संसदीय समितियों की बैठकों के जरिए जनता के मुद्दों पर काम कर रहे हैं. उन्होंने जानकारी दी कि गृह मामलों से जुड़ी संसदीय समिति की बैठक की रिपोर्ट पेश हुई है, जबकि इससे पहले अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (SC/ST) कल्याण समिति की महत्वपूर्ण बैठक में भी उन्होंने हिस्सा लिया. वे लगातार देश की नीतियों और चर्चाओं का हिस्सा बने हुए हैं.
जब उनसे सवाल किया गया कि हंगामे के कारण वे अपने संसदीय क्षेत्र और समाज के मुद्दे नहीं उठा पा रहे हैं और क्या वे राहुल गांधी या अन्य विपक्षी नेताओं से संसद चलाने की अपील करेंगे तो उन्होंने कहा कि काम पूरी तरह नहीं रुका है. सरकार अपने जरूरी विधेयक पास करा रही है. उदाहरण देते हुए उन्होंने हाल ही में पास हुए ‘सर्वोच्च न्यायालय संशोधन विधेयक 2026’ का जिक्र किया, जिसके तहत सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 कर दी गई है.
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चंद्रशेखर आजाद ने यह भी कहा कि विपक्ष जो मुद्दे सदन में उठा रहा है, वे पूरी तरह सही और वाजिब हैं. लोकतंत्र में सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह विपक्ष की बात सुने और चर्चा कराए. सरकार और विपक्ष दोनों को जनहित के मुद्दों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए.
संसद परिसर में रातभर धरना क्यों दिया?
संसद परिसर में बारिश के बीच रातभर डॉ. बी.आर. आंबेडकर की प्रतिमा के सामने धरने पर बैठने को लेकर नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने अपनी बात रखी है. उन्होंने बताया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं और बेटियों पर हुई पुलिस कार्रवाई के दृश्य देखकर वे काफी व्यथित थे, जिसके बाद उन्होंने संसद परिसर में ही विरोध दर्ज कराने का फैसला लिया.
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लोकसभा अध्यक्ष का फोन भी आया
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि जब उन्होंने वीडियो में देखा कि बच्चों और बेटियों को बेरहमी से पीटा गया है, तो उनसे चुप नहीं रहा गया. उन्होंने कहा कि जब रात में सब सो रहे थे, तब उन्हें लगा कि इस अन्याय के बाद वे घर में चैन से नहीं सो सकते. धरना देने के दौरान लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) का फोन भी आया था. स्पीकर ने बारिश और स्वास्थ्य का हवाला देते हुए उनसे सुबह विरोध प्रदर्शन करने का अनुरोध किया था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया और रातभर वहीं डटे रहे.
क्या सरकार की तरफ से आपसे कोई बातचीत हुई?
सरकार से हुई बातचीत के सवाल पर चंद्रशेखर आजाद ने बताया कि 22 तारीख को केंद्र सरकार के दो वरिष्ठ मंत्री उनसे मिलने पहुंचे थे. मंत्रियों के सामने उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी अपनी कोई व्यक्तिगत या राजनीतिक मांग नहीं है. उन्होंने मंत्रियों से कहा कि आंदोलनकारी बच्चों की जो मांगें हैं, सरकार को सीधे उनसे संवाद करना चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए.
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अखिलेश यादव को लेकर आपकी क्या राय है?
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और अन्य नेताओं पर प्रतिक्रिया देने के सवाल पर चंद्रशेखर ने कहा कि वे किसी दूसरी पार्टी के नेताओं पर बयानबाज़ी करने के लिए आजाद समाज पार्टी के प्रवक्ता नहीं हैं. वे एक बड़े समाज का प्रतिनिधित्व करते हैं और उनकी नज़र में सभी नेताओं का सम्मान है. उनकी किसी से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है.
अपनी पार्टी को छोटा या गैर-गंभीर माने जाने पर सांसद ने कहा कि यह देखने वाले का नज़रिया हो सकता है. उनके समाज की नज़र में उनकी बड़ी अहमियत है और उनकी एक आवाज़ पर लाखों युवा दिल्ली में इकट्ठा हो जाते हैं. जो लोग उनकी पार्टी को गैर-गंभीर मानते हैं, यह उनकी सोच है.