आजाद समाज पार्टी के नेता चंद्रशेखर आजाद रावण ने दिल्ली जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन को लेकर सरकार पर तीखा निशाना साधा है. न्यूज 24 के मैनेजिंग एडिटर मानक गुप्ता से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि वे इस मुद्दे पर सदन में अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन उन्हें बोलने नहीं दिया गया. उन्होंने कहा कि उनके दिल में देश और यहां के बच्चों के प्रति सच्ची हमदर्दी है. पुलिस ने जिस तरह से प्रदर्शन कर रहे बच्चों पर बल प्रयोग किया और मारपीट की, वह बेहद गलत था. दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
छात्रों की मांगों को बताया अपनी मांग
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि पुलिस और प्रशासन के पास पूरे मामले के रिकॉर्ड मौजूद हैं, इसलिए सरकार को उनके आधार पर पारदर्शी कार्रवाई करनी चाहिए. उन्होंने विपक्ष को सदन में अपनी बात रखने का पूरा समय देने और नीतियों में जरूरी सुधार करने की मांग की. आरोप लगाया कि सरकार खुद नहीं चाहती कि सदन शांति से चले, क्योंकि विपक्ष के पास इतनी ताकत नहीं कि वह कार्यवाही रोक सके. उन्होंने साफ किया कि जो मांगें आज देश के छात्रों की हैं, वही उनकी भी मांगें हैं.
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छात्रों से पहले बात क्यों नहीं की
सरकार पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि आखिर छात्रों से पहले बात क्यों नहीं की गई? उन्होंने सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि अगर सरकार छात्रों से 20 जुलाई से पहले ही बातचीत कर लेती, तो आंदोलन इतना बड़ा रूप नहीं लेता. उन्होंने कहा कि यदि समय पर संवाद किया जाता, तो न तो टियर गैस चलती, न छात्रों पर लाठियां बरसतीं, न ही इतने बच्चे दिल्ली आते और न ही महिलाओं व छात्रों को चोटें आतीं. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के मुद्दों को गंभीरता से नहीं ले रही है और उसकी इसी लापरवाही और गैरजिम्मेदारी की वजह से छात्रों को भारी नुकसान उठाना पड़ा. इसके साथ ही उन्होंने कड़ा सवाल दागते हुए कहा कि आखिर दिल्ली पुलिस को छात्रों पर बल प्रयोग करने का आदेश किसने दिया था, इस पर सरकार को तुरंत अपना रुख साफ करना चाहिए.