कभी-कभी असफलता ही सफलता की नींव बन जाती है। कुछ ऐसी ही कहानी है जयपुर के रहने वाले अक्षत चतुर्वेदी की। इंजीनियरिंग कॉलेज JECRC में कैंपस प्लेसमेंट के दौरान 300 छात्रों में से केवल 5 छात्र पहले ही राउंड में बाहर हो गए थे, जिनमें अक्षत भी शामिल थे। आज वही अक्षत करोड़ों के टर्नओवर वाली ऐप डेवलपमेंट कंपनी Brain Box Apps के मालिक हैं।
कैंपस प्लेसमेंट में मिली नाकामी
अक्षत ने बताया कि मेरे साथ के सभी दोस्त Capgemini जैसी बड़ी कंपनी में नौकरी पाने का सपना देख रहे थे, लेकिन एप्टीट्यूड टेस्ट में असफल होने के बाद उन्हें गहरा झटका लगा। दोस्तों और परिवार के तानों ने उनके आत्मविश्वास को और भी कमजोर कर दिया था।
माँ के शब्दों से मिली प्रेरणा
लेकिन अक्षत की माँ ने उन्हें निराश नहीं होने दिया। उन्होंने अक्षत को भरोसा दिलाया कि यह असफलता उनके लिए एक नए और बेहतर रास्ते की शुरुआत है। उनकी माँ के शब्द, “नियति हमेशा कुछ बड़ा सोच रही होती है, तुम्हारे लिए कुछ खास होगा,” अक्षत के लिए एक प्रेरणा बन गए।
अपने पिता के संघर्षों से प्रेरित होकर, जिन्होंने प्लास्टिक ग्रेन्यूल्स के छोटे से व्यापार को मेहनत से चलाया, अक्षत ने भी अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने का फैसला किया। शुरुआत में उन्हें सही दिशा नहीं मिल रही थी, लेकिन कुछ दोस्तों की मदद से, उन्होंने आईटी क्षेत्र में अपनी किस्मत आजमाने का फैसला किया। जनवरी 2020 में, अक्षत ने Brain Box Apps की स्थापना की।
शुरुआत में ग्राहकों और परियोजनाओं की कमी ने उन्हें निराश किया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। फ्रीलांसिंग प्लेटफॉर्म पर छोटे-मोटे काम करके उन्होंने धीरे-धीरे अपने क्लाइंट बेस को बढ़ाया। आज, Brain Box Apps 600 से अधिक कंपनियों को आईटी सेवाएं प्रदान करता है। उनकी कंपनी अब करोड़ों का कारोबार कर रही है।
अक्षत की कहानी साबित करती है कि असफलता अंत नहीं है, बल्कि एक नई शुरुआत हो सकती है। उन्होंने न केवल कैंपस प्लेसमेंट में अस्वीकृति का सामना किया, बल्कि शुरुआती व्यावसायिक चुनौतियों को भी पार किया। आज, वह एक सफल उद्यमी हैं, जो दूसरों को रोजगार प्रदान कर रहे हैं। उनकी कहानी उन सभी के लिए एक प्रेरणा है जो अपने सपनों को पूरा करने की राह पर हैं। यह हमें याद दिलाती है कि कड़ी मेहनत, दृढ़ संकल्प और सकारात्मक दृष्टिकोण से कुछ भी हासिल किया जा सकता है।