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गुरुजी गायब, चपरासी बना मैथ्स टीचर! लूनी के स्कूल में छात्रों का प्रदर्शन

राजस्थान में सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े हुए हैं. जोधपुर के लूनी विधानसभा क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल में छात्र-छात्राओं ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगाकर विरोध प्रदर्शन किया. आरोप है कि स्कूल में शिक्षकों की भारी कमी है. हालत ऐसी है कि गणित जैसे विषय की कक्षा चपरासी ले रहा है. ऊपर से मानसून की पहली बारिश में पूरा स्कूल तालाब बन जाता है. अब छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी तो आंदोलन और उग्र होगा. पढ़ें जोधपुर से लोकेश व्यास की रिपोर्ट.

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राजस्थान में सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े हुए हैं. जोधपुर के लूनी विधानसभा क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल में छात्र-छात्राओं ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगाकर विरोध प्रदर्शन किया. आरोप है कि स्कूल में शिक्षकों की भारी कमी है. हालत ऐसी है कि गणित जैसे विषय की कक्षा चपरासी ले रहा है. ऊपर से मानसून की पहली बारिश में पूरा स्कूल तालाब बन जाता है. अब छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी तो आंदोलन और उग्र होगा.

जोधपुर के लूनी क्षेत्र में सरकारी स्कूल के बाहर जेन अल्फा छात्र-छात्राओं का यह प्रदर्शन केवल नाराजगी नहीं, बल्कि व्यवस्था के खिलाफ गुस्सा है. विद्यार्थियों ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगाकर शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. छात्रों का कहना है कि 11वीं और 12वीं कक्षा के लिए एक भी नियमित शिक्षक नहीं है, जबकि छठी से दसवीं तक भी कई विषयों के पद खाली पड़े हैं. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि गणित की कक्षा शिक्षक नहीं, कक्षा 11 और 12 में 30 से ज्यादा विद्यार्थी हैं, लेकिन व्याख्याता नहीं होने के चलते स्कूल का चपरासी क्लास लेने को मजबूर है. हाल ही में विज्ञान विषय के दो शिक्षकों के तबादले के बाद हालात और खराब हो गए हैं. जब गणित जैसे बड़े विषय को चपरासी पढ़ाए तो हालात समझे जा सकते हैं.

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समस्या सिर्फ शिक्षकों तक सीमित नहीं है. स्कूल की बुनियादी सुविधाएं भी बदहाल हैं. पहली ही बारिश में पूरा परिसर जलमग्न हो जाता है, जिससे बच्चों को घंटों स्कूल में फंसे रहना पड़ता है. कई बार छात्रों तो खुले आसमान के नीचे बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है. ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद शिक्षा विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया. हालात की गंभीरता इससे भी समझी जा सकती है कि लूणी से राजस्थान सरकार में जोगाराम पटेल और जसवंत विश्नोई दो कैबिनेट मंत्री हैं लेकिन अपने इलाके की इस स्कूल में टीचर तक नहीं लगवा पाए.

भीषण गर्मी के बीच छात्र स्कूल के बाहर धरने पर बैठे रहे और सरकार से तुरंत शिक्षकों की नियुक्ति, तबादले निरस्त करने और स्कूल की बुनियादी सुविधाएं सुधारने की मांग की. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो सड़क जाम कर बड़ा आंदोलन किया जाएगा. अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग छात्रों की इस पुकार को कब तक सुनता है. फिलहाल लूनी का यह सरकारी स्कूल एक बड़ा सवाल छोड़ रहा है कि जब स्कूलों में शिक्षक ही नहीं होंगे, तो बच्चों का भविष्य कौन संवारेंगे?

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First published on: Aug 07, 2026 12:12 PM

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About the Author

Versha Singh

वर्षा स‍िंह News 24 ड‍िजिटल में बतौर सीन‍ियर सब एड‍िटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्षा को ड‍िजिटल मीड‍िया में 6 साल से अधि‍क का अनुभव है. राष्‍ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और समसमाय‍िक व‍िषयों पर वर्षा की अच्‍छी पकड़ है. इसके अलावा राजनीत‍िक, क्राइम और ट्रेंडिंग खबरें भी ल‍िखती हैं. वर्षा ने मास्टर इन न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी की पढ़ाई माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से की है और जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की है. वर्षा अपने करियर में Jagran New Media, Asia News International (ANI) और ETV Bharat जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं. उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लेखन और समसामयिक घटनाओं, राजनीति, हाइपरलोकल खबरों और मानवीय रुचि से जुड़ी कहानियों को डिजिटल दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का अनुभव है.

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