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‘कोई दारू पीकर गाड़ी चलाए तो उसमें विभाग की क्या गलती?’, जयपुर एक्सीडेंट पर राजस्थान के मंत्री का विवादित बयान

राजस्थान में सड़क हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे. जयपुर में शराबी ड्राइवर की लापरवाही से 13 लोगों की मौत के बाद राज्य में हड़कंप मच गया. जब स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर से जवाब मांगा गया तो उन्होंने कहा, “दारू पीकर कोई गाड़ी चलाए तो विभाग की क्या गलती?” मंत्री का यह बयान सोशल मीडिया पर बवाल बन गया. विपक्ष ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया, जबकि बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ मंत्री के बचाव में उतर आए.

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राजस्थान में सड़कों पर मौतें रुक नहीं रहीं. अक्टूबर से अब तक पचास से अधिक लोग हादसों में अपनी जान गंवा चुके हैं. जयपुर में तो एक ही दिन में 13 लोग एक शराबी ड्राइवर की लापरवाही की भेंट चढ़ गए. ऐसे में जब सवाल सरकार से पूछा गया तो जवाब मिला, “दारू पीकर कोई गाड़ी चलाए तो इसमें विभाग की क्या गलती?” ये शब्द हैं राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के. अब मंत्री जी का ये बयान खुद एक बड़ा राजनीतिक “एक्सीडेंट” बन गया है.

राजस्थान में लगातार एक्सीडेंट की खबरें सामने आ रही हैं. पहले जैसलमेर में चलती बस में लगी आग से झुलस कर 28 लोगों की मौत हुई.फि र जयपुर दिल्ली हाईवे पर हाई टेंशन वायर से बस में करंट दौड़ने से तीन लोगों की मौत और अब सोमवार को एक शराबी ड्राइवर द्वारा लापरवाही और ओवर स्पीड से कई लोगों को कुचलने के चलते 13 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई.

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इन घटनाओं को लेकर स्वास्थ्य मंत्री से सीधा सवाल था कि “कसूर किसका?” पत्रकारों ने जब सवाल किया कि क्या ये परिवहन विभाग की लापरवाही नहीं? तो स्वास्थ्य मंत्री जी तपाक से बोले कि अगर कोई दारू पीकर गाड़ी चलाए तो उसमें विभाग की क्या गलती? अब ये बयान सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया। लोग कह रहे हैं, “दारू पीने वाले की गलती नहीं, शायद यह बयान देने वाले की समझ पर ही सवाल है.

मंत्री के बयान पर विवाद, सफाई से बढ़ा बवाल

मंत्री जी का यही बयान वायरल हुआ, जिसके बाद मामला खत्म होने की बजाय और भी विवादों में आ गया क्योंकि अपनी ही सरकार के स्वास्थ्य मंत्री के इस विवादास्पद बयान के बचाव में राजस्थान बीजेपी अध्यक्ष मदन राठौड़ उतर आए , वह तो सफाई देते देते हुए मंत्री जी से भी दो कदम आगे निकल गए. राठौड़ ने अपनी सरकार के स्वास्थ्य मंत्री का बचाव करते हुए यहां तक कह दिया कि क्या सरकार हर ड्राइवर के पीछे एक इंस्पेक्टर लगा दे? उसे क्या पता कौन छिपकर शराब पी रहा है?

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मदन राठौड़ ने कहा कि जो शराब पीकर गाड़ी चलाते हैं, उनके लाइसेंस निरस्त कर देना चाहिए लेकिन आप यह सोचिए कि एक-एक ड्राइवर के पीछे परिवहन विभाग का व्यक्ति नहीं लगाया जा सकता है. यदि छुपकर कोई पी लेता है तो उसका दोष सरकार को देना ठीक नहीं. सरकार ने तो कानून बना दी है उसे कड़ाई से लागू करती है. चोरी छुपे कोई शराब पीकर गाड़ी चला लेता है तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है.

अब इसे तर्क कहें या तरकीब लेकिन सवाल वही है कि अगर सरकार ड्राइवर के पीछे किसी को नहीं लगा सकती,तो जनता किसके भरोसे सड़कों पर निकले? ऐसे में पहले मंत्री और फिर प्रदेश अध्यक्ष के बयान ने विपक्ष को मानो बैठे बिठाए एक बड़ा मुद्दा थमा दिया. कांग्रेस का कहना है कि ये बयान नहीं, लापरवाही पर पर्दा डालने की कोशिश है. जब मंत्री खुद जिम्मेदारी से भाग रहे हैं,तो अफसर क्या जवाबदेही निभाएंगे?

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यह भी पढ़ें : जयपुर हादसे के बाद सीएम भजनलाल शर्मा सख्त, अधिकारियों को लगाई फटकार

एक तरफ सरकार के मुखिया सीएम भजनलाल शर्मा सड़क सुरक्षा की बातें कर रहे हैं,लाइसेंस रद्द करने, चालान काटने की घोषणाएं हो रही हैं और दूसरी तरफ उसके अपने मंत्री बयान दे रहे हैं कि दारू पीकर गाड़ी चलाई तो विभाग क्या करे? राजस्थान की सड़कें सवाल पूछ रही हैं कि क्या अब मौत का भी “डिपार्टमेंट” तय करना पड़ेगा? कौन जिम्मेदार है ड्राइवर, सिस्टम या सोच?

First published on: Nov 04, 2025 06:50 PM

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