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Jaipur News: राजस्थान के उदयपुर स्थित मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर प्रोफेसर सुनीता मिश्रा द्वारा मुगल बादशाह औरंगजेब को कुशल शासक बताए जाने के कथित बयान के बाद उन्होंने बयान जारी करके माफी मांगी है। उनके पहले दिए गए एक बयान को लेकर काफी विवाद हुआ था। जिसके बाद अब इस मामले में बुधवार को बयान जारी करके सार्वजनिक तौर पर माफी मांगी है.
मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर प्रोफेसर सुनीता मिश्रा ने कहा कि राजस्थान वीरों की भूमि है. यहां के वीरों ने कभी भी मुगल शासको के सामने सर नहीं झुकाया और उनका डटकर मुकाबला किया. ऐसे में अगर किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो हाथ जोड़कर सभी से माफी चाहती हूं. उन्होंने करणी सेना और राजपूत समाज से विशेष रूप से माफी मांगी है. उन्होंने कहा है कि राजस्थान की धरती पर सेवा करने का मौका मिलना, उनके लिए सौभाग्य की तरह है. उनके इस सार्वजनिक माफीनामे के बाद अब यह विवाद पूरी तरह खत्म हो जाने की उम्मीद है.
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बता दें कि एक शैक्षणिक संगोष्ठी में बोलते हुए कुलपति ने औरंगजेब को एक कुशल प्रशासक बताया था. जिसके बाद उनके इस बयान को लेकर विभिन्न छात्र संगठनों ने तीखी आपत्ति जताई थी. छात्रों का कहना था कि महाराणा प्रताप की धरती पर औरंगजेब जैसे शासक की तारीफ बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इस बयान को लेकर उनके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे कई संगठनों ने उन्हे माफी मांगने को मंजूर कर दिया. हालांकि वाइस चांसलर प्रोफेसर सुनीता मिश्रा का यह भी कहना था कि कुछ लोगों ने उनके बयान को गलत तरीके से तोड़ मरोड़ कर पेश किया था. उन्होंने कभी भी मुगल बादशाह की तारीफ नहीं की थी. कांफ्रेंस में शिक्षाविद होने के नाते तत्कालीन घटनाक्रम का जिक्र कर रही थी.
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