झुंझुनूं में एक सड़क हादसे के बाद महिंद्रा स्कॉर्पियो की सुरक्षा को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. डूंडलोद पब्लिक स्कूल के पास हुए हादसे में 21 साल के तरुण नायक की मौत के बाद उनके परिजन और दोस्त सड़क पर उतर आए है. प्रदर्शनकारियों ने दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो को क्रेन से लटकाकर महिंद्रा एजेंसी के बाहर खड़ा कर दिया और उस पर ‘मौत का डब्बा’ लिखकर विरोध जताया. उनका आरोप है कि सीट बेल्ट पहने होने के बावजूद एयरबैग नहीं खुलने से तरुण की जान चली गई.
डूंडलोद पब्लिक स्कूल के पास हुए भीषण सड़क हादसे में स्कॉर्पियो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. हादसे में 21 वर्षीय तरुण नायक की मौत हो गई. परिजनों और दोस्तों का आरोप है कि टक्कर के दौरान गाड़ी के एयरबैग नहीं खुले, जबकि तरुण ने सीट बेल्ट लगा रखी थी. इसी को लेकर बड़ी संख्या में लोग महिंद्रा एजेंसी के बाहर पहुंचे और दुर्घटनाग्रस्त गाड़ी को क्रेन से हवा में लटकाकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया.
गाड़ी पर लिखे थे नारे
बता दें कि गाड़ी पर लिखे गए नारे कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे थे. प्रदर्शन के कारण कुछ देर के लिए सड़क पर जाम की स्थिति भी बन गई और पुलिस को मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभालना पड़ा. प्रदर्शन के दौरान तरुण के दोस्तों का गुस्सा साफ दिखाई दिया.
उनके दोस्त धीरज जाट ने कहा कि उन्हें किसी तरह का मुआवजा या नई गाड़ी नहीं चाहिए, बल्कि उनका दोस्त वापस चाहिए. उन्होंने महिंद्रा कंपनी और उसके प्रबंधन से जवाब मांगते हुए कहा कि अगर वाहन इतना सुरक्षित है तो उसकी सुरक्षा की वास्तविकता भी सामने आनी चाहिए. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक निष्पक्ष जांच और संतोषजनक जवाब नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा.
कंपनी ने जताया युवक की मौत पर दुख
उधर, गहलोत मोटर्स झुंझुनूं के मैनेजर रवि शर्मा ने कहा कि कंपनी को युवक की मौत का गहरा दुख है. उन्होंने स्पष्ट किया कि एयरबैग खुलना कई तकनीकी परिस्थितियों पर भी निर्भर करता है और हर दुर्घटना में एयरबैग सक्रिय नहीं होते. उनके मुताबिक हादसे की तकनीकी जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि एयरबैग क्यों नहीं खुले. कंपनी का कहना है कि बीमा प्रक्रिया और पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता देने के लिए वरिष्ठ प्रबंधन स्तर पर चर्चा जारी है.
फिलहाल, इस मामले में एयरबैग के न खुलने की वजह तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी. लेकिन इस हादसे ने एक बार फिर वाहन सुरक्षा, एयरबैग की कार्यप्रणाली और सड़क दुर्घटनाओं में जवाबदेही को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और कंपनी के अगले कदम पर टिकी हैं.