Uproar in Rajasthan after BJP’s Second list of Candidates, जयपुर: राजस्थान विधानसभा चुनाव में विभिन्न हलकों में उम्मीदवारी की दो लिस्ट जारी कर चुकी भारतीय जनता पार्टी की टेंशन उस वक्त बढ़ गई, जब राज्य के कई जिलों विरोध प्रदर्शन का दौर शुरू हो गया। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को राजी करने के चक्कर में पार्टी बहुत से नेताओं और कार्यकर्ताओं को नाराज भी कर बैठी। रविवार को जयपुर, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, राजसमंद, कोटा के अलावा कई जिलों में भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। इन्हीं में से एक राजसमंद में 300 कार्यकर्ता पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे चुके हैं, वहीं पार्टी ऑफिस में तोड़फोड़ करने के बाद चार नेताओं को हाईकमान ने सस्पेंड भी कर दिया है।
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18 अक्टूबर को भाजपा ने पहली लिस्ट में 41 की पहली तो 21 अक्टूबर को 83 उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट आई, रविवार को जयपुर, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, राजसमंद, कोटा के अलावा कई जिलों में विरोध
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राजसमंंद में समर्थकों के साथ पार्टी कार्यालय पहुंचे भाजपा के तीन दावेदार दिनेश बडाला, गणेश पालीवाल और महेंद्र कोठारी, मुर्दाबाद के नारे लगाने के साथ फर्नीचर को भी पहुंचाया गया नुकसान
बता दें कि भारत निर्वाचन आयोग की तरफ से जारी चुनावी शेड्यूल के मुताबिक राजस्थान में 200 विधानसभा सीटों के लिए 25 नवंबर को मतदान होना है। विभिन्न राजनैतिक पार्टियां भी अपनी तैयारियों में जुटी हुई हैं। इसी कड़ी में बीती 18 अक्टूबर को भाजपा ने पहली लिस्ट में 41 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए थे, जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के समर्थक कई दावेदारों को टिकट नहीं मिली थी। इसके बाद 21 अक्टूबर को 83 उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट आई तो इसमें राजे को राजी करने में पार्टी ने कोई कसर नहीं छोड़ी। एक दिन बाद ही रविवार को उस वक्त पार्टी नेतृत्व की टेंशन बढ़ती नजर आई, जब दूसरी लिस्ट में अपना नाम नहीं आने पर पार्टी के स्थानीय नेता और उनके समर्थक नाराज हो गए। जयपुर, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, राजसमंद, कोटा के अलावा कई जिलों में जमकर विरोध प्रदर्शन किया गया।
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पुलिस ने समझाया ताे पार्टी ने अनुशासन का कायदा बताया
राजसमंद विधानसभा सीट से भाजपा के तीन दावेदार दिनेश बडाला, गणेश पालीवाल और महेंद्र कोठारी सुबह अपने समर्थकों के साथ पार्टी कार्यालय पहुंचे। यहां ‘दीप्ति माहेश्वरी मुर्दाबाद’ के नारे लगाने के साथ प्रदर्शनकारियों ने पार्टी कार्यालय में फर्नीचर को भी नुकसान पहुंचाया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा कुर्सियां उठाकर फेंकने का एक वीडियो भी यहीं का बताया जा रहा है। हालांकि इस बारे में राजसमंद पुलिस उपाधीक्षक पार्थ शर्मा की मानें तो पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं करते हुए नाराज लोगों को समझा-बुझाकर शांत करा दिया।
दूसरी ओर पार्टी के नाराज धड़े में इस्तीफों का भी दौर शुरू हो गया। पता चला है कि राजसमंद में बीजेपी के 300 कार्यकर्ता टिकट सूची को लेकर अपनी नाराजगी के चलते अपने इस्तीफे दे चुके हैं। इसी के साथ राजसमंद भाजपा कार्यालय में तोड़फोड़ करने के आरोप में चार नेताओं को पार्टी हाईकमान ने सस्पेंड भी कर दिया है। इनमें अजय प्रजापत, देवी लाल जटिया, हिम्मत कुमावत और मुकेश शर्मा के नाम हैं। पार्टी की प्रदेश अनुशासन समिति के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत की तरफ से इस संबंध में पार्टी नेतृत्व की तरफ से एक पत्र भी जारी किया गया है।
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