Rajasthan AI Highway: राजस्थान के 3 बड़े हाइवे पर AI का पहरा! ओवरस्पीडिंग करते ही कटेगा तुरंत चालान, यहां शुरू हुई नई स्मार्ट ट्रैफिक व्यवस्था
AI E-Challan: राजस्थान के तीन बड़े हाईवे पर अब AI आधारित स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम सक्रिय हो गया है. ओवरस्पीडिंग, गलत लेन और ट्रैफिक नियम तोड़ने पर तुरंत ई-चालान जारी होगा. सरकार का दावा है कि इससे सड़क हादसे कम होंगे और सफर ज्यादा सुरक्षित बनेगा.
Written By: Azhar Naim|Updated: May 27, 2026 13:07
Edited By : Azhar Naim|Updated: May 27, 2026 13:07
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राजस्थान के 3 बड़े हाइवे पर AI का पहरा (Image: AI)
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राजस्थान में अब हाईवे पर तेज रफ्तार और ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के लिए बच निकलना आसान नहीं होगा. राज्य में तीन बड़े हाईवे रूट, शाहजहांपुर-अजमेर, बाड़मेर-जोधपुर और सीकर-बीकानेर पर नई AI आधारित इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) की शुरुआत कर दी गई है. इस स्मार्ट सिस्टम के जरिए अब हाईवे पर चलने वाले वाहनों की हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी. सरकार का मकसद सड़क हादसों को कम करना, ट्रैफिक अनुशासन बढ़ाना और यात्रियों का सफर ज्यादा सुरक्षित बनाना है. खास बात यह है कि यह सिस्टम नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों को तुरंत पहचानकर ई-चालान जारी करने में सक्षम होगा. इससे लंबे सफर के दौरान ओवरस्पीडिंग और गलत तरीके से वाहन चलाने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी.
नई ITMS तकनीक को Vehant Technologies के सहयोग से तैयार किया गया है. इसमें हाईवे पर AI कैमरे, रडार सेंसर, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) सिस्टम और रियल टाइम मॉनिटरिंग सॉफ्टवेयर लगाए गए हैं. ये सिस्टम वाहन की स्पीड, लेन बदलने का तरीका, हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल जैसी चीजों पर नजर रखेंगे. अगर कोई चालक मोबाइल फोन पर बात करते हुए ड्राइव करता है, गलत लेन में वाहन चलाता है या दोपहिया पर तीन लोग बैठे मिलते हैं, तो सिस्टम तुरंत उसे रिकॉर्ड कर लेगा. इस पूरे रूट पर 44 से ज्यादा संवेदनशील चेकपॉइंट्स बनाए गए हैं. अगर रूट के हिसाब से समझें तो शाहजहांपुर–अजमेर हाईवे पर सबसे बड़ा नेटवर्क तैयार किया गया है, जहां 27 अलग-अलग जगहों पर 81 ट्रैफिक लेनों की निगरानी की जा रही है. इसी तरह, बार–जोधपुर रूट पर 6 अहम ठिकानों से 20 लेनों को ट्रैक किया जा रहा है और सीकर–बकानेर मार्ग पर 11 चेकपॉइंट्स बनाकर 28 लेनों पर ऑटोमैटिक कैमरे लगाए गए हैं. ये एआई कैमरे और रडार सेंसर दिन-रात, चौबीसों घंटे हर छोटी-बड़ी गाड़ी की रफ्तार, नंबर प्लेट और ड्राइविंग बिहेवियर को रिकॉर्ड करते रहते हैं ताकि नियमों का पालन कराया जा सके.
नियम तोड़ते ही मिलेगा तुरंत ई-चालान
इस नई तकनीक के लागू होने के बाद हाईवे पर सफर करने वाले लोगों को अब ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होगी. जैसे ही कोई वाहन तय स्पीड लिमिट पार करेगा या कोई ट्रैफिक नियम तोड़ेगा, सिस्टम तुरंत उसकी नंबर प्लेट स्कैन कर ई-चालान जारी कर देगा. यह चालान सीधे वाहन मालिक के मोबाइल नंबर पर भेजा जा सकेगा. सरकार का मानना है कि इससे सड़क पर अनुशासन बढ़ेगा और लापरवाही से होने वाले हादसों में कमी आएगी. खासतौर पर लंबे रूट पर सफर करने वाले यात्रियों और ट्रक चालकों के लिए यह सिस्टम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे ट्रैफिक मॉनिटरिंग पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो जाएगी.
जिला कंट्रोल रूम से होगी 24 घंटे निगरानी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम को प्रभावी बनाने के लिए अलग-अलग जिलों में कंट्रोल रूम भी बनाए गए हैं, जहां से पूरे हाईवे नेटवर्क की लाइव निगरानी की जाएगी. इन कंट्रोल रूम में अधिकारी ट्रैफिक की स्थिति, दुर्घटना, वाहन खराब होने या जाम जैसी घटनाओं पर तुरंत नजर रख सकेंगे. यदि किसी हाईवे पर कोई वाहन खतरनाक तरीके से खड़ा मिलता है या हादसा होता है, तो संबंधित टीम को तुरंत अलर्ट भेजा जाएगा. विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में यह AI आधारित सिस्टम राजस्थान के हाईवे सफर को ज्यादा सुरक्षित, व्यवस्थित और तेज बनाने में बड़ी भूमिका निभा सकता है.
राजस्थान में अब हाईवे पर तेज रफ्तार और ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के लिए बच निकलना आसान नहीं होगा. राज्य में तीन बड़े हाईवे रूट, शाहजहांपुर-अजमेर, बाड़मेर-जोधपुर और सीकर-बीकानेर पर नई AI आधारित इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) की शुरुआत कर दी गई है. इस स्मार्ट सिस्टम के जरिए अब हाईवे पर चलने वाले वाहनों की हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी. सरकार का मकसद सड़क हादसों को कम करना, ट्रैफिक अनुशासन बढ़ाना और यात्रियों का सफर ज्यादा सुरक्षित बनाना है. खास बात यह है कि यह सिस्टम नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों को तुरंत पहचानकर ई-चालान जारी करने में सक्षम होगा. इससे लंबे सफर के दौरान ओवरस्पीडिंग और गलत तरीके से वाहन चलाने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी.
नई ITMS तकनीक को Vehant Technologies के सहयोग से तैयार किया गया है. इसमें हाईवे पर AI कैमरे, रडार सेंसर, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) सिस्टम और रियल टाइम मॉनिटरिंग सॉफ्टवेयर लगाए गए हैं. ये सिस्टम वाहन की स्पीड, लेन बदलने का तरीका, हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल जैसी चीजों पर नजर रखेंगे. अगर कोई चालक मोबाइल फोन पर बात करते हुए ड्राइव करता है, गलत लेन में वाहन चलाता है या दोपहिया पर तीन लोग बैठे मिलते हैं, तो सिस्टम तुरंत उसे रिकॉर्ड कर लेगा. इस पूरे रूट पर 44 से ज्यादा संवेदनशील चेकपॉइंट्स बनाए गए हैं. अगर रूट के हिसाब से समझें तो शाहजहांपुर–अजमेर हाईवे पर सबसे बड़ा नेटवर्क तैयार किया गया है, जहां 27 अलग-अलग जगहों पर 81 ट्रैफिक लेनों की निगरानी की जा रही है. इसी तरह, बार–जोधपुर रूट पर 6 अहम ठिकानों से 20 लेनों को ट्रैक किया जा रहा है और सीकर–बकानेर मार्ग पर 11 चेकपॉइंट्स बनाकर 28 लेनों पर ऑटोमैटिक कैमरे लगाए गए हैं. ये एआई कैमरे और रडार सेंसर दिन-रात, चौबीसों घंटे हर छोटी-बड़ी गाड़ी की रफ्तार, नंबर प्लेट और ड्राइविंग बिहेवियर को रिकॉर्ड करते रहते हैं ताकि नियमों का पालन कराया जा सके.
नियम तोड़ते ही मिलेगा तुरंत ई-चालान
इस नई तकनीक के लागू होने के बाद हाईवे पर सफर करने वाले लोगों को अब ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होगी. जैसे ही कोई वाहन तय स्पीड लिमिट पार करेगा या कोई ट्रैफिक नियम तोड़ेगा, सिस्टम तुरंत उसकी नंबर प्लेट स्कैन कर ई-चालान जारी कर देगा. यह चालान सीधे वाहन मालिक के मोबाइल नंबर पर भेजा जा सकेगा. सरकार का मानना है कि इससे सड़क पर अनुशासन बढ़ेगा और लापरवाही से होने वाले हादसों में कमी आएगी. खासतौर पर लंबे रूट पर सफर करने वाले यात्रियों और ट्रक चालकों के लिए यह सिस्टम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे ट्रैफिक मॉनिटरिंग पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो जाएगी.
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जिला कंट्रोल रूम से होगी 24 घंटे निगरानी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम को प्रभावी बनाने के लिए अलग-अलग जिलों में कंट्रोल रूम भी बनाए गए हैं, जहां से पूरे हाईवे नेटवर्क की लाइव निगरानी की जाएगी. इन कंट्रोल रूम में अधिकारी ट्रैफिक की स्थिति, दुर्घटना, वाहन खराब होने या जाम जैसी घटनाओं पर तुरंत नजर रख सकेंगे. यदि किसी हाईवे पर कोई वाहन खतरनाक तरीके से खड़ा मिलता है या हादसा होता है, तो संबंधित टीम को तुरंत अलर्ट भेजा जाएगा. विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में यह AI आधारित सिस्टम राजस्थान के हाईवे सफर को ज्यादा सुरक्षित, व्यवस्थित और तेज बनाने में बड़ी भूमिका निभा सकता है.
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