Biography of Major Vikash and Mustafa Bohra: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को 10 कीर्ति चक्र और 26 शौर्य चक्र सम्मान दिए। इनमें राजस्थान के दो शूरवीर योद्धा भी शामिल थे। उदयपुर के रहने वाले मेजर मुस्तफा बोहरा और हनुमानगढ़ के रहने वाले मेजर विकास भांभू ने अदम्स साहस का परिचय देते हुए हजारों लोगों की जान बचाई। इस दौरान उन्होंने अपना सर्वस्त्र इस मातृभूमि को न्यौछावर कर दिया। इस कारण राष्ट्रपति ने उनके परिजनों को मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया।
ये बात 21 अक्टूबर 2022 की है। अरुणाचल प्रदेश के बाॅर्डर क्षेत्र में दोनों मेजर एक हेलीकाॅप्टर में टोही मिशन पर थे। सुबह के लगभग 10ः30 बज रहे थे। दोनों मिशन पूरा करके लौट रहे थे। इस दौरान बाॅर्डर से 20 किलोमीटर दूर हेलीकाॅप्टर में आग लग गई। आग लगने पर दोनों ने वीरता का परिचय देते हुए हेलीकाॅप्टर को आबादी क्षेत्र से दूर ले गए। इस कारण हेलीकाॅप्टर की सेफ लैंडिंग नहीं हो सकी और क्रैश लैडिंग हुई। दुर्घटना में मेजर मुस्तफा और विकास भांभू दोनों शहीद हो गए।
https://twitter.com/rashtrapatibhvn/status/1809214226894057772?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1809214226894057772%7Ctwgr%5E8e887e88557ba96968c83b5155f20c326f69cad2%7Ctwcon%5Es1_&ref_url=https%3A%2F%2Fwww.patrika.com%2Fjaipur-news%2Fmartyr-major-mustafa-bohra-and-major-vikas-bhambhu-of-rajasthan-received-shaurya-chakra-posthumously-18822129
मेजर भांभू ऐसे बने आर्मी के पायलट
शहीद मेजर भांभू राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के रामपुरा गांव के रहने वाले थे। उनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव में हुई। इसके बाद वे अपने पिता के साथ सीकर चले गए। 12वीं के बाद एनडीए का एग्जाम दिया था। जिसमें चयन होने पर उन्हें भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनने का अवसर मिला। आर्मी में रहते हुए उन्होंने मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया। आर्मी ने उनकी बेहतरीन परफाॅर्मेंस को देखते हुए एविएशन ब्रांच में पायलट बनाने का निर्णय लिया।
ये भी पढ़ेंः
कभी लोको पायलट तो कभी राजमिस्त्री…क्या राहुल गांधी का यह अंदाज कांग्रेस को दे पाएगा संजीवनी?
https://twitter.com/rashtrapatibhvn/status/1809215251331903771?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1809215251331903771%7Ctwgr%5E8e887e88557ba96968c83b5155f20c326f69cad2%7Ctwcon%5Es1_&ref_url=https%3A%2F%2Fwww.patrika.com%2Fjaipur-news%2Fmartyr-major-mustafa-bohra-and-major-vikas-bhambhu-of-rajasthan-received-shaurya-chakra-posthumously-18822129
मुस्तफा की होने वाली थी शादी
वे अपने परिवार के साथ रहने की तैयारी कर रहे थे लेकिन किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया। 2019 में उन्होंने एक घर बनवाया था। लेकिन 2022 में किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। वहीं शहीद मेजर मुस्तफा का जन्म उदयपुर के हाथीपोल में हुआ। जहां वे 21 अक्टूबर 2022 को अरुणाचल प्रदेश के बाॅर्डर एरिया में इंटेलीजेंस सर्विलांस मिशन के दौरान हेलीकाॅप्टर क्रैश में शहीद हो गए। मुस्तफा की शादी होने वाली थी, लेकिन इससे पहले ही उनके शहीद होने की खबर आ गई।
ये भी पढ़ेंः
पहाड़ों पर आफत बनी बारिश! अमरनाथ यात्रा रोकी गई; बद्रीनाथ हाईवे ब्लॉक, हिमाचल में 70 सड़कें बंद, जानें मौसम के हाल
Biography of Major Vikash and Mustafa Bohra: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को 10 कीर्ति चक्र और 26 शौर्य चक्र सम्मान दिए। इनमें राजस्थान के दो शूरवीर योद्धा भी शामिल थे। उदयपुर के रहने वाले मेजर मुस्तफा बोहरा और हनुमानगढ़ के रहने वाले मेजर विकास भांभू ने अदम्स साहस का परिचय देते हुए हजारों लोगों की जान बचाई। इस दौरान उन्होंने अपना सर्वस्त्र इस मातृभूमि को न्यौछावर कर दिया। इस कारण राष्ट्रपति ने उनके परिजनों को मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया।
ये बात 21 अक्टूबर 2022 की है। अरुणाचल प्रदेश के बाॅर्डर क्षेत्र में दोनों मेजर एक हेलीकाॅप्टर में टोही मिशन पर थे। सुबह के लगभग 10ः30 बज रहे थे। दोनों मिशन पूरा करके लौट रहे थे। इस दौरान बाॅर्डर से 20 किलोमीटर दूर हेलीकाॅप्टर में आग लग गई। आग लगने पर दोनों ने वीरता का परिचय देते हुए हेलीकाॅप्टर को आबादी क्षेत्र से दूर ले गए। इस कारण हेलीकाॅप्टर की सेफ लैंडिंग नहीं हो सकी और क्रैश लैडिंग हुई। दुर्घटना में मेजर मुस्तफा और विकास भांभू दोनों शहीद हो गए।
मेजर भांभू ऐसे बने आर्मी के पायलट
शहीद मेजर भांभू राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के रामपुरा गांव के रहने वाले थे। उनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव में हुई। इसके बाद वे अपने पिता के साथ सीकर चले गए। 12वीं के बाद एनडीए का एग्जाम दिया था। जिसमें चयन होने पर उन्हें भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनने का अवसर मिला। आर्मी में रहते हुए उन्होंने मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया। आर्मी ने उनकी बेहतरीन परफाॅर्मेंस को देखते हुए एविएशन ब्रांच में पायलट बनाने का निर्णय लिया।
ये भी पढ़ेंः कभी लोको पायलट तो कभी राजमिस्त्री…क्या राहुल गांधी का यह अंदाज कांग्रेस को दे पाएगा संजीवनी?
मुस्तफा की होने वाली थी शादी
वे अपने परिवार के साथ रहने की तैयारी कर रहे थे लेकिन किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया। 2019 में उन्होंने एक घर बनवाया था। लेकिन 2022 में किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। वहीं शहीद मेजर मुस्तफा का जन्म उदयपुर के हाथीपोल में हुआ। जहां वे 21 अक्टूबर 2022 को अरुणाचल प्रदेश के बाॅर्डर एरिया में इंटेलीजेंस सर्विलांस मिशन के दौरान हेलीकाॅप्टर क्रैश में शहीद हो गए। मुस्तफा की शादी होने वाली थी, लेकिन इससे पहले ही उनके शहीद होने की खबर आ गई।
ये भी पढ़ेंः पहाड़ों पर आफत बनी बारिश! अमरनाथ यात्रा रोकी गई; बद्रीनाथ हाईवे ब्लॉक, हिमाचल में 70 सड़कें बंद, जानें मौसम के हाल