राजस्थान की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) टीम के हाथ बड़ी सफलता लगी है। टीम ने दुबई से लॉरेंस और रोहित गोदारा गैंग के गुर्गे आदित्य जैन उर्फ टोनी को गिरफ्तार किया है, जिसे आज जयपुर लाया गया। आदित्य जैन उर्फ टोनी नागौर के कुचामन का निवासी है। वह अपने मां-बाप की इकलौती संतान है। उसके पिता की कुचामन में किराने की दुकान है। वह लॉरेंस और रोहित गोदारा गिरोह का सक्रिय सदस्य था। गिरोह का कंट्रोल रूम था और गिरोह के सदस्यों डब्बा कॉल की सुविधा दे रहा था। वह पिछले कई सालों में गिरोह द्वारा किए गए जबरन वसूली, गोलीबारी और अन्य अपराधों के लिए दर्ज कई मामलों में वांछित था।
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एक टीम ने मिलकर आदित्य का सुराग तलाशा
DIG योगेश यादव और ASP नरोत्तम वर्मा के नेतृत्व में AGTF इंटरपोल टीम ने उसके खिलाफ एक रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। ASP सिद्धांत शर्मा के नेतृत्व में CI मनीष शर्मा, CI सुनील जांगड़, CI रविंद्र प्रताप ने आदित्य को दुबई में तलाश लिया और CBI के माध्यम से दुबई की पुलिस को इंटरपोल रेफरेंस भेजा। इस रेड कॉर्नर नोटिस और इंटरपोल रेफरेंस के आधार पर दुबई पुलिस अधिकारियों ने आदित्य जैन को हिरासत में लिया और राजस्थान पुलिस से एक टीम भेजने का अनुरोध किया। टीम दुबई गई और आदित्य को लेकर जयपुर आई। आदित्य जैन दोनों गैंग के लिए विदेश में बैठकर धमकी भरे कॉल करने की अरेंजमेंट करता था।
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कई सालों से टोनी को तलाश रही थी पुलिस
ADG क्राइम दिनेश एमएन ने आदित्य जैन की गिरफ्तारी की पुष्टि की और बताया कि उनकी टीम को टोनी की कई सालों से तलाश थी। राजस्थान में जब भी किसी को धमकी भरे फोन आते थे और जांच की जाती थी तो टोनी का सुराग मिलता था, लेकिन वह हाथ नहीं लगा रहा था। अब रेड कॉर्नर नोटिस और इंटरपोल रेफरेंस के जरिए वह हाथ लगा गया। आज सुबह गैंगस्टर आदित्य जैन को लेकर एक टीम जयपुर पहुंची। उससे धमकी वाले कॉल्स, लॉरेंस गैंग के नागौर सहित अन्य जिलों में एक्टिव मेंबर्स को बारे में सवाल पूछे जाएंगे।