यह मुलाकात इसलिए भी सियासी हलकों में चर्चा का विषय बन गई है क्योंकि अब तक यह कहा जा रहा था कि प्रधानमंत्री मोदी और वसुंधरा राजे के बीच कुछ समय से तनातनी चल रही है. इसी कारण भारतीय जनता पार्टी ने 2023 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में वसुंधरा राजे को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित नहीं किया था और चुनाव जीतने के बाद भी उन्हें मुख्यमंत्री भी नहीं बनाकर पहली बार विधानसभा चुनाव जीते भजनलाल शर्मा सूबे के मुखिया की कमान सौंप दी थी.
इसके बाद वसुंधरा राजे की प्रधानमंत्री से नाराजगी से जुड़ी कई खबरें सामने आती रहीं. हालांकि अब इस मुलाकात ने नई सियासी बहस को जन्म दे दिया है कि क्या वसुंधरा राजे की राजस्थान या राष्ट्रीय राजनीति में फिर से किसी बड़ी भूमिका के साथ वापसी हो सकती है.