राजस्थान के भरतपुर में स्थित प्राचीन बांके बिहारी मंदिर से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है. आरोप है कि एक महिला श्रद्धालु द्वारा भगवान के मुकुट के लिए दान में चढ़ाया गया 3.65 लाख रुपये का असली हीरा गायब कर दिया गया है. परिजनों का दावा है कि असली हीरे को हटाकर उसकी जगह एक साधारण कांच का टुकड़ा लगा दिया गया है. यह मामला सामने आते ही श्रद्धालुओं की आस्था को गहरा धक्का लगा है और पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य के देवस्थान मंत्री ने तुरंत जांच के आदेश जारी कर दिए हैं.
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परिवार ने लगाया देवस्थान विभाग पर बड़ा आरोप
दानदाता परिवार की बहू कृपाली बंसल के अनुसार उनकी सास मीरा बंसल ने दिसंबर 2024 में दिल्ली के करोल बाग से यह प्रमाणित हीरा खरीदा था. उन्होंने पूरी श्रद्धा के साथ इसे मंदिर के पुजारी को सौंपा था. लेकिन छह महीने बाद जब परिवार दर्शन करने पहुंचा तो मूर्ति पर लगा पत्थर बदला हुआ दिखाई दिया. परिवार का आरोप है कि असली हीरे की जगह कांच लगा दिया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि बार-बार मांगने पर भी देवस्थान विभाग ने दान की रसीद तक नहीं दी, जबकि परिवार के पास हीरे का बिल और सर्टिफिकेट सुरक्षित है.
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विशेष जांच समिति का गठन
इस मामले ने अब पूरी तरह से तूल पकड़ लिया है और पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री तक से न्याय की गुहार लगाई है. देवस्थान विभाग के आयुक्त मुकेश मीणा ने बताया कि मामले की सच्चाई जानने के लिए एक विशेष जांच समिति का गठन कर दिया गया है. यह समिति मूर्ति पर लगे पत्थर की जांच करेगी और रिपोर्ट तैयार करेगी. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि वहां वास्तव में असली हीरा है या उसे बदला गया है. फिलहाल पुलिस में आधिकारिक मामला दर्ज नहीं हुआ है, लेकिन जांच जारी है.
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मंदिरों के चढ़ावे और व्यवस्था पर उठ रहे गंभीर सवाल
राजस्थान में बुटाटी धाम घोटाले के बाद बांके बिहारी मंदिर के इस प्रकरण ने देवस्थान विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. श्रद्धालुओं द्वारा भगवान को चढ़ाए जाने वाले कीमती सामान और चढ़ावे की सुरक्षा को लेकर अब लोग चिंतित नजर आ रहे हैं. मंदिर प्रबंधन और जिम्मेदारों की लापरवाही से भक्तों का भरोसा टूट रहा है. अब देखना यह होगा कि समिति की जांच में क्या सच्चाई निकलकर सामने आती है. फिलहाल इस पूरे मामले पर प्रदेश भर के श्रद्धालुओं और मीडिया की नजरें टिकी हुई हैं.
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