Lok sabha election 2024: देशभर में लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर उठापटक चल रही है। इसी बीच मायावती की बसपा को राजस्थान में बड़ा झटका लगा है। यहां सोमवार को जालोर-सिरोही सीट से बसपा प्रत्याशी लाल सिंह धानपुर ने अपना नामांकन वापस ले लिया। इतना ही नहीं उन्होंने सीट पर पूर्व सीएम अशोक गहलोत के बेटे और कांग्रेस प्रत्याशी वैभव गहलोत को अपना समर्थन दिया है। बता दें लाल सिंह धानपुर पहले कांग्रेस में थे, वरिष्ठ नेताओं से नाराजगी के बाद वह बसपा में चले गए थे, अब उन्होंने एक तरह से फिर अपनी 'घर' वापसी की है।
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जनसभा कर किया था चुनाव लड़ने का ऐलान
जानकारी के अनुसार आज नामांकन वापस लेने का आखिरी दिन था। लाल सिंह धानपुर अपने समर्थकों संग चुनाव अधिकारी के ऑफिस में पहुंचे और अपना पर्चा वापस ले लिया। इससे पहले कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद उन्होंने एक बड़ी जनसभा कर चुनाव लड़ने का ऐलान किया था। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कांग्रेस पार्टी द्वारा वैभव गहलोत को जालौर-सिरोही से प्रत्याशी बनाए जाने के बाद वह नाराज थे। अब अशोक गहलोत के समझाने के बाद वह मान गए हैं।
बसपा कार्यकर्ताओं ने जताई नाराजगी
लाल सिंह धानपुर के बसपा से नामांकन वापस लेने के बाद बसपा कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई है। बसपा नेताओं ने कहा कि पार्टी ने भरोसा जताते हुए धानपुर को अपना प्रत्याशी बनाया था। लाल सिंह ने दलितों को धोखा दिया है। बसपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि धानपुर को जरूर पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने बड़ा लालच दिया है, यही वजह है कि वह नामांकन करने के बाद चुनाव मैदान से भाग खड़े हुए हैं।
यह भी जानें
साल 2019 जालोर-सिरोही लोकसभा सीट चुनाव नतीजों पर नजर डालें तो यहां बीजेपी के प्रत्याशी देवजी मानसिंह राम पटेल 2,61,110 मतों से जीते थे। दूसरे नंबर पर कांग्रेस के उम्मीदवार रतन देवासी को 5,11,723 वोट मिले थे।
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जानकारी के अनुसार आज नामांकन वापस लेने का आखिरी दिन था। लाल सिंह धानपुर अपने समर्थकों संग चुनाव अधिकारी के ऑफिस में पहुंचे और अपना पर्चा वापस ले लिया। इससे पहले कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद उन्होंने एक बड़ी जनसभा कर चुनाव लड़ने का ऐलान किया था। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कांग्रेस पार्टी द्वारा वैभव गहलोत को जालौर-सिरोही से प्रत्याशी बनाए जाने के बाद वह नाराज थे। अब अशोक गहलोत के समझाने के बाद वह मान गए हैं।
बसपा कार्यकर्ताओं ने जताई नाराजगी
लाल सिंह धानपुर के बसपा से नामांकन वापस लेने के बाद बसपा कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई है। बसपा नेताओं ने कहा कि पार्टी ने भरोसा जताते हुए धानपुर को अपना प्रत्याशी बनाया था। लाल सिंह ने दलितों को धोखा दिया है। बसपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि धानपुर को जरूर पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने बड़ा लालच दिया है, यही वजह है कि वह नामांकन करने के बाद चुनाव मैदान से भाग खड़े हुए हैं।
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साल 2019 जालोर-सिरोही लोकसभा सीट चुनाव नतीजों पर नजर डालें तो यहां बीजेपी के प्रत्याशी देवजी मानसिंह राम पटेल 2,61,110 मतों से जीते थे। दूसरे नंबर पर कांग्रेस के उम्मीदवार रतन देवासी को 5,11,723 वोट मिले थे।
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