क्या था नाभा जेल ब्रेक कांड? पुलिस की वर्दी में घुसे थे बदमाश; ताबड़तोड़ फायरिंग कर छुड़ा ले गए थे 6 खूंखार गैंगस्टर

Nabha Jail Break Case: साल 2016, दिन 27 नवंबर। पूरा पंजाब एक वारदात के बाद सहम गया था। जिसके बाद पुलिस ने कई बदमाशों को एनकाउंटर में मार गिराया था। इस साजिश का खुलासा पूरी तरह आज तक नहीं हो पाया है। बताया जा रहा है कि उसके मास्टरमाइंड से अब काफी खुलासे हो सकते हैं।

Nabha Jail Break Case

Nabha Jail Case: नाभा जेल ब्रेक कांड, जिसने पंजाब में भूचाल ला दिया था। पुलिस की वर्दी में घुसे बदमाश जेल से छह खूंखार गैंगस्टर छुड़वा ले गए थे। अब पुलिस को उम्मीद है कि मास्टरमाइंड रमनजीत सिंह उर्फ रोमी के भारत आने से काफी कुछ नया सामने आएगा। पुलिस की एक टीम उसे भारत ले आई है। पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इसकी पुष्टि की है। लंगर के बहाने बदमाश जेल के अंदर घुसे थे। किसी ने इस वारदात की कल्पना भी नहीं की होगी। रोमी को हॉन्गकॉन्ग से प्रत्यर्पण किया गया है। वहां की सरकार भारत सरकार को हैंडओवर दे चुकी है। जिसके बाद से रोमी को भारत लाने की कवायद शुरू कर दी गई थी। आठ साल पहले हुई वारदात आज भी लोगों के जेहन में है। पुलिस की वर्दी में 12 बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर 6 लोगों को छुड़वा लिया था। 8 को छुड़वाना था, लेकिन 2 लोग लापरवाही के कारण भाग नहीं पाए थे।

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सेखों को छुड़ाने के लिए रची थी साजिश

अभी भी साफ नहीं हो सका है कि नाभा जेल ब्रेक में कितने बदमाश शामिल थे? अब मास्टरमाइंड रोमी के हाथ आने के बाद पंजाब पुलिस को उम्मीद है कि वारदात का खुलासा हो जाएगा। बता दें कि पंजाब का कुख्यात गुरप्रीत सेखों और उसके 5 साथी जेल में बंद थे। रोमी उसकी गैंग में शामिल था। जिसने साजिश रची और वारदात को 27 नवंबर 2016 को अंजाम दिया गया। सेखों ने इससे पहले अगस्त में रोमी को उसे जेल से भगाने और विदेश भेजने की व्यवस्था के लिए कहा था। जिसके बाद प्लानिंग के तहत पटियाला जिले की नाभा जेल पर अटैक हुआ। हमले में गुरप्रीत के अलावा खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (KLF) के चीफ हरमिंदर सिंह मिंटू को फरार करवा लिया गया था।

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फरारी के बाद इन लोगों को पासपोर्ट और कैश भी दिया गया था। लेकिन कुछ ही देर बाद पुलिस ने मिंटू को दबोच लिया था। वहीं, फरार गैंगस्टर विक्की गौंडर एनकाउंटर में मारा गया था। पंजाब पुलिस ने मामले में 30 लोगों को आरोपी बनाया था। प्लानिंग के तहत हमले से कुछ देर पहले लंगर सेवा के नाम पर गुरप्रीत सेखों, हरजिंदर सिंह उर्फ विक्की गौंडर समेत सभी 6 बदमाश मेन गेट पर आ गए थे। उसी समय हमला हुआ। 6 बदमाश भाग गए, लेकिन पुलिस ने पीछे रहे 2 बदमाशों को जेल से नहीं निकलने दिया था। जिसके बाद एक पिंदा नाम का शख्स यूपी से पकड़ा गया था।

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मैप बनाकर हुआ था हमला

उसने खुलासा किया था कि वारदात का मास्टरमाइंड रोमी है। सभी बदमाश पटियाला के पास मुदकी में इकट्ठे हुए थे। चार गाड़ियों को लूटा गया था। फिर नकली नंबर प्लेट लगाई गईं। ये नंबर प्लेट एक्टिवा और स्कूटी की थीं। जिसके बाद इन लोगों ने वर्दी पहनी। 12 लोग इन गाड़ियों में नकली पुलिसवाले बनकर जेल पहुंचे। वारदात के बाद सभी आरोपी एक साथ कैथल आए थे। फिर वहीं से अलग-अलग हुए। पिंदा लूट के मामले में नाभा जेल में रह चुका था। उसने ही जेल का मैप तैयार किया था। दूसरे बदमाश प्रेमा ने बदमाश इकट्ठा किए थे। बदमाशों को शरण असलम ने दी थी। जो सोनीपत का शूटर था। हथियार मनी नाम के शख्स ने जुटाए थे।

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