Maharashtra Gutkha Ban: महाराष्ट्र में प्रतिबंधित गुटखे और तंबाकू के अवैध कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा और सख्त कदम उठाया है. राज्य के इतिहास में यह पहली बार होने जा रहा है जब गुटखा तस्करों, निर्माताओं और सप्लायरों के खिलाफ 'मकोका' यानी महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) के तहत कार्रवाई की जाएगी. खाद्य और औषधि प्रशासन (FDA) के सख्त तेवर वाले कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं.
सिर्फ छोटे दुकानदार नहीं, पूरा सिंडिकेट नापा जाएगा
FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे के आदेश के मुताबिक, अब पुलिस और खाद्य सुरक्षा अधिकारी सिर्फ छोटी दुकानों या टपरियों पर कार्रवाई करके शांत नहीं बैठेंगे. इस बार निशाने पर गुटखा कारोबार से जुड़ा पूरा संगठित नेटवर्क है. इस नए आदेश के तहत गुटखा बनाने वाले (मैन्युफैक्चरर), सप्लायर, ट्रांसपोर्टर, तस्करी करने वाले, गोदाम मालिक, कमीशन एजेंट और इस धंधे में पैसा लगाने वाले (फाइनेंसर) सभी को मकोका के दायरे में लाया जाएगा.
बैन के बाद भी चल रहा था करोड़ों का धंधा
महाराष्ट्र में गुटखा पूरी तरह से बैन है, इसके बावजूद पड़ोसी राज्यों से बड़े पैमाने पर तस्करी कर इसे राज्य में खपाया जा रहा था. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले 10 सालों में महाराष्ट्र में गुटखा तस्करी से जुड़े 703 एफआईआर दर्ज किए जा चुके हैं. इनमें 260 मामले फैक्ट्रियों (निर्माताओं), 248 सप्लायरों और 190 ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ दर्ज हैं. अब इन पुराने और नए सभी मामलों की जांच संगठित अपराध (Organized Crime) के नजरिए से होगी ताकि आरोपियों पर मकोका लगाया जा सके.
जनता की सेहत से खिलवाड़ रोकने के लिए लिया फैसला
तुकाराम मुंढे ने अपने आदेश में संविधान के अनुच्छेद 47 का हवाला दिया है, जो कहता है कि जनता के स्वास्थ्य और जीवन स्तर को सुधारना राज्य सरकार का पहला कर्तव्य है. राज्य में शुक्रवार से ही इस अभियान को तेज कर दिया गया है. गुटखा माफियाओं को दबोचने के लिए खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और मकोका की गंभीर धाराओं का इस्तेमाल शुरू हो गया है. प्रशासन के इस कड़े रुख से अवैध गुटखा सिंडिकेट में हड़कंप मचा हुआ है.
Maharashtra Gutkha Ban: महाराष्ट्र में प्रतिबंधित गुटखे और तंबाकू के अवैध कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा और सख्त कदम उठाया है. राज्य के इतिहास में यह पहली बार होने जा रहा है जब गुटखा तस्करों, निर्माताओं और सप्लायरों के खिलाफ ‘मकोका’ यानी महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) के तहत कार्रवाई की जाएगी. खाद्य और औषधि प्रशासन (FDA) के सख्त तेवर वाले कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं.
सिर्फ छोटे दुकानदार नहीं, पूरा सिंडिकेट नापा जाएगा
FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे के आदेश के मुताबिक, अब पुलिस और खाद्य सुरक्षा अधिकारी सिर्फ छोटी दुकानों या टपरियों पर कार्रवाई करके शांत नहीं बैठेंगे. इस बार निशाने पर गुटखा कारोबार से जुड़ा पूरा संगठित नेटवर्क है. इस नए आदेश के तहत गुटखा बनाने वाले (मैन्युफैक्चरर), सप्लायर, ट्रांसपोर्टर, तस्करी करने वाले, गोदाम मालिक, कमीशन एजेंट और इस धंधे में पैसा लगाने वाले (फाइनेंसर) सभी को मकोका के दायरे में लाया जाएगा.
बैन के बाद भी चल रहा था करोड़ों का धंधा
महाराष्ट्र में गुटखा पूरी तरह से बैन है, इसके बावजूद पड़ोसी राज्यों से बड़े पैमाने पर तस्करी कर इसे राज्य में खपाया जा रहा था. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले 10 सालों में महाराष्ट्र में गुटखा तस्करी से जुड़े 703 एफआईआर दर्ज किए जा चुके हैं. इनमें 260 मामले फैक्ट्रियों (निर्माताओं), 248 सप्लायरों और 190 ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ दर्ज हैं. अब इन पुराने और नए सभी मामलों की जांच संगठित अपराध (Organized Crime) के नजरिए से होगी ताकि आरोपियों पर मकोका लगाया जा सके.
जनता की सेहत से खिलवाड़ रोकने के लिए लिया फैसला
तुकाराम मुंढे ने अपने आदेश में संविधान के अनुच्छेद 47 का हवाला दिया है, जो कहता है कि जनता के स्वास्थ्य और जीवन स्तर को सुधारना राज्य सरकार का पहला कर्तव्य है. राज्य में शुक्रवार से ही इस अभियान को तेज कर दिया गया है. गुटखा माफियाओं को दबोचने के लिए खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और मकोका की गंभीर धाराओं का इस्तेमाल शुरू हो गया है. प्रशासन के इस कड़े रुख से अवैध गुटखा सिंडिकेट में हड़कंप मचा हुआ है.