औरंगजेब, वक्फ बोर्ड और नागपुर हिंसा जैसे मुद्दे महाराष्ट्र की सियासत में उबाल मार रहे हैं। हाल ही में शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने इसे लेकर सत्तापक्ष पर निशाना साधा था। संजय राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि जब वो करीना और सैफ से मिले तो उनको तैमूर की ज्यादा चिंता थी। साथ ही उन्होंने नागपुर हिंसा में हिन्दुओं के शामिल होने का दावा किया। वहीं अब शिवसेना (शिंदे) गुट के नेता संजय निरुपम ने उन पर पलटवार किया है।
नागपुर हिंसा पर दिया जवाब
मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संजय निरुपम ने कहा कि मुझे नहीं पता संजय राउत को यह जानकारी करीना ने दी या तैमूर ने। मगर अब लगता है कि संजय राउत और शिवसेना (यूबीटी) को राज्य के तैमूरों की ज्यादा चिंता है। नागपुर हिंसा में हिन्दुओं की भूमिका का मैं सिरे से विरोध करता हूं। इस हिंसा में शामिल सभी लोग मोमिपुरा के मुसलमान थे। फहीम खान और उसका मेंटर सोशल मीडिया पर फंड इक्कठा करते थे। उनके समर्थन में उद्धव ठाकरे का पूरा खानदान खड़ा हो गया। बहुत जल्द उद्धव के नए भगवान भी औरंगजेब होंगे।
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उद्धव ठाकरे पर साधा निशाना
संजय निरुपम ने उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि बहुत जल्द मातोश्री में बालासाहेब ठाकरे के साथ औरंगजेब की भी तस्वीर लगेगी। अगर वो मुस्लिम वोट बैंक के चक्कर में ऐसे ही अपना कार्यक्रम जारी रखेंगे तो उनको आगामी चुनाव में भी जोरदार झटका लगेगा। नागपुर हिंसा में शामिल दंगाईयों पर बुलडोजर कार्रवाई होनी चाहिए। उनका घर, मकान, दुकान सब तोड़ देना चाहिए। वक्फ बोर्ड ने इस्लाम के नाम पर लाखों एकड़ जमीन पर कब्जा कर रखा है। उद्धव ठाकरे को मजबूरी में वक्फ के खिलाफ बोलना पड़ रहा है।
अजित पवार के बयान पर सफाई
अजित पवार ने भी इफ्तार पार्टी में मुस्लिमों का समर्थन किया था। इस पर जवाब देते हुए संजय निरुपम ने कहा कि मैं अजित पवार के भाषण में थोड़ा सा सुधार करना चाहूंगा। जो मुस्लिम देश भक्त हैं और मुजाहिद्दीन नहीं है, हम उनके साथ खड़े हैं। लेकिन दंगा भड़काने वाले मुस्लिमों पर हम आंख उठाएंगे और अजित पवार भी हमें नहीं रोक पाएंगे।
सुशांत के केस पर तोड़ी चुप्पी
सुशांत सिंह राजपूत की क्लोजर रिपोर्ट पर चुप्पी तोड़ते हुए संजय निरुपम ने कहा कि सुशांत सिंह राजपूत मामले में CBI ने जो रिपोर्ट दी है उसका स्वागत किया जाना चाहिए, लेकिन दिशा सालियन के इस केस को सुशांत से नहीं जोड़ना चाहिए वो अलग मामला है। दिशा सालियन केस की जांच नए सिरे से होनी चाहिए, फिर से केस ओपन होना चाहिए।
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