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महाराष्ट्र में ‘हिंदी भाषा’ को लेकर घमासान, मंत्री ने ‘अजान’ पर दिया विवादित बयान

महाराष्ट्र सरकार ने स्कूलों में हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में अनिवार्य कर दिया है। इसके बाद से विपक्ष दल सरकार के इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं।

महाराष्ट्र की देवेंद्र फडनवीस की सरकार में मत्स्य पालन और बंदरगाह मंत्री नितेश राणे अक्सर अपने बयान को लेकर विवादों में घिरे रहते हैं। एक बार फिर उन्होंने विवादित बयान दिया है। दरअसल, महाराष्ट्र सरकार ने स्कूलों में हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में अनिवार्य कर दिया है। इसे लेकर शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में कुछ दल विरोध मार्च निकाल रहे हैं।

मोहम्मद अली रोड या बेहरामपराड़ा से करें विरोध

इस लेकर रविवार को कुछ मीडियाकर्मियों ने मंत्री नितेश राणे से बात की। इस दौरान उन्होंने कहा, ‘जावेद अख्तर, आमिर खान और राहुल को हिंदी थोपने से कोई परेशानी क्यों नहीं है? अगर सब ठीक है तो उन्हें मराठी में बोलने के लिए कहिए। इन सभी को मोहम्मद अली रोड या बेहरामपराड़ा से अपना विरोध करने के लिए कहिए।’

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‘अजान’ मराठी में पढ़वाएं

उन्होंने आगे कहा कि अगर इन लोगों को मराठी से प्यार है तो कल मस्जिद से से होने वाली अजान को मराठी में पढ़वाएं। इसके बाद हम मानेंगे कि उन्हें मराठी भाषा से प्यार है। असल में बात यह है कि विपक्ष को कोई मुद्दा नहीं मिल रहा है।

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भाषा के मुद्दे पर हिंदुओं को बांटने की कोशिश

मंत्री नितेश राणे ने कहा कि महाराष्ट्र में हिंदी अनिवार्य नहीं है। हम इसका पहले से विरोध करते रहे हैं। इसे हम छाती पर लिखकर नहीं घूम सकते हैं। महाराष्ट्र सरकार ने स्कूलों में हिंदी को पढ़ाने के लिए तीसरी भाषा के रूप में अनिवार्य किया है। इसे विपक्ष बेवजह तूल दे रहा है। ये केवल भाषा के मुद्दे पर हिंदुओं को बांटना चाहते हैं।

First published on: Jun 29, 2025 05:09 PM

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