नई दिल्ली: महाराष्ट्र की सियासत में रविवार को एक बार फिर भूचाल आया। एनसीपी के लगभग 40 नेताओं के साथ विपक्ष के नेता अजित पवार शिंदे सरकार में शामिल हो गए। अजित को उप-मुख्यमंत्री बनाया गया है। उनके साथ एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल भी एनडीए में शामिल हो गए हैं।
मुझे खुशी है कि मेरे कुछ साथियों ने शपथ ली है
सियासी भूचाल के बाद एनसीपी अध्यक्ष
शरद पवार ने मीडिया से कहा- दो दिन पहले पीएम ने एनसीपी को लेकर कहा था। उन्होंने अपने बयान में दो बातें कही थीं कि एनसीपी एक खत्म हो चुकी पार्टी है। उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोपों का जिक्र किया। मुझे खुशी है कि मेरे कुछ साथियों ने शपथ ली है। एनडीए सरकार में शामिल होने से यह स्पष्ट है कि सभी आरोप मुक्त हो गए हैं। मैं उनका आभारी हूं।
https://twitter.com/ANI/status/1675464418849587202
आज जो कुछ भी हुआ मुझे उसकी चिंता नहीं है
पवार ने आगे कहा- मेरे कुछ सहयोगियों ने अलग रुख अपनाया है। मैंने 6 जुलाई को सभी नेताओं की एक बैठक बुलाई थी जहां कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होनी थी और पार्टी के भीतर कुछ बदलाव किए जाने थे, लेकिन उससे पहले बैठक में कुछ नेताओं ने अलग रुख अपना लिया। मुझे बहुत से लोगों से फोन आ रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अन्य लोगों ने मुझे फोन किया है। आज जो कुछ भी हुआ मुझे उसकी चिंता नहीं है। कल, मैं एक सार्वजनिक बैठक करूंगा।
https://twitter.com/ANI/status/1675468571332444161
प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे के खिलाफ लेंगे एक्शन
पवार ने आगे कहा- हम पार्टी को फिर से मजबूत करने के लिए काम करेंगे। बागी नेताओं के खिलाफ किसी भी कार्रवाई पर फैसला लेने के लिए विधायक और सभी वरिष्ठ नेता एक साथ बैठेंगे। अध्यक्ष होने के नाते मैंने प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे को नियुक्त किया था, लेकिन उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों का पालन नहीं किया। इसलिए मुझे उनके खिलाफ कुछ कार्रवाई करनी होगी। बता दें कि शरद पवार ने हाल ही राज्यसभा सांसद प्रफुल्ल पटेल को कार्यकारी अध्यक्ष और लोकसभा सांसद सुनील तटकरे को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी थी।
यह भी पढ़ें: ये है महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्रियों की लिस्ट; सबसे ज्यादा 10 बार NCP के डिप्टी सीएम, अजित पवार 5वीं बार
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कुछ लोग असहज महसूस करने लगे थे
पवार ने आगे कहा- मैं ये कभी नहीं कहूंगा कि मेरा घर बंट गया है, ये मसला मेरे घर का नहीं है, ये लोगों का मसला है। मुझे उन लोगों के भविष्य की चिंता है जो चले गए। मैं इसका श्रेय पीएम मोदी को देना चाहता हूं। दो दिन पहले उन्होंने बयान दिया था और उस बयान के बाद कुछ लोग असहज महसूस करने लगे थे, उनमें से कुछ को ईडी की कार्रवाई का सामना भी करना पड़ रहा था। शरद पवार ने कहा- यह छोटी बात नहीं है। ये 'गुगली' नहीं, लूट है। जब एनसीपी प्रमुख शरद पवार से पूछा गया कि पार्टी का विश्वसनीय चेहरा कौन होगा, तो उन्होंने अपना हाथ उठाया और कहा "शरद पवार।" पवार ने आगे कहा- पीएम मोदी ने एनसीपी पर आरोप लगाते हुए कहा था कि पार्टी के नेता भ्रष्टाचार में लिप्त हैं और सिंचाई घोटाले में शामिल हैं। आज ये साबित हो गया कि पीएम मोदी ने जो आरोप लगाए थे वो गलत थे। मेरा मानना है कि यह कार्रवाई एजेंसियों का उपयोग करके की गई है क्योंकि हमारे 6-7 नेताओं के खिलाफ मामले हैं।
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नई दिल्ली: महाराष्ट्र की सियासत में रविवार को एक बार फिर भूचाल आया। एनसीपी के लगभग 40 नेताओं के साथ विपक्ष के नेता अजित पवार शिंदे सरकार में शामिल हो गए। अजित को उप-मुख्यमंत्री बनाया गया है। उनके साथ एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल भी एनडीए में शामिल हो गए हैं।
मुझे खुशी है कि मेरे कुछ साथियों ने शपथ ली है
सियासी भूचाल के बाद एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने मीडिया से कहा- दो दिन पहले पीएम ने एनसीपी को लेकर कहा था। उन्होंने अपने बयान में दो बातें कही थीं कि एनसीपी एक खत्म हो चुकी पार्टी है। उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोपों का जिक्र किया। मुझे खुशी है कि मेरे कुछ साथियों ने शपथ ली है। एनडीए सरकार में शामिल होने से यह स्पष्ट है कि सभी आरोप मुक्त हो गए हैं। मैं उनका आभारी हूं।
आज जो कुछ भी हुआ मुझे उसकी चिंता नहीं है
पवार ने आगे कहा- मेरे कुछ सहयोगियों ने अलग रुख अपनाया है। मैंने 6 जुलाई को सभी नेताओं की एक बैठक बुलाई थी जहां कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होनी थी और पार्टी के भीतर कुछ बदलाव किए जाने थे, लेकिन उससे पहले बैठक में कुछ नेताओं ने अलग रुख अपना लिया। मुझे बहुत से लोगों से फोन आ रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अन्य लोगों ने मुझे फोन किया है। आज जो कुछ भी हुआ मुझे उसकी चिंता नहीं है। कल, मैं एक सार्वजनिक बैठक करूंगा।
प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे के खिलाफ लेंगे एक्शन
पवार ने आगे कहा- हम पार्टी को फिर से मजबूत करने के लिए काम करेंगे। बागी नेताओं के खिलाफ किसी भी कार्रवाई पर फैसला लेने के लिए विधायक और सभी वरिष्ठ नेता एक साथ बैठेंगे। अध्यक्ष होने के नाते मैंने प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे को नियुक्त किया था, लेकिन उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों का पालन नहीं किया। इसलिए मुझे उनके खिलाफ कुछ कार्रवाई करनी होगी। बता दें कि शरद पवार ने हाल ही राज्यसभा सांसद प्रफुल्ल पटेल को कार्यकारी अध्यक्ष और लोकसभा सांसद सुनील तटकरे को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी थी।
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कुछ लोग असहज महसूस करने लगे थे
पवार ने आगे कहा- मैं ये कभी नहीं कहूंगा कि मेरा घर बंट गया है, ये मसला मेरे घर का नहीं है, ये लोगों का मसला है। मुझे उन लोगों के भविष्य की चिंता है जो चले गए। मैं इसका श्रेय पीएम मोदी को देना चाहता हूं। दो दिन पहले उन्होंने बयान दिया था और उस बयान के बाद कुछ लोग असहज महसूस करने लगे थे, उनमें से कुछ को ईडी की कार्रवाई का सामना भी करना पड़ रहा था। शरद पवार ने कहा- यह छोटी बात नहीं है। ये ‘गुगली’ नहीं, लूट है। जब एनसीपी प्रमुख शरद पवार से पूछा गया कि पार्टी का विश्वसनीय चेहरा कौन होगा, तो उन्होंने अपना हाथ उठाया और कहा “शरद पवार।” पवार ने आगे कहा- पीएम मोदी ने एनसीपी पर आरोप लगाते हुए कहा था कि पार्टी के नेता भ्रष्टाचार में लिप्त हैं और सिंचाई घोटाले में शामिल हैं। आज ये साबित हो गया कि पीएम मोदी ने जो आरोप लगाए थे वो गलत थे। मेरा मानना है कि यह कार्रवाई एजेंसियों का उपयोग करके की गई है क्योंकि हमारे 6-7 नेताओं के खिलाफ मामले हैं।
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