Arif Khan
आरिफ खान मंसूरी को डिजिटल मीडिया में करीब 15 वर्षों का अनुभव है . वर्तमान में न्यूज24 की डिजिटल विंग में कार्यरत हैं. इससे पहले देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं.
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पुणे के मशहूर रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस अब विज्ञान का सहारा लेने जा रही है. इस मामले में एक बड़ा मोड़ तब आया जब मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने लाइ डिटेक्टर टेस्ट कराने के लिए अपनी सहमति दे दी. लोनावला ग्रामीण पुलिस ने अब इस टेस्ट को कराने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है.
केतन अग्रवाल की इसी साल फरवरी में सिया गोयल से सगाई हुई थी और नवंबर में दोनों की शादी होने वाली थी. लेकिन पुलिस के मुताबिक, सिया इस शादी को नहीं चाहती थी क्योंकि वह चेतन चौधरी से प्यार करती थी. आरोप है कि शादी से बचने के लिए सिया और चेतन ने मिलकर एक खौफनाक साजिश रची. 18 जून को पुणे के पास लोहागढ़ किले पर घूमने के दौरान केतन अग्रवाल को करीब 400 मीटर गहरी खाई में कथित तौर पर धक्का दे दिया गया, जिससे उनकी मौत हो गई.
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केतन अग्रवाल मर्डर केस पूरी तरह से परिस्थितियों और तकनीकी सबूतों पर टिका हुआ है, जिसके कारण पुलिस के सामने कई बड़ी चुनौतियां हैं. जिस पहाड़ी और खाई से केतन गिरे, वहां न तो कोई चश्मदीद गवाह है और न ही कोई सीसीटीवी कैमरा. इसके अलावा, आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए वारदात के पहले और बाद के सारे मोबाइल डेटा और कॉल रिकॉर्ड्स डिलीट कर दिए थे, यहां तक कि उन्होंने फोन के रीसायकल बिन को भी साफ कर दिया था. वहीं, शादी की प्लानिंग को लेकर आरोपियों और उनके परिजनों के बयानों में काफी अंतर है. ऐसे में सच सामने लाने के लिए पुलिस इनका पॉलीग्राफ टेस्ट करा रही है.
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कानूनी तौर पर पॉलीग्राफ टेस्ट के नतीजों को अदालत में सीधे तौर पर मुख्य सबूत नहीं माना जाता है. हालांकि, जांच अधिकारियों के लिए यह एक बड़ा हथियार होता है. टेस्ट के दौरान जब आरोपी से सवाल पूछे जाते हैं, तो मशीन उसके दिल की धड़कन, ब्लड प्रेशर, सांस लेने के पैटर्न और पसीने के स्तर को रिकॉर्ड करती है. इससे पुलिस को झूठ पकड़ने और मामले में नए सुराग ढूंढने में मदद मिलती है.
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किसी भी आरोपी का पॉलीग्राफ, नार्को या ब्रेन-मैपिंग टेस्ट उसकी मर्जी के बिना नहीं किया जा सकता. यही वजह है कि पुलिस को इस टेस्ट के लिए सिया और चेतन की लिखित सहमति लेनी पड़ी है. दोनों आरोपी फिलहाल 3 जुलाई तक पुलिस कस्टडी में हैं.
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