महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले से शिक्षा व्यवस्था को झकझोर देने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है. BA (प्रशासनिक सेवा) की परीक्षा के दौरान खुलेआम नकल का वीडियो वायरल होने के बाद पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं. मामला कविकुलगुरु कालिदास संस्कृत विश्वविद्यालय से संबद्ध मूल स्थित सर्वोदय महाविद्यालय का बताया जा रहा है.
मोबाइल से नकल, गूगल से ढूंढे जा रहे थे जवाब
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि परीक्षा केंद्र पर छात्र बिना किसी डर के मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं. कई छात्र गूगल पर सवालों के जवाब सर्च कर पेपर हल करते नजर आए. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि परीक्षा केंद्र पर नकल रोकने के बजाय इसे नजरअंदाज किया जा रहा था.
300 रुपये लेकर नकल की ‘छूट’ देने का आरोप
मामले में गंभीर आरोप यह भी है कि कुछ शिक्षकों द्वारा प्रति छात्र करीब 300 रुपये लेकर नकल करने की खुली छूट दी जा रही थी. यह वीडियो 22 अप्रैल का बताया जा रहा है, जिसने पूरे मामले को और भी संवेदनशील बना दिया है.
400 छात्रों की परीक्षा, लेकिन अव्यवस्था का आलम
जानकारी के अनुसार, इस केंद्र पर BA प्रशासनिक सेवा के प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष की परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं, जिसमें लगभग 400 छात्र शामिल हैं. लेकिन व्यवस्थाओं की हालत बेहद खराब बताई जा रही है.
- एक ही बेंच पर तीन-तीन छात्र बैठे दिखाई दिए
- कई छात्रों को जमीन पर बैठकर परीक्षा देनी पड़ी
- शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव बताया गया
- 15 अप्रैल से शुरू होकर 8 मई तक चलने वाली इस परीक्षा के लिए ऐसे केंद्र का चयन किया जाना भी सवालों के घेरे में है.
नकल के लिए पैसे न देने वाले छात्रों ने किया खुलासा
सूत्रों के मुताबिक, कुछ छात्रों ने नकल के लिए पैसे देने से इनकार कर दिया और परीक्षा केंद्र छोड़ दिया. इन्हीं छात्रों ने पूरे मामले का खुलासा किया, जिसके बाद यह वीडियो सामने आया.
जांच के आदेश, केंद्र बंद होने के संकेत
मामले के उजागर होते ही विश्वविद्यालय प्रशासन हरकत में आ गया है. सहायक कुलसचिव सुमित कठाले के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद कुलगुरु डॉ. अतुल वैद्य की अनुमति से जांच टीम गठित कर दी गई है, जिसे मौके पर भेजा गया है. जांच के आधार पर इस परीक्षा केंद्र को बंद करने की भी संभावना जताई जा रही है.
शिक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
एक ओर सरकार नकलमुक्त परीक्षा की बात करती है, वहीं दूसरी ओर इस तरह की घटनाएं व्यवस्था की साख को गहरा आघात पहुंचा रही हैं. यदि इसी तरह छात्र परीक्षा पास करेंगे, तो भविष्य में प्रशासनिक पदों पर उनकी क्षमता और जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठना लाजिमी है.
महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले से शिक्षा व्यवस्था को झकझोर देने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है. BA (प्रशासनिक सेवा) की परीक्षा के दौरान खुलेआम नकल का वीडियो वायरल होने के बाद पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं. मामला कविकुलगुरु कालिदास संस्कृत विश्वविद्यालय से संबद्ध मूल स्थित सर्वोदय महाविद्यालय का बताया जा रहा है.
मोबाइल से नकल, गूगल से ढूंढे जा रहे थे जवाब
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि परीक्षा केंद्र पर छात्र बिना किसी डर के मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं. कई छात्र गूगल पर सवालों के जवाब सर्च कर पेपर हल करते नजर आए. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि परीक्षा केंद्र पर नकल रोकने के बजाय इसे नजरअंदाज किया जा रहा था.
300 रुपये लेकर नकल की ‘छूट’ देने का आरोप
मामले में गंभीर आरोप यह भी है कि कुछ शिक्षकों द्वारा प्रति छात्र करीब 300 रुपये लेकर नकल करने की खुली छूट दी जा रही थी. यह वीडियो 22 अप्रैल का बताया जा रहा है, जिसने पूरे मामले को और भी संवेदनशील बना दिया है.
400 छात्रों की परीक्षा, लेकिन अव्यवस्था का आलम
जानकारी के अनुसार, इस केंद्र पर BA प्रशासनिक सेवा के प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष की परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं, जिसमें लगभग 400 छात्र शामिल हैं. लेकिन व्यवस्थाओं की हालत बेहद खराब बताई जा रही है.
- एक ही बेंच पर तीन-तीन छात्र बैठे दिखाई दिए
- कई छात्रों को जमीन पर बैठकर परीक्षा देनी पड़ी
- शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव बताया गया
- 15 अप्रैल से शुरू होकर 8 मई तक चलने वाली इस परीक्षा के लिए ऐसे केंद्र का चयन किया जाना भी सवालों के घेरे में है.
नकल के लिए पैसे न देने वाले छात्रों ने किया खुलासा
सूत्रों के मुताबिक, कुछ छात्रों ने नकल के लिए पैसे देने से इनकार कर दिया और परीक्षा केंद्र छोड़ दिया. इन्हीं छात्रों ने पूरे मामले का खुलासा किया, जिसके बाद यह वीडियो सामने आया.
जांच के आदेश, केंद्र बंद होने के संकेत
मामले के उजागर होते ही विश्वविद्यालय प्रशासन हरकत में आ गया है. सहायक कुलसचिव सुमित कठाले के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद कुलगुरु डॉ. अतुल वैद्य की अनुमति से जांच टीम गठित कर दी गई है, जिसे मौके पर भेजा गया है. जांच के आधार पर इस परीक्षा केंद्र को बंद करने की भी संभावना जताई जा रही है.
शिक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
एक ओर सरकार नकलमुक्त परीक्षा की बात करती है, वहीं दूसरी ओर इस तरह की घटनाएं व्यवस्था की साख को गहरा आघात पहुंचा रही हैं. यदि इसी तरह छात्र परीक्षा पास करेंगे, तो भविष्य में प्रशासनिक पदों पर उनकी क्षमता और जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठना लाजिमी है.