मुंबई में सड़क पर मंत्री से क्यों भिड़ गई थी महिला? खरी खोटी सुनाते हुए हुआ था VIDEO वायरल, सामने आया सच
मुंबई के वर्ली में बीजेपी मार्च के दौरान ट्रैफिक जाम में फंसी महिला का वीडियो वायरल. बेटे की चिंता में मंत्री और पुलिस पर भड़की महिला, मामले पर सियासत भी तेज. पढ़िए मुंबई से इंद्रजीत सिंह की रिपोर्ट.
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वायरल वीडियो का संदर्भ
मुंबई के वर्ली में बीजेपी के मार्च के कारण लगे ट्रैफिक जाम में फंसी एक महिला का वीडियो वायरल हुआ।
महिला ने कैबिनेट मंत्री गिरीश महाजन और पुलिस पर अपने बेटे की चिंता में गुस्सा निकाला।
बीजेपी का मार्च केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में पेश महिला आरक्षण संशोधन बिल के खारिज होने के बाद विपक्ष के खिलाफ प्रदर्शन के रूप में आयोजित किया गया था।
घटना के बाद की प्रतिक्रियाएँ
मंत्री गिरीश महाजन ने लोगों को हुई परेशानी के लिए खेद व्यक्त किया लेकिन महिला की भाषा को गलत बताया।
केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में पेश महिला आरक्षण संशोधन बिल खारिज होने के बाद से बीजेपी पूरे देश में विपक्ष के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है. इसी क्रम में बीजेपी ने मुंबई के वर्ली में एक मार्च निकाला. लेकिन इस मार्च की वजह से लगे ट्रैफिक जाम के बीच एक महिला का वीडियो खूब वायरल हुआ ,वीडियो में महिला कैबिनेट मंत्री गिरीश महाजन और पुलिस को खरी-खोटी सुनाते दिखाई दी. इसके बाद महिला को कुछ लोग ट्रोल कर रहे हैं कुछ महिला के साथ खड़े हैं उसकी बहादुरी की तारीफ कर रहे हैं तो कुछ विरोध कर रहे हैं इस बीच मंत्री गिरीश महाजन ने भी इस पर रिएक्शन दिया है और लोगों को हुई परेशानी के लिए खेद व्यक्त किया है साथ ही महिला की भाषा को गलत बताया है.
क्यों गुस्साई महिला
अब जो सच्चाई सामने आई है उसमें गुस्से के पीछे एक बच्चे की मां दर्द छुपा है। उसने अपने बेटे की खातिर निडर होकर सबका सामना किया. दरअसल वर्ली के जंबूरी मैदान से शुरू हुआ बीजेपी का यह मार्च वर्ली डोम तक गया. इस मार्च की वजह से जंबूरी मैदान इलाके में बहुत बड़ा ट्रैफिक जाम लग गया. इससे वर्ली और आस-पास के इलाकों के लोगों के रोजाना के कामों में रुकावट आई. इसके अलावा, बहुत से अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल से लाने वाली स्कूल बस ढूंढ रहे थे. संबंधित महिला भी अपने बच्चे को लेने वर्ली इलाके में आई थी. लेकिन, BJP मार्च की वजह से लगे ट्रैफिक जाम की वजह से संबंधित महिला को अपने बच्चे की स्कूल बस नहीं दिखी, वह लगभग 1 घंटे तक ट्रैफिक जाम में फंसी रही, उसे चिंता थी कि बस आगे बढ़ेगी या नहीं? उसका बेटा कहां है? इस चिंता ने महिला को गुस्सा दिला दिया. इसलिए, न सिर्फ एक महिला होने के नाते बल्कि एक बच्चे की मां होने के नाते, उसने बिना किसी झिझक के हालात और संबंधित मार्च की लीडरशिप पर अपना गुस्सा जाहिर किया. दिलचस्प बात यह है कि उस महिला ने पुलिस से भी संपर्क किया था और विरोध प्रदर्शन के नेताओं से शिकायत की थी. लेकिन, जब उन्हें कोई जवाब नहीं मिला, तो उनका गुस्सा बढ़ गया और मंत्री को लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा.
सियासत भी शुरू
कांग्रेस के महाराष्ट्र अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने महिला की तारीफ करते हुए कहा है कि महिला को मोर्चे से परेशानी हुई इसलिए गुस्सा जाहिर किया लेकिन अपनी किरकिरी होने के बाद अब भाजपा के लोग इस मोर्चे की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों को ही धमका रहे हैं. यह वीडियो कांग्रेस के ट्विटर हैंडल से भी पोस्ट किया गया था और यह कांग्रेस तक कैसे पहुंचा, इसकी पूछताछ की जा रही है. लेकिन कांग्रेस ऐसी धमकियों से डरने वाली नहीं है.
वहीं आम आदमी पार्टी ने भाजपा के विरोध को फर्जी बताते हुए आवाज उठाने वाली महिला की प्रशंसा की।आप ने पूछा है जब सभी को आजाद मैदान में विरोध प्रदर्शन करने के लिए कहा जा रहा है, तब भाजपा को सड़कें जाम करने की अनुमति क्यों दी गई?
केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में पेश महिला आरक्षण संशोधन बिल खारिज होने के बाद से बीजेपी पूरे देश में विपक्ष के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है. इसी क्रम में बीजेपी ने मुंबई के वर्ली में एक मार्च निकाला. लेकिन इस मार्च की वजह से लगे ट्रैफिक जाम के बीच एक महिला का वीडियो खूब वायरल हुआ ,वीडियो में महिला कैबिनेट मंत्री गिरीश महाजन और पुलिस को खरी-खोटी सुनाते दिखाई दी. इसके बाद महिला को कुछ लोग ट्रोल कर रहे हैं कुछ महिला के साथ खड़े हैं उसकी बहादुरी की तारीफ कर रहे हैं तो कुछ विरोध कर रहे हैं इस बीच मंत्री गिरीश महाजन ने भी इस पर रिएक्शन दिया है और लोगों को हुई परेशानी के लिए खेद व्यक्त किया है साथ ही महिला की भाषा को गलत बताया है.
क्यों गुस्साई महिला
अब जो सच्चाई सामने आई है उसमें गुस्से के पीछे एक बच्चे की मां दर्द छुपा है। उसने अपने बेटे की खातिर निडर होकर सबका सामना किया. दरअसल वर्ली के जंबूरी मैदान से शुरू हुआ बीजेपी का यह मार्च वर्ली डोम तक गया. इस मार्च की वजह से जंबूरी मैदान इलाके में बहुत बड़ा ट्रैफिक जाम लग गया. इससे वर्ली और आस-पास के इलाकों के लोगों के रोजाना के कामों में रुकावट आई. इसके अलावा, बहुत से अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल से लाने वाली स्कूल बस ढूंढ रहे थे. संबंधित महिला भी अपने बच्चे को लेने वर्ली इलाके में आई थी. लेकिन, BJP मार्च की वजह से लगे ट्रैफिक जाम की वजह से संबंधित महिला को अपने बच्चे की स्कूल बस नहीं दिखी, वह लगभग 1 घंटे तक ट्रैफिक जाम में फंसी रही, उसे चिंता थी कि बस आगे बढ़ेगी या नहीं? उसका बेटा कहां है? इस चिंता ने महिला को गुस्सा दिला दिया. इसलिए, न सिर्फ एक महिला होने के नाते बल्कि एक बच्चे की मां होने के नाते, उसने बिना किसी झिझक के हालात और संबंधित मार्च की लीडरशिप पर अपना गुस्सा जाहिर किया. दिलचस्प बात यह है कि उस महिला ने पुलिस से भी संपर्क किया था और विरोध प्रदर्शन के नेताओं से शिकायत की थी. लेकिन, जब उन्हें कोई जवाब नहीं मिला, तो उनका गुस्सा बढ़ गया और मंत्री को लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा.
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सियासत भी शुरू
कांग्रेस के महाराष्ट्र अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने महिला की तारीफ करते हुए कहा है कि महिला को मोर्चे से परेशानी हुई इसलिए गुस्सा जाहिर किया लेकिन अपनी किरकिरी होने के बाद अब भाजपा के लोग इस मोर्चे की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों को ही धमका रहे हैं. यह वीडियो कांग्रेस के ट्विटर हैंडल से भी पोस्ट किया गया था और यह कांग्रेस तक कैसे पहुंचा, इसकी पूछताछ की जा रही है. लेकिन कांग्रेस ऐसी धमकियों से डरने वाली नहीं है.
वहीं आम आदमी पार्टी ने भाजपा के विरोध को फर्जी बताते हुए आवाज उठाने वाली महिला की प्रशंसा की।आप ने पूछा है जब सभी को आजाद मैदान में विरोध प्रदर्शन करने के लिए कहा जा रहा है, तब भाजपा को सड़कें जाम करने की अनुमति क्यों दी गई?