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MP-छत्तीसगढ़ में फिर बदला मौसम, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; 40 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मध्य प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो गया है. मौसम विभाग ने 16 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. कई इलाकों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है.

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मध्य प्रदेश में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है. मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को दक्षिण छत्तीसगढ़ और उसके आसपास का क्षेत्र अभी भी सक्रिय है. इसके साथ ही करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) भी बना हुआ है. अगले 24 घंटे में यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में दक्षिण छत्तीसगढ़ और विदर्भ की ओर बढ़ सकता है.

16 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, धार, उज्जैन, देवास, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट और पांढुर्णा में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. इन जिलों में 64.5 से 115.5 मिलीमीटर तक बारिश होने की संभावना है. इस दौरान बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है.

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इन इलाकों में भी बारिश के आसार

भोपाल, विदिशा, रायसेन, रतलाम, उज्जैन, शाजापुर, अनूपपुर, डिंडोरी, जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला, दमोह, छतरपुर और टीकमगढ़ में कई जगहों पर बारिश हो सकती है. वहीं राजगढ़, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, शहडोल, उमरिया, कटनी, पन्ना, निवाड़ी और मैहर में कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है. प्रदेश के बड़े हिस्से में बिजली गिरने और तेज हवाओं को लेकर भी अलर्ट किया गया है. भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, चंबल, रीवा, शहडोल, जबलपुर और सागर संभाग में आंधी-तूफान के साथ बिजली चमकने की संभावना है.

पिछले 24 घंटे में इन इलाकों में हुई बारिश

शनिवार सुबह 8:30 बजे तक पिछले 24 घंटों में मलाजखंड में सबसे ज्यादा 56.8 मिलीमीटर बारिश हुई. इसके अलावा दतिया में 33.8, खजुराहो में 33, उमरिया में 32.6, टीकमगढ़ में 32, सिवनी में 26.8, श्योपुर में 24.2, रीवा में 19.2 और नौगांव में 16.2 मिलीमीटर बारिश हुई. मौसम विभाग के मुताबिक मानसून ट्रफ जैसलमेर, राजगढ़ और बैतूल होते हुए दक्षिण छत्तीसगढ़ में बने कम दबाव वाले क्षेत्र तक सक्रिय है. यह आगे गोपालपुर से होते हुए बंगाल की खाड़ी के पूर्व-मध्य हिस्से तक फैला हुआ है. इसके अलावा दक्षिण कोंकण और उससे मिले हुए पूर्व-मध्य अरब सागर के ऊपर भी ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है.

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First published on: Sep 12, 2026 06:31 PM

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