मध्य प्रदेश में OBC आरक्षण और सरकारी भर्तियों को लेकर सियासत फिर गरमा गई है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से प्रदेश में 27 प्रतिशत OBC आरक्षण को पूरी तरह लागू करने और चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग की है. राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों और नौकरी के उम्मीदवारों का समय लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया के इंतजार में बीत रहा है, इसलिए सरकार को इस मामले में जल्द निर्णय लेना चाहिए.
राहुल गांधी ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए यह मुद्दा उठाया. उन्होंने इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में OBC छात्रों की ओर से उठाई गई समस्याओं का हवाला दिया. राहुल गांधी के मुताबिक, छात्रों ने बताया कि 27 प्रतिशत OBC आरक्षण के तहत चयन प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद 13 प्रतिशत पदों पर नियुक्तियां लंबे समय से लंबित हैं.
चार साल से नियुक्ति का इंतजार
राहुल गांधी ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी कर चुके अभ्यर्थियों को नियुक्ति के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं कराया जाना चाहिए. उन्होंने CM मोहन यादव से छात्रों की बात सुनने और लंबित नियुक्तियों को जल्द पूरा करने की अपील की. उन्होंने यह भी कहा कि OBC आरक्षण के मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों के बीच बनी सहमति का सम्मान करते हुए 27 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जाना चाहिए. राहुल गांधी ने चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति देने की भी मांग की.
हालांकि, OBC आरक्षण से जुड़े 13 प्रतिशत पदों का मामला कानूनी विवाद से भी जुड़ा हुआ है. मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल की कुछ भर्ती प्रक्रियाओं में 13 प्रतिशत पदों को न्यायालय के निर्देशों के अधीन रखा गया है. आधिकारिक दस्तावेजों में कुछ भर्तियों के लिए 13 प्रतिशत हिस्से की अलग आरक्षण तालिका भी जारी की गई है.
‘छात्रों की गूंज’ में उठे कई मुद्दे
राहुल गांधी का यह बयान उनके इंदौर दौरे के दौरान आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के बाद आया है. 19 सितंबर को हुए इस कार्यक्रम में छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों ने पेपर लीक, सरकारी भर्तियों में देरी, आरक्षण, छात्रवृत्ति, हॉस्टल और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं सामने रखी थीं.