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सीएम को काले झंडे दिखाने के विरोध में नाबालिग को जेल, छूटी 12वीं की परीक्षा; छात्र बोला- गुस्साए कलेक्टर ने डंडे से पीटा

अजब एमपी की गजब पुलिस, यह कहावत शहडोल जिले से सामने आए एक हैरान कर देने वाले मामले पर बिल्कुल सटीक बैठती है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के शहडोल दौरे के दौरान हुए काले झंडे के विरोध के बाद बुढार पुलिस की कार्रवाई अब खुद सवालों के घेरे में आ गई है.

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अजब एमपी की गजब पुलिस, यह कहावत शहडोल जिले से सामने आए एक हैरान कर देने वाले मामले पर बिल्कुल सटीक बैठती है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के शहडोल दौरे के दौरान हुए काले झंडे के विरोध के बाद बुढार पुलिस की कार्रवाई अब खुद सवालों के घेरे में आ गई है.

आरोप है कि पुलिस ने बिना उम्र संबंधी दस्तावेजों की जांच किए ही एक नाबालिग युवक को सामान्य जेल भेज दिया. शहडोल में एक नाबालिग छात्र के लिए ये सजा उसकी 12वीं की परीक्षा पर भारी पड़ गई. वो जेल में रहने के कारण 12वीं की परीक्षा में शामिल नहीं हो पाया.

मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान काला झंडा दिखाने के आरोप में पुलिस ने छात्र को हिरासत में लिया और बाद में उसे जेल भेज दिया. इस कार्रवाई के चलते छात्र अपनी बोर्ड परीक्षा नहीं दे सका, जिससे परिवार और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है.

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ये मामला शहडोल जिले के धनपुरी नगर पालिका क्षेत्र का है, जहां करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से बने वॉटर पार्क के लोकार्पण के लिए 8 फरवरी को मुख्यमंत्री मोहन यादव का काफिला गुजर रहा था, इसी दौरान बुढार थाना क्षेत्र के सरईकापा रोड गोपालपुर तिराहे पर कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर में शुद्ध पेयजल की मांग को लेकर काले झंडे दिखाकर विरोध किया. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तीन युवकों को हिरासत में लिया और जेल भेज दिया.

हैरानी की बात यह रही कि इनमें शहडोल निवासी सत्यम प्रजापति, जिसकी जन्मतिथि 22 मई 2008 बताई जा रही है, को भी जेल भेज दिया गया. पुलिस ने न तो आधार कार्ड या अन्य दस्तावेजों से उम्र का परीक्षण किया और न ही किशोर न्याय अधिनियम का पालन किया. बताया जा रहा है कि सत्यम कक्षा 12वीं का छात्र है और उसके बोर्ड परीक्षा के पेपर चल रहे हैं. जेल भेजे जाने से उसके परीक्षा में शामिल नहीं हो पाया.

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मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान काला झंडा दिखाने के आरोप में पुलिस ने छात्र को हिरासत में लिया और बाद में उसे जेल भेज दिया. इस कार्रवाई के चलते छात्र अपनी बोर्ड परीक्षा नहीं दे सका, जिससे परिवार और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है.

किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम 2015 के तहत 18 वर्ष से कम आयु के किसी भी व्यक्ति को नाबालिग माना जाता है और उसे सामान्य जेल नहीं, बल्कि किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश कर बाल संप्रेक्षण गृह या ऑब्जर्वेशन होम भेजा जाता है. इस मामले में बुढार पुलिस और तहसीलदार दोनों की गंभीर लापरवाही सामने आई है.

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वहीं, पुलिस इसे राजनीतिक मामला मानते हुए इस मामले में कुछ भी कहने से बच रही है जबकि एक नाबालिग पर मामला दर्ज कर उसे सामान्य जेल भेज दिया गया बजाय बाल संप्रेक्षण गृह भेजने के जिससे वह 12वीं की परीक्षा नहीं दे सका, फिर बाद में उसे जेल से रिहा कर छोड़ दिया गया.

मुख्यमंत्री का शहडोल दौरा कई कारणों से विवादों में रहा. मुख्यमंत्री के सुरक्षा घेरे में हुई इस चूक से अधिकारी इतने घबरा गए कि कलेक्टर केदार सिंह अपनी कार से उतरे और पुलिसकर्मी की लाठी लेकर खुद कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष अंकित सिंह को मारने लगे, कलेक्टर के लाठी भांजने का वीडियो अब सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है.

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वहीं, इस मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, ‘शहडोल में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान शांतिपूर्ण विरोध करने पर एक नाबालिग छात्र को जेल भेज दिया गया, जिसके कारण उसकी 12वीं की परीक्षा छूट गई. यह घटना न केवल चिंताजनक है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों पर गंभीर प्रश्न भी खड़े करती है. हमारा संविधान प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और विरोध प्रकट करने का अधिकार देता है. यदि एक छात्र ने लोकतांत्रिक ढंग से अपनी असहमति जताई, तो उसे दंडित करना सत्ता के अहंकारी रवैये को दर्शाता है. मैं मुख्यमंत्री जी से मांग करता हूं कि 12वीं के छात्र की छूटी हुई परीक्षा के लिए तत्काल कोई वैकल्पिक व्यवस्था या समाधान सुनिश्चित किया जाए. एक छात्र के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना अत्यंत निंदनीय है.

शहडोल में कांग्रेस के प्रदर्शन में नाबालिक पर कार्रवाई पर मंत्री विश्वास कैलाश सारंग का बयान भी सामने आया है. उनका कहना है कि मुख्य मुद्दा यह है कि बच्चे को प्रदर्शन में लेकर कौन गया, क्या कांग्रेस के पास बालिग लोग नहीं बचे.., राहुल गांधी खुद भी मैच्योर नहीं हुए और अब कांग्रेस बच्चों को प्रदर्शन में लेकर जा रही है…कांग्रेस जबरदस्ती नाबालिग को लेकर गई…नाबालिग बच्चे को लेकर कौन गया…जो लेकर गए उनपर कार्रवाई होनी चाहिए…कांग्रेस राजनीतिक रोटी सेंकने का काम कर रही है.

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लेखक के बारे में

Versha Singh

वर्षा स‍िंह News 24 ड‍िजिटल में बतौर सीन‍ियर सब एड‍िटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्षा को ड‍िजिटल मीड‍िया में 6 साल से अधि‍क का अनुभव है. राष्‍ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और समसमाय‍िक व‍िषयों पर वर्षा की अच्‍छी पकड़ है. इसके अलावा राजनीत‍िक, क्राइम और ट्रेंडिंग खबरें भी ल‍िखती हैं. वर्षा ने मास्टर इन न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी की पढ़ाई माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से की है और जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की है. वर्षा अपने करियर में Jagran New Media, Asia News International (ANI) और ETV Bharat जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं. उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लेखन और समसामयिक घटनाओं, राजनीति, हाइपरलोकल खबरों और मानवीय रुचि से जुड़ी कहानियों को डिजिटल दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का अनुभव है.
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