हिसार जिले के हांसी क्षेत्र के गुराना गांव में 18 वर्षीय युवती की मौत के मामले में उस समय नया मोड़ आ गया, जब अंतिम संस्कार के तौर पर शव दफनाए जाने के एक दिन बाद पुलिस को उसकी हत्या की सूचना मिली. सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कब्र से शव बाहर निकलवाया और पोस्टमार्टम के लिए हांसा नागरिक अस्पताल भेज दिया. अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट से युवती की मौत की असली वजह सामने आने की उम्मीद है.
जानकारी के अनुसार, गुराना गांव निवासी प्रियंका करीब एक सप्ताह पहले बिना किसी को बताए घर से चली गई थी. परिजनों के मुताबिक, करीब तीन दिन बाद वह वापस घर लौट आई. घर आने के बाद उसके व्यवहार में बदलाव दिखाई देने लगा और वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगी थी.
युवती ने घर में लगा ली थी फांसी?
परिजनों के अनुसार, 13 सितंबर को दोपहर करीब दो बजे प्रियंका घर के एक कमरे में फंदे पर लटकी मिली. उसे इस हालत में देखकर परिवार के लोगों ने कमरे का दरवाजा तोड़ा और युवती को नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी. इसके बाद परिजनों ने शव को दफना दिया.
मामला तब अचानक बदल गया, जब एक युवक ने पुलिस कंट्रोल रूम में फोन कर युवती की हत्या किए जाने का आरोप लगाया. फोन करने वाले युवक ने अपना नाम दीपक बताया और दावा किया कि युवती की हत्या करने के बाद शव को दफनाया गया है. सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और शव को कब्र से निकलवाने का फैसला किया.
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पुलिस ने कब्र खोदकर वापस निकाला शव
खेड़ी चौपटा चौकी की पुलिस टीम गांव पहुंची. प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार खुर्शीद अहमद को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया. उनकी मौजूदगी में चिकित्सकों और एफएसएल टीम की निगरानी में कब्र खोदकर शव बाहर निकाला गया. इस दौरान पुलिस ने जरूरी साक्ष्य भी जुटाए.
बता दें कि शव को पोस्टमार्टम के लिए हांसी नागरिक अस्पताल भेजा गया है. पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्थिति साफ हो पाएगी. फिलहाल पुलिस सभी बातों को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.