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Gurugram-Jhajjar Highway: गुरुग्राम से झज्जर का सफर होने वाला है आसान, नए हाईवे के लिए NHAI के सामने आए 3 विकल्प! जानें कहां अटका है अभी काम

हरियाणा में शहरों के बीच सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में गुरुग्राम और झज्जर को जोड़ने वाले प्रोजेक्ट पर बड़ी अपडेट सामने आई है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस परियोजना के लिए तैयार किए गए तीन संभावित रूट विकल्पों को एलाइनमेंट अप्रूवल कमेटी के पास भेज दिया दिया है. जानिए किया है तीनों विकल्प?

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खबर की मुख्य बातें:-

  • गुरुग्राम-झज्जर हाईवे परियोजना को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है.
  • NHAI ने हाईवे के लिए तैयार किए गए 3 संभावित रूट विकल्प एलाइनमेंट अप्रूवल कमेटी को भेज दिए हैं.
  • मंजूरी मिलने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी.

हरियाणा में शहरों के बीच सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में कई प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है, जिसमें से एक गुरुग्राम और झज्जर को जोड़ने वाला प्रोजेक्ट भी है. दरअसल, गुरुग्राम और झज्जर के बीच सफर को पहले से ज्यादा आसान और तेज बनाने की तैयारी तेज हो गई है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस परियोजना के लिए तैयार किए गए तीन संभावित रूट विकल्पों को एलाइनमेंट अप्रूवल कमेटी के पास भेज दिया दिया है. अब जब समिति के पास से प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलेगी उसके बाद इसका DPR तैयार किया जाएगा, जिसके आधार पर हाइवे का निर्माण होगा.

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सरकार के निर्देशों के बाद तैयार किए गए तीन विकल्प

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा सरकार ने गुरुग्राम और झज्जर के बीच सड़क संपर्क को मजबूत करने पर खास जोर दिया है. इसी दिशा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आदेश जारी किए थे कि गुरुग्राम-झज्जर की कनेक्टीविटी को बेहतर किया जाए. जिसके बाद एनएचएआई (NHAI) ने एक विशेषज्ञ सलाहकार कंपनी की नियुक्ति की थी. कंपनी ने क्षेत्र का सर्वे करने के बाद तीन अलग-अलग विकल्प तैयार किए हैं, जिसके आधार पर इस नए प्रोजेक्ट का निर्माण हो सकता है. इन प्रस्तावों में मौजूदा सड़क को चौड़ा करने से लेकर पूरी तरह नया हाईवे बनाने तक की योजनाएं शामिल हैं. अब सभी विकल्पों की पहले जांच होगी, उसके बाद ही आखिरी फैसला लिया जाएगा.

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तीनों रूटों में क्या है खास?

  • समिति के पास भेजे गए तीन विकल्पों की बात करें तो, इसमें पहले विकल्प में गुरुग्राम-पटौदी रोड के गांव वजीरपुर से झज्जर तक पहले से मौजूद सड़क को चौड़ा करने का प्रस्ताव है. वर्तमान में यह सड़क दोनों ओर दो-दो लेन की है, जिसे तीन-तीन लेन में बदला जाएगा. इसके साथ दोनों तरफ दो-दो लेन की सर्विस रोड भी बनाई जाएगी. इस योजना के लिए लगभग 395 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करना पड़ेगा.
  • वहीं, दूसरे विकल्प के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग-352डब्ल्यू के पास स्थित गांव हरसरू से खेतों के रास्ते झज्जर तक पूरी तरह नया हाईवे बनाने का सुझाव दिया गया है. इसके लिए करीब 494 एकड़ जमीन की जरूरत होगी.
  • तीसरे विकल्प की बात करें, तो इसमें गुरुग्राम-पटौदी रोड के गांव वजीरपुर से खेतों के बीच से होकर झज्जर तक नया मार्ग तैयार करने की योजना है, जिसके लिए लगभग 475 एकड़ जमीन की जरूरत पड़ेगी. तीनों प्रस्तावों की अनुमानित लागत करीब 3,000 से 4,000 करोड़ रुपये बताई जा रही है.
विषयजानकारी
परियोजनागुरुग्राम-झज्जर नया हाईवे
एजेंसीभारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI)
वर्तमान स्थिति3 रूट विकल्प एलाइनमेंट अप्रूवल कमेटी को भेजे गए
अगला चरणमंजूरी के बाद DPR (Detailed Project Report) तैयार होगी
विकल्प 1वजीरपुर-झज्जर मौजूदा सड़क का चौड़ीकरण, 395 एकड़ भूमि अधिग्रहण
विकल्प 2हरसरू से झज्जर तक नया हाईवे, 494 एकड़ भूमि, करीब 400 एकड़ सरकारी जमीन
विकल्प 3वजीरपुर से खेतों के रास्ते नया हाईवे, 475 एकड़ भूमि
अनुमानित लागतकरीब ₹3,000-4,000 करोड़
मुख्य फायदाट्रैफिक जाम से राहत, तेज और बेहतर सड़क कनेक्टिविटी

सरकारी जमीन होने से दूसरा विकल्प बन पर मिल सकती है मंजूरी

इन तीनों विकल्पों में देखा जाए, तो समिति दूसरे विकल्प को अपना सकती है. इसकी सबसे बड़ी वजह है सरकारी जमीन का यहां होना. यानी कि, भूमि अधिग्रहण के लिहाज से दूसरा विकल्प सबसे ज्यादा सरकार के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है. इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि प्रस्तावित रूट में करीब 400 एकड़ जमीन पहले से हरियाणा सरकार के पास उपलब्ध है. इससे निजी जमीन का अधिग्रहण कम करना पड़ेगा और परियोजना की प्रक्रिया आसान हो सकती है. इसके मुकाबले पहले विकल्प में सिर्फ करीब आधा एकड़ और तीसरे विकल्प में लगभग साढ़े छह एकड़ सरकारी जमीन शामिल है. ऐसे में भूमि अधिग्रहण की लागत और समय को देखते हुए दूसरा विकल्प बाकियों से ज्यादा सुविधाजनक माना जा रहा है.

परियोजना के पूरे होने से मिलेगी सभी को राहत

वर्तमान में गुरुग्राम से झज्जर जाने वाले ज्यादातर वाहन चालक गांव वजीरपुर या धनकोट वाले रास्ते का इस्तेमाल करते हैं. खासकर वजीरपुर से गुजरने वाली सड़क पर वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे कई बार लंबा जाम लग जाता है. भारी ट्रैफिक के दबाव के कारण यात्रियों का समय तो खराब होता ही है, साथ ही माल ढुलाई और रोजाना आने-जाने वाले लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ती है. ऐसे में नया हाईवे बनने या मौजूदा सड़क के चौड़ा करने से इस समस्या में काफी राहत मिलने की उम्मीद है. इसके अलावा इन दोनों शहरों और ग्रामीण इलाकों को भी बेहतर सड़क सुविधा का लाभ मिलेगा और अन्य लाभ मिलने की उम्मीद है.

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मुख्य निष्कर्ष:- गुरुग्राम और झज्जर के बीच प्रस्तावित नया हाईवे सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण परियोजना साबित हो सकता है. फिलहाल NHAI द्वारा भेजे गए तीनों रूट विकल्पों पर एलाइनमेंट अप्रूवल कमेटी फैसला करेगी. मंजूरी मिलने के बाद डीपीआर तैयार होगी और निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.

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Frequently Asked Questions

फिलहाल NHAI ने तीन संभावित रूट एलाइनमेंट अप्रूवल कमेटी को भेजे हैं. मंजूरी मिलने के बाद DPR तैयार की जाएगी.
इस परियोजना के लिए कुल 3 रूट विकल्प तैयार किए गए हैं, जिनमें मौजूदा सड़क का चौड़ीकरण और दो नए हाईवे रूट शामिल हैं.
दूसरे विकल्प को ज्यादा व्यावहारिक माना जा रहा है, क्योंकि प्रस्तावित रूट में करीब 400 एकड़ सरकारी जमीन उपलब्ध है, जिससे भूमि अधिग्रहण कम होगा.
इस परियोजना पर करीब 3,000 से 4,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है.
First published on: Jul 18, 2026 04:39 PM

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About the Author

Azhar Naim

अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं और उन्हें न्यूज़ और ऑनलाइन कंटेंट लिखने का अच्छा अनुभव है. वर्तमान में वह News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं, जहां वह मुख्य रूप से न्यूज, ट्रेंडिंग, हाइपर-लोकल, वायरल, ऑटो, लाइफस्टाइल और हेल्थ बीट से जुड़ी खबरों पर स्टोरीज तैयार करते हैं. वह ट्रेनी के रूप में ट्रेंडिंग, वायरल, जनरल नॉलेज, टेक्नोलॉजी, इंटरनेशनल और लाइफस्टाइल जैसे विभिन्न विषयों पर डिजिटल कंटेंट लिखते आए हैं. अज़हर ने 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान और उसके बाद उन्हें कई मीडिया संस्थानों में काम करने का अनुभव मिला, जिससे उन्हें न्यूज रिपोर्टिंग, डिजिटल स्टोरीटेलिंग और पाठकों को ध्यान में रखकर कंटेंट बनाने की अच्छी समझ हासिल की. 1 साल से ज्यादा के अनुभव में अज़हर का मुख्य काम है डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स को समझना, SEO-फ्रेंडली कंटेंट लिखना और पाठकों से जुड़ी स्टोरीज तैयार करना.

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