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दूसरे राज्य से बहू लाना हरियाणा के युवाओं को पड़ा महंगा, नहीं दे पा रहे SIR के लिए पेपर

हरियाणा में वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) से पश्चिम बंगाल, यूपी, बिहार, असम और बाकी राज्यों की उन महिलाओं के सामने समस्या खड़ी हो गई है, जिन्होंने हरियाणा के पुरुषों से शादी की हैं.

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हरियाणा में वोटर लिस्ट के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (SIR) से बड़ी मुश्किल सामने आई है. ये समस्या है पश्चिम बंगाल, यूपी, बिहार, असम और बाकी राज्यों की महिलाएं, जिन्होंने हरियाणा के पुरुषों से शादी की हैं. इनमें से कुछ महिलाएं लंबे वक्त से हरियाणा में रह रही हैं, उन्होंने परिवार बसाया है और वोट भी दिए हैं. लेकिन 2002 की वोटर लिस्ट में ना तो उनका और ना ही उनके माता-पिता का नाम मिला है, जिसकी वजह से उनकी पहचान साबित कर पाना मुश्किल हो गया है.

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क्या है वजह?

दरअसल, हरियाणा में हमेशा से लिंगानुपात बड़ी समस्या बनकर उभरा है. पहले के लोग ज्यादातर बेटे की चाह रखते थे और बेटियों को जन्म देते ही मार देते थे, जिसकी वजह से शादी करने के लिए हरियाणा में महिलाओं की कमी होने लगी. ऐसे में परिवार के लोग दूसरे राज्यों से लड़की ब्याह कर लाने लगे. धीरे-धीरे कई महिलाओं का अपने मायके वालों से संपर्क लगभग खत्म हो गया. शायद किसी के माता-पिता गुजर गए, परिवार कहीं और बस गए और चुनावी रिकॉर्ड का पता लगाना लगभग नामुमकिन हो गया. ऐसे में SIR प्रक्रिया के दौरान इन महिलाओं के लिए वोटर लिस्ट से ज़रूरी जुड़ाव साबित कर पाना काफी मुश्किल हो रहा है. महिलाओं का कहना है कि उन्हें ज़बरदस्ती ऐसी पहचान साबित करने के लिए मजबूत किया जा रहा है, जो दशकों पहले पीछे छूट गई है.

हरियाणा में कई मामले सामने आए

हरियाणा के कैथल समेत पूरे राज्य में ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं. हालांकि ऐसी मुश्किलों का सामना कर रही महिलाओं की संख्या अभी साफ नहीं हो पाई है. दरअसल, SIR के तहत जिन वोटर्स के नाम 2002 की लिस्ट से उनके या उनके माता-पिता के ज़रिए नहीं जोड़े जा सकते , उन्हें अपनी योग्यता साबित करने के लिए डॉक्युमेंट्स जमा करने पड़ सकते हैं. अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों की ज़रूरतें वोटर की बर्थ डेट के हिसाब से अलग-अलग होती है. कैथल के SDM का कहना है कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 31 जुलाई को तैयार हुई थी, जिसके बाद अलग-अलग कैटेगरी के वोटर्स को नोटिस भेजे गए थे. जिनका जन्म 1 जुलाई 1987 से पहले हुआ है, वो डॉक्युमेंट्स के ज़रिए अपनी पात्रता साबित कर सकते हैं, जबकि 1 जुलाई 1987 और 2 दिसंबर 2004 के बीच पैदा हुए लोगों को अपने और माता-पिता से जुड़े दस्तावेज़ जमा करने होंगे.

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First published on: Aug 14, 2026 10:09 PM

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About the Author

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी एक अनुभवी पत्रकार हैं जो पिछले 9 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हैं। वर्तमान में वर्षा News24 में सीनियर सब एडिटर की भूमिका निभा रही हैं। यहां ये नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, क्राइम आदि खबरें करती हैं। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ वर्षा को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग खबरों का भी बखूबी अनुभव है। खबरों के अलावा वर्षा कहानियां और कविताएं लिखने का भी शौक रखती हैं।

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वर्षा सिकरी एक अनुभवी पत्रकार हैं जो पिछले 9 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हैं। वर्तमान में वर्षा News24 में सीनियर सब एडिटर की भूमिका निभा रही हैं। यहां ये नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, क्राइम आदि खबरें करती हैं। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ वर्षा को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग खबरों का भी बखूबी अनुभव है। खबरों के अलावा वर्षा कहानियां और कविताएं लिखने का भी शौक रखती हैं।

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