Nayab Singh Saini Manohar Lal Khattar: लोकसभा चुनाव से पहले
हरियाणा को नया सीएम बन गया है। नायब सिंह सैनी को हरियाणा का मुख्यमंत्री बनाया गया है। मंगलवार को हरियाणा में अचानक हई सियासी हलचल के बाद मनोहर लाल खट्टर ने सीएम पद से इस्तीफा सौंप दिया। नायब सिंह सैनी ने शाम को सीएम पद की शपथ ली।
उनका नाम जैसे ही सीएम पद की शपथ के लिए अनांउस हुआ, वे कुर्सी से उठे, फिर मनोहर लाल खट्टर के पास गए और पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। वे थोड़ी देर तक झुके रहे, फिर खट्टर ने उन्हें गर्मजोशी से गले लगाकर अपना आशीर्वाद दिया। खट्टर ने उन्हें इस दौरान अपने पास बैठने को कहा। महज 15 सेकंड की इस मुलाकात में सियासी संदेश भी निकले...आइए जानते हैं इसके मायने।
क्या निकले सियासी संदेश?
मनोहर लाल खट्टर ने जिस तरह से नायब सिंह सैनी के सीएम बनने पर खुशी जताई, उसे लेकर साफ हो गया कि सैनी का नाम खट्टर ने ही सजेस्ट किया था। इससे पहले अटकलें लगाई जा रही थीं कि नायब सिंह सैनी का नाम मनोहर लाल खट्टर की सहमति से ही चुना गया है। दोनों ने सियासी संदेश दिया कि किसी भी तरह के मतभेद और मनभेद के बिना सरकार संगठन से ही चलाई जाएगी। इसके साथ ही मनोहर लाल खट्टर ने ये भी साफ करने की कोशिश की कि हरियाणा की राजनीति में उनका कद कम नहीं हुआ है, भले ही उन्हें सीएम पद गंवाना पड़ा हो।
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मनोहर लाल खट्टर को क्यों हटाया गया?
कहा जा रहा है कि जाट वोटर्स मनोहर लाल खट्टर से नाराज चल रहे हैं। ऐसे में लोकसभा चुनाव से पहले आलाकमान ने हरियाणा में 'सियासी सर्जरी' कर ओबीसी वोटरों को साधने की कोशिश की है। हरियाणा में लोकसभा के साथ ही विधानसभा चुनाव होने की चर्चा तेज हो गई है। ऐसे में जेजेपी के साथ गठबंधन तोड़ने और सियासी बदलाव का इससे अच्छा मौका नहीं होता। माना जा रहा है कि मनोहर लाल खट्टर को इसका पता पहले से ही था। उनके लिए कुछ भी अचानक नहीं हुआ।
Nayab Singh Saini Manohar Lal Khattar: लोकसभा चुनाव से पहले हरियाणा को नया सीएम बन गया है। नायब सिंह सैनी को हरियाणा का मुख्यमंत्री बनाया गया है। मंगलवार को हरियाणा में अचानक हई सियासी हलचल के बाद मनोहर लाल खट्टर ने सीएम पद से इस्तीफा सौंप दिया। नायब सिंह सैनी ने शाम को सीएम पद की शपथ ली।
उनका नाम जैसे ही सीएम पद की शपथ के लिए अनांउस हुआ, वे कुर्सी से उठे, फिर मनोहर लाल खट्टर के पास गए और पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। वे थोड़ी देर तक झुके रहे, फिर खट्टर ने उन्हें गर्मजोशी से गले लगाकर अपना आशीर्वाद दिया। खट्टर ने उन्हें इस दौरान अपने पास बैठने को कहा। महज 15 सेकंड की इस मुलाकात में सियासी संदेश भी निकले…आइए जानते हैं इसके मायने।
क्या निकले सियासी संदेश?
मनोहर लाल खट्टर ने जिस तरह से नायब सिंह सैनी के सीएम बनने पर खुशी जताई, उसे लेकर साफ हो गया कि सैनी का नाम खट्टर ने ही सजेस्ट किया था। इससे पहले अटकलें लगाई जा रही थीं कि नायब सिंह सैनी का नाम मनोहर लाल खट्टर की सहमति से ही चुना गया है। दोनों ने सियासी संदेश दिया कि किसी भी तरह के मतभेद और मनभेद के बिना सरकार संगठन से ही चलाई जाएगी। इसके साथ ही मनोहर लाल खट्टर ने ये भी साफ करने की कोशिश की कि हरियाणा की राजनीति में उनका कद कम नहीं हुआ है, भले ही उन्हें सीएम पद गंवाना पड़ा हो।
मनोहर लाल खट्टर को क्यों हटाया गया?
कहा जा रहा है कि जाट वोटर्स मनोहर लाल खट्टर से नाराज चल रहे हैं। ऐसे में लोकसभा चुनाव से पहले आलाकमान ने हरियाणा में ‘सियासी सर्जरी’ कर ओबीसी वोटरों को साधने की कोशिश की है। हरियाणा में लोकसभा के साथ ही विधानसभा चुनाव होने की चर्चा तेज हो गई है। ऐसे में जेजेपी के साथ गठबंधन तोड़ने और सियासी बदलाव का इससे अच्छा मौका नहीं होता। माना जा रहा है कि मनोहर लाल खट्टर को इसका पता पहले से ही था। उनके लिए कुछ भी अचानक नहीं हुआ।