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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने की पेपरलेस रजिस्ट्री के दूसरे चरण की शुरुआत, आधार e-KYC को किया गया अनिवार्य

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस मौके पर राज्य के किसानों और भू-स्वामियों के लिए एक और क्रांतिकारी सुधार 'ऑटो इंतकाल प्रणाली' (Auto Mutation System) की शुरुआत की. वर्तमान व्यवस्था में अलग-अलग स्तर पर होने वाले RC1 और RC2 के कार्यों को अब आपस में कंबाइन (एकीकृत) कर दिया गया है.

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हरियाणा में राजस्व प्रशासन को अधिक पारदर्शी, सुगम और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने आज एक और ऐतिहासिक छलांग लगाई है. चंडीगढ़ में आयोजित एक विशेष राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ‘पेपरलेस रजिस्ट्री’ के दूसरे चरण की औपचारिक शुरुआत की. व्यवस्था परिवर्तन के इस नए कदम के तहत अब प्रदेश में जमीन की रजिस्ट्री के साथ-साथ इंतकाल (म्यूटेशन) की प्रक्रिया को भी पूरी तरह से ऑनलाइन और एकीकृत कर दिया गया है.

इस नए चरण की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि धोखाधड़ी और गलत पहचान के मामलों को पूरी तरह रोकने के लिए सरकार ने अब रजिस्ट्री के दौरान दोनों पक्षों (क्रेता और विक्रेता) के लिए आधार आधारित ई-KYC (Aadhaar e-KYC) को पूरी तरह अनिवार्य कर दिया है. मुख्यमंत्री ने बताया कि इस तकनीक से पहचान की शत-प्रतिशत पुष्टि हो सकेगी, जिससे जमीन की खरीद-फरोख्त में होने वाली गड़बड़ियों पर लगाम लगेगी.

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कुरुक्षेत्र से शुरू हुआ सफर अब पूरे प्रदेश में लागू


राजस्व सुधारों के इस सफर को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि गत 29 सितंबर 2025 को कुरुक्षेत्र की लाडवा तहसील से पेपरलेस रजिस्ट्री के पहले चरण की शुरुआत की गई थी, जिसे बाद में 1 नवंबर 2025 को पूरे प्रदेश में प्रभावी रूप से लागू कर दिया गया. अब इसी श्रृंखला में कुछ और महत्वपूर्ण व नागरिक-अनुकूल सुधारों को जोड़ते हुए इसके दूसरे चरण को धरातल पर उतारा गया है.

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आम जनता को मिलेंगी ये बड़ी सहूलियतें

सरल और यूजर-फ्रेंडली आवेदन: रजिस्ट्री के लिए आवेदन फॉर्म को पहले के मुकाबले बेहद आसान बनाया गया है. अब नागरिक स्वयं, डीड राइटर, अधिवक्ता या सरकारी हेल्प डेस्क के माध्यम से डीड (दस्तावेज) ऑनलाइन भर सकेंगे.

प्रतिनिधि (नोमिनी) की नई व्यवस्था: अगर कोई व्यक्ति, कंपनी, संस्था या एनआरआई (NRI) रजिस्ट्री की प्रक्रिया के समय स्वयं उपस्थित होने में असमर्थ है, तो अब कानूनन एक से अधिक व्यक्तियों को अपना अधिकृत प्रतिनिधि नियुक्त करने की छूट दी गई है.

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ऑटोमैटिक लैंड क्लासिफिकेशन: अब रजिस्ट्री के समय ही भूमि का कौन सा हिस्सा ‘प्राइम श्रेणी’ (महत्वपूर्ण/व्यावसायिक) में आता है और कौन सा ‘नॉन-प्राइम श्रेणी’ में, इसकी पूरी जानकारी सिस्टम में स्वत: (ऑटोमैटिक) प्रदर्शित हो जाएगी.

डिजिटल और बायोमेट्रिक सुरक्षा: पूरी रजिस्ट्री प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने के लिए डिजिटल हस्ताक्षर (Digital Signature) और बायोमेट्रिक प्रणाली को अनिवार्य रूप से लागू किया गया है. किसी भी विवाद की स्थिति में अधिकतम तीन अवसरों के भीतर मामले का निपटारा सुनिश्चित किया जाएगा.

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दस्तावेजों के झंझट से मुक्ति: अब आवेदकों को डीटीपी (DTP) और एनओसी (NOC) के लिए अलग से कागजात जमा करने की जरूरत नहीं होगी. विभाग स्तर पर इसका सत्यापन (वेरिफिकेशन) पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से कर लिया जाएगा.

‘ऑटो इंतकाल प्रणाली’ से किसानों को मिलेगी बड़ी राहत

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस मौके पर राज्य के किसानों और भू-स्वामियों के लिए एक और क्रांतिकारी सुधार ‘ऑटो इंतकाल प्रणाली’ (Auto Mutation System) की शुरुआत की. वर्तमान व्यवस्था में अलग-अलग स्तर पर होने वाले RC1 और RC2 के कार्यों को अब आपस में कंबाइन (एकीकृत) कर दिया गया है.

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मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में लगभग 5 लाख से अधिक इंतकाल लंबे समय से लंबित थे, जिनमें से कड़े प्रयासों के बाद करीब 4 लाख मामलों का निपटान पहले ही किया जा चुका है. इस व्यवस्था को स्थाई रूप देने से पहले एक महीने तक इसका पायलट रन चलाया गया था, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए और शुरुआती दौर में ही लगभग 50 हजार इंतकाल अपने आप दर्ज हो चुके हैं.

First published on: Jun 23, 2026 09:26 PM

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About the Author

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक

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