गुजरात के गांधीनगर साइबर सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस की एक टीम ने वडोदरा में छापा मारकर एक अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड गैंग के 6 साथियों को गिरफ्तार किया है. पता चला है कि इस गैंग ने 210.70 करोड़ रुपये से ज़्यादा का साइबर फ्रॉड किया है.
साइबर सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस ने दीपेश बाबू सिंह राजपुरोहित (मुख्य सरगना), अब्दुल कबीर पठान, विवेक वंजारा, मयंक बैरवा, रोहित वर्मा और मोहित रावल को गिरफ्तार किया है. इस नेटवर्क के खिलाफ पूरे देश में कुल 273 मामले दर्ज किए गए हैं.
राजदीप सिंह झाला पुलिस अधीक्षक राज्य सीआईडी साइबर क्राइम ने कहा यह गैंग बैंक अकाउंट किट और सिम कार्ड हासिल करके दूसरे लोगों के नाम पर खाते खोलता था. वे साइबर क्राइम और गेमिंग के ज़रिए मिली रकम को इन खातों में ट्रांसफर करते थे और चेक बुक या डेबिट कार्ड के ज़रिए निकाल लेते थे. आरोपी ‘डिजिटल अरेस्ट’, निवेश फ्रॉड, UPI फ्रॉड, लोन फ्रॉड और पार्ट-टाइम नौकरी का झांसा देकर लोगों को ठगते थे.
पुलिस ने 11 मोबाइल फोन, 12 चेक बुक, 5 पासबुक, 39 डेबिट कार्ड, 10 बैंक पेमेंट QR कोड और एक लैपटॉप ज़ब्त किया है. साइबर SP राजदीप सिंह ज़ाला ने कहा, “कमीशन के लालच में आकर किसी को भी अपने बैंक खाते की जानकारी या किट न दें.”
साथ ही, “अगर साइबर फ्रॉड या न्यूड वीडियो कॉल जैसी कोई घटना होती है, तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर संपर्क करें.” यह भी भरोसा दिलाया गया है कि संवेदनशील मामलों में शिकायतकर्ता का नाम गुप्त रखा जाएगा.










