पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की TMC बगावत झेल रही है। महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना UBT में भी बगावत के सुर पनप गए हैं। वहीं अब गुजरात में BJP में बगावत और बवाल होने के आसार हैं। क्योंकि प्रदेश में पार्टी में अंदरुनी कलह सामने आई है। नर्मदा से विधायक डॉ. दर्शना देशमुख भड़क गई हैं। बीते दिन वे पार्टी के एक कार्यक्रम से नाराज होकर निकलीं और उपवास पर बैठ गईं। उन्होंने धमकी दी है कि अगर उनका अपमान किया गया तो वे पद और पार्टी से इस्तीफा दे देंगी।
आम आदमी पार्टी ने समर्थन किया
बता दें कि आम आदमी पार्टी ने मौके को लपकते हुए विधायक दर्शना का समर्थन किया है। विधायक दर्शना के अपमान को आदिवासी समाज का अपमान बताकर मुद्दा खड़ा कर दिया है। पार्टी के नेता चैतर वसावा का कहना है कि यह एक महिला, एक विधायक का अपना नहीं, बल्कि प्रदेश के आदिवासियों का अपमान है, क्योंकि विधायक दर्शना आदिवासी समाज की प्रतिनिधि हैं और उनका अपना समाज बर्दाश्त नहीं करेगा। भाजपा आदिवासियों का अपमान हमेशा से करती आई है।
विधायक से इस्तीफा देने की अपील
चैतर वसावा ने कहा कि भाजपा की सरकार और संगठन में आदिवासी नेताओं, सांसदों और विधायकों का सम्मान होता ही नहीं है। आज जिस तरह विधायक दर्शना का अपमान हुआ है और वह पद-पार्टी से इस्तीफा देने पर अड़ी हैं। उनका BJP में सम्मान नहीं मिला है, तभी तो वे ऐसा करने को मजबूर हुई हैं। उन्हें तुरंत पार्टी और पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। आदिवासी समाज और आम आदमी पार्टी उनके साथ है। उनका और आदिवासी समाज का अपमान किसी कीमत पर नहीं होने देंगे।
गुस्से में मंच छोड़ कर गईं विधायक
दरअसल, विवाद राजपीपला स्थित अंबेडकर हॉल में मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में हुआ। विधायक अचानक मंच छोड़कर चली गईं और उन्हें यह कहते हुए सुना गया कि क्या यही हमारी पार्टी की व्यवस्था है? पार्टी के कार्यक्रम में क्या मुझे अपमानित करने के लिए बुलाया है? मैं इस क्षेत्र की निर्वाचित विधायक हूं। प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया, ऊपर से अपमान कर रहे हैं। इसके बाद नर्मदा जिले के नांदोड निर्वाचन क्षेत्र से विधायक दर्शना मंच से उतर गईं और महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास सांकेतिक उपवास पर बैठ गईं। उन्होंने पद से इस्तीफा देने की धमकी दी है।