सिर्फ रजिस्ट्रेशन से हिंदू विवाह को नहीं मिलेगी कानूनी मान्यता, रीति-रिवाज भी जरूरी; HC का बड़ा फैसला

हाई कोर्ट ने यह फैसला यूके में रहने वाले कौशल सोनार की अपील पर सुनाया, जिसने फैमिली कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें कथित विवाह को अमान्य घोषित करने से इनकार कर दिया गया था.

Gujarat High Court

गुजरात हाई कोर्ट ने बुधवार को एक अहम फैसले में कहा है कि सिर्फ शादी का रजिस्ट्रेशन किसी हिंदू विवाह को मान्य नहीं ठहरा सकता, अगर उससे जुड़े आवश्यक रीति-रिवाज और अनुष्ठान, जैसे सात फेरों की रस्म पूरे न किए गए हों. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि हिंदू विवाह केवल रस्म या औपचारिकता नहीं, बल्कि एक गंभीर और पवित्र सामाजिक-सांस्कृतिक बंधन है. हाई कोर्ट की यह टिप्पणी एक NRI कौशल सोनार की अपील पर सुनवाई करते हुए की है.

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क्या है पूरा मामला?

हाई कोर्ट ने यह फैसला यूके में रहने वाले कौशल सोनार की अपील पर सुनाया, जिसने फैमिली कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें कथित विवाह को अमान्य घोषित करने से इनकार कर दिया गया था. जस्टिस ईलेश वोरा और जस्टिस आरटी वच्छानी की खंडपीठ ने फैमिली कोर्ट का आदेश रद्द करते हुए कहा कि हिंदू विवाह की बुनियाद आवश्यक धार्मिक और वैधानिक संस्कारों पर टिकी होती है.

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शख्स ने लड़की को पत्नी मानने से किया इनकार

याचिकाकर्ता कौशल सोनार ने अदालत में दावा किया कि वह यूनाइटेड किंगडम में रहता है, जबकि उसकी कथित पत्नी अहमदाबाद में रहती है. कौशल के अनुसार, उन्हें इस कथित विवाह की जानकारी तब हुई जब महिला उनके माता-पिता के पास पहुंची और खुद को उनकी वैध पत्नी बताते हुए शादी का प्रमाणपत्र सौंप दिया. सोनार ने यह भी कहा कि उसने न तो किसी हिंदू रीति से विवाह किया, न पत्नी के रूप में उसके साथ रहा और न ही किसी प्रकार की सहमति से यह संबंध स्वीकार किया.

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पति-पत्नी जैसा कोई संबंध भी नहीं

कौशल आरोप लगाया कि विवाह दस्तावेजों पर उसके हस्ताक्षर धोखाधड़ी से लिए गए. अदालत ने रिकॉर्ड पर मौजूद तथ्यों का विश्लेषण करते हुए कहा कि जब महिला ने स्वयं फैमिली कोर्ट के सामने यह स्वीकार किया कि दोनों पक्षों के बीच कोई विवाह संस्कार नहीं हुए और पति-पत्नी जैसा कोई संबंध भी नहीं रहा, तब निचली अदालत का याचिका खारिज करना गलती थी. हाई कोर्ट ने हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 7 का उल्लेख करते हुए कहा कि विवाह तभी पूर्ण और बाध्यकारी माना जाता है, जब वह प्रचलित रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न हो.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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