गुजरात विधानसभा चुनावों की आहट के बीच, गुजरात प्रदेश कांग्रेस समिति ने राज्य के 15 महानगरों के लिए अपना बहुप्रतीक्षित ‘जनता का मेनिफेस्टो’ यानी के घोषणापत्र जारी कर दिया है. अहमदाबाद, सूरत, राजकोट और वडोदरा सहित प्रमुख शहरों में वरिष्ठ नेताओं ने इसे "कांग्रेस का कमिटमेंट" बताते हुए लॉन्च किया.
कांग्रेस का कहना है कि ये महज परंपरागत वादे नहीं बल्कि जनता की उम्मीदों का दस्तावेज़ है , पूर्व केंद्रीय मंत्री भरत सिंह सोलंकी ने ये भी कहा कि यह कोई साधारण चुनावी घोषणापत्र नहीं, बल्कि लाखों नागरिकों की आशाओं का ब्लूप्रिंट है. इसे 'जनमंच' अभियान के तहत सीधे लोगों से संवाद कर तैयार किया गया है.
घोषणापत्र की मुख्य विशेषताएं:
शिक्षा और युवा:
हर वार्ड में आधुनिक डिजिटल स्कूल, लाइब्रेरी, फ्री वाई-फाई ज़ोन और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग. साथ ही, नगर निगमों में खाली पदों पर तत्काल स्थायी भर्ती.
स्वास्थ्य:
वार्ड स्तर पर 24 घंटे चलने वाले आधुनिक हेल्थ सेंटर और मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल. बुजुर्गों के लिए मुफ्त चिकित्सा जांच.
महिला सशक्तिकरण:
संपत्ति और वाहन टैक्स में छूट, 'पिंक पार्किंग', 'पिंक टॉयलेट' और कामकाजी महिलाओं के लिए सुरक्षित हॉस्टल.
बुनियादी ढांचा:
गंदे पानी और वर्षा जल निकासी के लिए आधुनिक सिस्टम, गड्ढामुक्त सड़कें और पारदर्शी 'पब्लिक ऑडिट' व्यवस्था.
आवास नीति:
'पहले पुनर्वास, फिर विध्वंस' की मानवीय नीति के तहत गरीबों को किफायती आवास.
कांग्रेस नेताओं ने एक सुर में कहा कि सत्ता में आने पर इन वादों को समयबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा. छोटे व्यापारियों और रेहड़ी-पटरी वालों को कानूनी मान्यता देने और वेंडर ज़ोन बनाने का भी वादा किया गया है.
भरत सिंह सोलंकी कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, कांग्रेस का यह 'जनता मेनिफेस्टो' स्पष्ट रूप से स्थानीय मुद्दों पर केंद्रित है, जिससे पार्टी शहरी मतदाताओं के बीच अपनी खोई हुई पकड़ वापस पाने की कोशिश कर रही है. लेकिन वह इसमें कितना सफल हो पाती है यह चुनावी नतीजे के बाद ही पता चलेगा
गुजरात विधानसभा चुनावों की आहट के बीच, गुजरात प्रदेश कांग्रेस समिति ने राज्य के 15 महानगरों के लिए अपना बहुप्रतीक्षित ‘जनता का मेनिफेस्टो’ यानी के घोषणापत्र जारी कर दिया है. अहमदाबाद, सूरत, राजकोट और वडोदरा सहित प्रमुख शहरों में वरिष्ठ नेताओं ने इसे “कांग्रेस का कमिटमेंट” बताते हुए लॉन्च किया.
कांग्रेस का कहना है कि ये महज परंपरागत वादे नहीं बल्कि जनता की उम्मीदों का दस्तावेज़ है , पूर्व केंद्रीय मंत्री भरत सिंह सोलंकी ने ये भी कहा कि यह कोई साधारण चुनावी घोषणापत्र नहीं, बल्कि लाखों नागरिकों की आशाओं का ब्लूप्रिंट है. इसे ‘जनमंच’ अभियान के तहत सीधे लोगों से संवाद कर तैयार किया गया है.
घोषणापत्र की मुख्य विशेषताएं:
शिक्षा और युवा:
हर वार्ड में आधुनिक डिजिटल स्कूल, लाइब्रेरी, फ्री वाई-फाई ज़ोन और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग. साथ ही, नगर निगमों में खाली पदों पर तत्काल स्थायी भर्ती.
स्वास्थ्य:
वार्ड स्तर पर 24 घंटे चलने वाले आधुनिक हेल्थ सेंटर और मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल. बुजुर्गों के लिए मुफ्त चिकित्सा जांच.
महिला सशक्तिकरण:
संपत्ति और वाहन टैक्स में छूट, ‘पिंक पार्किंग’, ‘पिंक टॉयलेट’ और कामकाजी महिलाओं के लिए सुरक्षित हॉस्टल.
बुनियादी ढांचा:
गंदे पानी और वर्षा जल निकासी के लिए आधुनिक सिस्टम, गड्ढामुक्त सड़कें और पारदर्शी ‘पब्लिक ऑडिट’ व्यवस्था.
आवास नीति:
‘पहले पुनर्वास, फिर विध्वंस’ की मानवीय नीति के तहत गरीबों को किफायती आवास.
कांग्रेस नेताओं ने एक सुर में कहा कि सत्ता में आने पर इन वादों को समयबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा. छोटे व्यापारियों और रेहड़ी-पटरी वालों को कानूनी मान्यता देने और वेंडर ज़ोन बनाने का भी वादा किया गया है.
भरत सिंह सोलंकी कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, कांग्रेस का यह ‘जनता मेनिफेस्टो’ स्पष्ट रूप से स्थानीय मुद्दों पर केंद्रित है, जिससे पार्टी शहरी मतदाताओं के बीच अपनी खोई हुई पकड़ वापस पाने की कोशिश कर रही है. लेकिन वह इसमें कितना सफल हो पाती है यह चुनावी नतीजे के बाद ही पता चलेगा