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राजकोट में सांड का खौफनाक हमला, सड़क पर युवक को बेरहमी से रौंदा

राजकोट में सांड के हमले में युवक के गंभीर रूप से घायल होने की घटना ने गुजरात में आवारा पशुओं के बढ़ते खतरे को उजागर कर दिया है. प्रशासनिक दावों और सख्त नियमों के बावजूद सड़कों पर पशुओं का आतंक थमता नजर नहीं आ रहा है.

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गुजरात की सड़कों पर आवारा पशुओं का कहर थमता नज़र नहीं आ रहा है. ताज़ा मामला राजकोट का है जहां पशु हमले की तस्वीर आपको हिला के रख देगी

राजकोट के कोटडासांगाणी तालुका के शिवनगर में बाइक से जा रहे एक युवक पर सांड ने अचानक हमला कर उसे लहूलुहान कर दिया. तस्वीरों में देखा जा सकता है कि कैसे स्थानीय लोग चाहकर भी युवक को सांड के अत्याचार से मुक्त नहीं करा पाए वो काफी देर तक युवक को रौंदता रहा . गंभीर रूप से घायल युवक को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर आवारा पशुओं के आतंक और प्रशासन की लापरवाही को उजागर कर दिया है .

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गौरतलब है कि गुजरात राज्य मानवाधिकार आयोग ने भी अपनी हालिया रिपोर्ट में आवारा पशुओं के हमलों को जानलेवा माना है. हालांकि, सरकार अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बायोमेट्रिक्स जैसी तकनीक का सहारा ले रही है ताकि दोषी पशु मालिकों पर नकेल कसी जा सके.

कई शहरों में ‘कैटल न्यूसेंस कंट्रोल पॉलिसी’ के तहत लाखों का जुर्माना वसूला जा रहा है और लाइसेंस रद्द किए जा रहे हैं. बावजूद इसके, हाई कोर्ट की सख्त फटकार के बाद भी गुजरात की गलियां अब तक पशु-मुक्त नहीं हो पाई हैं.

First published on: Apr 03, 2026 06:00 PM

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