'सोनम वांगचुक गिरफ्तार नहीं तो कैद क्यों?' फिर दिल्ली HC पहुंचीं गीतांजलि, तुरंत सुनवाई की मांग

Sonam Wangchuk Delhi High Court appeal: सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से प्राइवेट अस्पताल भेजने से दिल्ली हाईकोर्ट के सिंगल बैंच का इनकार. पत्नी डॉ. गीतांजलि ने दिल्ली हाईकोर्ट की खंडपीठ में याचिका दायर कर लगाई तुरंत सुनवाई की गुहार. याचिका में शारीरिक स्वायत्तता और मौलिक अधिकारों के उल्लंघन का दिया हवाला.

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Sonam Wangchuk Delhi High Court appeal: दिल्ली हाई कोर्ट की सिंगल जज पीठ द्वारा सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से प्राइवेट अस्पताल शिफ्ट करने की अंतरिम राहत देने से इनकार के बाद, उनकी पत्नी डॉ. गीतांजलि जे. आंग्मो ने आज हाई कोर्ट की डिवीज़न बेंच का दरवाजा खटखटाया है. याचिका में सिंगल जज के आदेश को चुनौती देते हुए अर्जेंट हियरिंग की मांग की गई है. डॉ. गीतांजलि का तर्क है कि सिंगल जज का आदेश वांगचुक की शारीरिक स्वायत्तता, सूचित सहमति और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है. याचिका में कहा गया है कि इस फैसले से मरीज और उनके परिवार से इलाज का फैसला लेने का अधिकार छीनकर पूरी तरह अस्पताल प्रशासन को दे दिया गया है.

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जबरन अस्पताल में रखना अधिकारों का हनन’

अपील में सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए कहा गया है कि किसी भी बालिग मरीज को अपना इलाज स्वीकार करने, मना करने या रोकने का पूरा अधिकार है. सोनम वांगचुक न तो गिरफ्तार हैं और न ही हिरासत में, फिर भी उन्हें सफदरजंग अस्पताल में सीमित रखना अनुच्छेद 19 और 21 के तहत उनके अधिकारों का हनन है. इसके कारण वह जंतर-मंतर पर अपनी शांतिपूर्ण भूख हड़ताल भी जारी नहीं रख पा रहे हैं.

कोर्ट ने क्यों दिया था आदेश?

इससे पहले 19 जुलाई को जस्टिस मिनी पुष्कर्ना ने वांगचुक को प्राइवेट अस्पताल शिफ्ट करने की अंतरिम राहत देने से मना कर दिया था. कोर्ट का मानना था कि वांगचुक बीते 17-18 दिनों से उपवास पर हैं और उनके ब्लड शुगर, सोडियम व पोटैशियम का स्तर बिगड़ने के कारण जीवन रक्षा के लिए उन्हें अस्पताल लाया गया. सरकार और डॉक्टरों की रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने कहा था कि उनकी जान बचाना राज्य का कर्तव्य है और उनकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है. फिलहाल कोर्ट ने केंद्र सरकार से रिपोर्ट मांगी है और मामले की अगली सुनवाई 24 जुलाई तय की है.

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Vijay Jain

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विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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