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Bullet Train News: दिल्ली से इन 4 रूटों पर दौड़ेगी हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन, कनेक्ट होंगे 50 शहर, जानिए क्या है पूरा प्लान?

India Bullet Train News: केंद्र सरकार दिल्ली-एनसीआर को देश का सबसे बड़ा हाई-स्पीड रेल हब बनाने की तैयारी में है. ₹2 लाख करोड़ के अनुमानित लागत के साथ इस महत्वाकांक्षी मास्टरप्लान के तहत लखनऊ, वाराणसी, सिलीगुड़ी, जयपुर और कटरा जैसे 50 शहरों को जोड़ने वाले 4 नए बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का प्रस्ताव तैयार किया गया है.

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खबर की मुख्य बातें:-

  • दिल्ली से देश के अलग-अलग शहरों के लिए 4 नए रूटों पर बुलेट ट्रेन परियोजना की तैयारी तेज है.
  • इस महत्वाकांक्षी योजना पर सरकार लगभग 2 लाख करोड़ रुपये खर्च करने का अनुमान है.
  • इन परियोजनाओं की मदद से दिल्ली से लखनऊ, वाराणसी, सिलीगुड़ी और जयपुर-उदयपुर-अहमदाबाद तक के लिए अलग-अलग कॉरिडोर बनाएं जाएंगे.
  • बुलेट ट्रेन की मदद से घंटों के थकाऊ सफर से आजादी मिलेगी और पहले से कम वक्त में अन्य शहर पहुंचना हो सकेगा.
  • मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन का काम काफी उन्नत चरण में पहुंच चुका है.

देश की पहली मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना जल्द ही भारतीयों को सेवा देने लगेगी. हालांकि, इसके बाद अब देश की राजधानी दिल्ली को हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का सबसे बड़ा हब बनाने की तैयारी शुरू हो चुकी है. भारतीय रेलवे और केंद्र सरकार के नए मास्टरप्लान के मुताबिक, दिल्ली एनसीआर से देश के अलग-अलग कोनों के लिए चार नए बुलेट ट्रेन कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय बजट में घोषित सात प्रमुख कॉरिडोर में से इन रूटों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा. इस महत्वाकांक्षी योजना पर सरकार लगभग 2 लाख करोड़ रुपये खर्च करने का अनुमान लगा रही है, जिससे आने वाले समय में उत्तर, पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत के बीच की दूरी बेहद कम हो जाएगी और यह न्यू इंडिया की दिशा में बड़ा कदम भी साबित होगा.

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दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी कॉरिडोर

उत्तर प्रदेश के विकास के लिए ‘दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी कॉरिडोर’ एक बड़ा गेम-चेंजर साबित होने वाला है. रिपोर्ट के मुताबिक, इस रूट पर बुलेट ट्रेन 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी. नेशनल हाई स्पीड रेल कारपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) के प्रस्ताव के अनुसार, इस कॉरिडोर की कुल लंबाई करीब 813 से 865 किलोमीटर के बीच होगी, जिसमें 13 से 15 स्टेशन बनाए जा सकते हैं. इस रूट के शुरू होने से दिल्ली से लखनऊ का सफर महज 2 घंटे 10 मिनट और दिल्ली से वाराणसी का सफर सिर्फ 3 घंटे 50 मिनट में पूरा हो सकेगा.

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प्रस्तावित स्टेशन और लिंक रूट: इस रूट पर हजरत निजामुद्दीन (दिल्ली), नोएडा, जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, कन्नौज, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज, न्यू भदोही और वाराणसी प्रमुख स्टेशन होंगे. इसके अलावा, लखनऊ से अयोध्या को जोड़ने के लिए एक अलग से 124 से 135 किलोमीटर लंबा लिंक रूट भी तैयार किया जाएगा, जिसके सिविल डिजाइन के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.

दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर

यह देश का सबसे लंबा और ऐतिहासिक बुलेट ट्रेन रूट होने जा रहा है, जो उत्तर भारत के मैदानी इलाकों को सीधे पूर्वोत्तर (North-East) के प्रवेश द्वार से जोड़ेगी. यह परियोजना असल में दिल्ली-वाराणसी रूट का ही आगे विस्तार है, जिसे बाद में असम के गुवाहाटी तक ले जाने का भी प्रस्ताव है. लगभग 1705 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर के बनने से दिल्ली से सिलीगुड़ी के बीच का 20 घंटे का लंबा सफर घटकर मात्र 6 घंटे का रह जाएगा. वाराणसी से सिलीगुड़ी के बीच 7 नए स्टेशन बनाए जाएंगे. यह ट्रेन उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार के बक्सर, पटना, बेगुसराय, खगड़िया और कटिहार से होते हुए पश्चिम बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी (सिलीगुड़ी) पहुंचेगी. फिलहाल रेल मंत्रालय इसके लिए विस्तृत सर्वे और व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार करवा रहा है. इतना तय है कि जब यह रूट तैयार हो जाएगा, तो यह देश की गति को बढ़ाने में अहम साबित होगा.

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दिल्ली-जयपुर-उदयपुर-अहमदाबाद कॉरिडोर

यह कॉरिडोर दिल्ली को राजस्थान और गुजरात के ऐतिहासिक व पर्यटन स्थलों से जोड़ेगा. करीब 886 किलोमीटर लंबे इस रूट की सबसे खास बात यह है कि यह आगे चलकर मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन नेटवर्क से जुड़ जाएगा. इसके बाद यात्रियों को दिल्ली से सीधे मुंबई तक बुलेट ट्रेन की कनेक्टिविटी मिल जाएगी. इस रूट की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा चुकी है और अब केंद्र व संबंधित राज्य सरकारों से अंतिम वित्तीय मंजूरी का इंतजार है. इस रूट पर कुल 14 से 15 स्टेशन बनाने का प्रस्ताव है, जो देश की तीन प्रमुख राजधानियों और व्यावसायिक केंद्रों को आपस में जोड़ेंगे.

मुख्य प्रस्तावित स्टेशन: दिल्ली (द्वारका और बिजवासन), गुरुग्राम, मानेसर, रेवाड़ी, बहरोड़ (नीमराना), शाहपुरा, जयपुर, अजमेर (किशनगढ़), बिजयनगर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, डूंगरपुर, हिम्मतनगर और साबरमती (अहमदाबाद).

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दिल्ली-अमृतसर-जम्मू-कटरा कॉरिडोर

धार्मिक पर्यटन और सीमावर्ती राज्यों की कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए दिल्ली-अमृतसर-जम्मू कॉरिडोर पर शुरुआती काम शुरू हो गया है. लगभग 450 से 500 किलोमीटर लंबे इस रूट पर ट्रेन दिल्ली के द्वारका मेगा टर्मिनल से रवाना होकर हरियाणा और पंजाब के मुख्य शहरों से गुजरेगी, जिससे इन शहरों के यात्रियों को तेज सफर की सुविधा मिलेगी. इस रूट के बनने से दिल्ली से अमृतसर की दूरी सिर्फ 2 घंटे में सिमट जाएगी. भविष्य में इस रूट को पंजाब के जालंधर से डायवर्ट कर पठानकोट के रास्ते सीधे जम्मू और माता वैष्णो देवी के बेस कैंप कटरा तक विस्तार दिया जाएगा. वर्तमान में यह प्रोजेक्ट अपने शुरुआती सर्वे और रूट एलाइनमेंट (नक्शा निर्धारण) के चरण में है, जिसके तहत 10 से 12 स्टेशन बनाए जाने की उम्मीद है.

संभावित स्टेशन: दिल्ली, रोहतक, जींद, कैथल, चंडीगढ़, मोहाली, लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, पठानकोट, जम्मू और कटरा.

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बुलेट ट्रेन कॉरिडोरप्रमुख शहरअनुमानित दूरीअनुमानित यात्रा समयमौजूदा स्थिति
दिल्ली–लखनऊ–वाराणसीदिल्ली, नोएडा, जेवर, आगरा, इटावा, लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी813–865 किमीदिल्ली–लखनऊ: लगभग 2 घंटे 10 मिनट
दिल्ली–वाराणसी: लगभग 3 घंटे 50 मिनट
प्रस्ताव/डिजाइन एवं सर्वे
दिल्ली–वाराणसी–सिलीगुड़ीवाराणसी, पटना, बेगूसराय, कटिहार, न्यू जलपाईगुड़ी (सिलीगुड़ी)लगभग 1705 किमीदिल्ली–सिलीगुड़ी: लगभग 6 घंटेव्यवहार्यता रिपोर्ट (DPR/Survey)
दिल्ली–जयपुर–उदयपुर–अहमदाबाददिल्ली, गुरुग्राम, जयपुर, अजमेर, उदयपुर, अहमदाबादलगभग 886 किमीसमय में बड़ी कमी (आधिकारिक समय घोषित नहीं)DPR तैयार, अंतिम मंजूरी का इंतजार
दिल्ली–अमृतसर–जम्मू–कटरादिल्ली, रोहतक, चंडीगढ़, लुधियाना, अमृतसर, जम्मू, कटरा450–500 किमीदिल्ली–अमृतसर: लगभग 2 घंटेप्रारंभिक सर्वे एवं रूट एलाइनमेंट

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट कब शुरू होगी?

अगर देश की पहली बुलेट ट्रेन यानी मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर की बात करें, तो इसका काम काफी उन्नत चरण में पहुंच चुका है. रेलवे के तय लक्ष्यों के मुताबिक, इस रूट का पहला फेज (सूरत से बिलिमोरा के बीच) साल 2027 में आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा. वहीं, मुंबई से अहमदाबाद के बीच के पूरे रूट को साल 2029 तक पूरी तरह से चालू करने का लक्ष्य रखा गया है. जहां तक दिल्ली के इन चार नए रूटों का सवाल है, तो इन पर अभी जमीनी निर्माण कार्य शुरू होना बाकी है क्योंकि ये सभी अभी डिजाइनिंग, सर्वे और कागजी स्वीकृतियों के दौर से गुजर रहे हैं. सरकार की योजना आने वाले समय में हर साल लगभग 250 किलोमीटर बुलेट ट्रेन ट्रैक तैयार करने की है.

स्वदेशी ‘B35’ ट्रेन के साथ आत्मनिर्भर भारत की नई उड़ान

भारत अब सिर्फ बुलेट ट्रेन के ट्रैक ही नहीं बिछा रहा, बल्कि तकनीक के मामले में भी आत्मनिर्भर होने की दिशा में कदम बढ़ा चुका है. रिपोर्ट के मुताबिक, देश में ही पहली पूरी तरह स्वदेशी हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन ‘B35’ का निर्माण किया जा रहा है. इस भारतीय बुलेट ट्रेन को अत्याधुनिक सुरक्षा मानकों और कवच प्रणाली के साथ तैयार किया जा रहा है. रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस स्वदेशी बुलेट ट्रेन का ट्रायल रन बहुत जल्द शुरू होने की उम्मीद है. यह कदम न सिर्फ विदेशी आयात पर देश की निर्भरता को कम करेगा, बल्कि भारतीय इंजीनियरों की कुशलता को भी वैश्विक स्तर पर साबित करेगा. इन तकनीकों के आने से देश के ट्रांसपोर्ट सिस्टम का चेहरा हमेशा के लिए बदलने वाला है.

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मुख्य निष्कर्ष:- दिल्ली से यूपी, बिहार, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, गुजरात और मुंबई के लिए बुलेट ट्रेन कनेक्टिविटी देने के लिए परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है. कुछ कॉरिडोर पर राज्य सरकार द्वारा अंतिम वित्तीय मंजूरी मिलने का इंतजार है, जिसके बाद इस परियोजना के बेहतर रफ्तार मिल सकेगी.

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Frequently Asked Questions

दिल्ली-एनसीआर से 4 नए हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन कॉरिडोर प्रस्तावित किए गए हैं.
लखनऊ, वाराणसी, सिलीगुड़ी, जयपुर, उदयपुर, अहमदाबाद, अमृतसर, जम्मू, कटरा समेत करीब 50 शहर जुड़ेंगे.
प्रस्ताव के अनुसार दिल्ली-लखनऊ लगभग 2 घंटे 10 मिनट और दिल्ली-वाराणसी लगभग 3 घंटे 50 मिनट में पूरा हो सकता है.
सरकार ने इन परियोजनाओं पर करीब ₹2 लाख करोड़ खर्च होने का अनुमान लगाया है.
पहला चरण (सूरत-बिलिमोरा) 2027 तक और पूरा मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर 2029 तक शुरू करने का लक्ष्य है.
First published on: Jul 07, 2026 01:15 PM

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About the Author

Azhar Naim

अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं और उन्हें न्यूज़ और ऑनलाइन कंटेंट लिखने का अच्छा अनुभव है. वर्तमान में वह News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं, जहां वह मुख्य रूप से न्यूज, ट्रेंडिंग, हाइपर-लोकल, वायरल, ऑटो, लाइफस्टाइल और हेल्थ बीट से जुड़ी खबरों पर स्टोरीज तैयार करते हैं. वह ट्रेनी के रूप में ट्रेंडिंग, वायरल, जनरल नॉलेज, टेक्नोलॉजी, इंटरनेशनल और लाइफस्टाइल जैसे विभिन्न विषयों पर डिजिटल कंटेंट लिखते आए हैं. अज़हर ने 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान और उसके बाद उन्हें कई मीडिया संस्थानों में काम करने का अनुभव मिला, जिससे उन्हें न्यूज रिपोर्टिंग, डिजिटल स्टोरीटेलिंग और पाठकों को ध्यान में रखकर कंटेंट बनाने की अच्छी समझ हासिल की. 1 साल से ज्यादा के अनुभव में अज़हर का मुख्य काम है डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स को समझना, SEO-फ्रेंडली कंटेंट लिखना और पाठकों से जुड़ी स्टोरीज तैयार करना.

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अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं और उन्हें न्यूज़ और ऑनलाइन कंटेंट लिखने का अच्छा अनुभव है. वर्तमान में वह News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं, जहां वह मुख्य रूप से न्यूज, ट्रेंडिंग, हाइपर-लोकल, वायरल, ऑटो, लाइफस्टाइल और हेल्थ बीट से जुड़ी खबरों पर स्टोरीज तैयार करते हैं. वह ट्रेनी के रूप में ट्रेंडिंग, वायरल, जनरल नॉलेज, टेक्नोलॉजी, इंटरनेशनल और लाइफस्टाइल जैसे विभिन्न विषयों पर डिजिटल कंटेंट लिखते आए हैं. अज़हर ने 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान और उसके बाद उन्हें कई मीडिया संस्थानों में काम करने का अनुभव मिला, जिससे उन्हें न्यूज रिपोर्टिंग, डिजिटल स्टोरीटेलिंग और पाठकों को ध्यान में रखकर कंटेंट बनाने की अच्छी समझ हासिल की. 1 साल से ज्यादा के अनुभव में अज़हर का मुख्य काम है डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स को समझना, SEO-फ्रेंडली कंटेंट लिखना और पाठकों से जुड़ी स्टोरीज तैयार करना.

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