Delhi Water Supply Update: दिल्ली के कई इलाकों में भारी जल संकट! हरियाणा से नहीं मिल रहा पूरा पानी, जानें आपके इलाके का क्या है हाल
Delhi Water Supply Update: दिल्ली जल संकट पर बड़ी अपडेट: हरियाणा से पानी कम मिलने के कारण कई इलाकों में हाहाकार, वजीराबाद और चंद्रावल प्लांट में घटे उत्पादन से सप्लाई पर पड़ा बुरा असर.
Delhi Water Crisis Update: देश की राजधानी दिल्ली के कई हिस्सों में रहने वाले लोगों को भीषण गर्मी के बीच पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है. दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के अधिकारियों के मुताबिक कच्चे पानी की कमी के चलते पानी का उत्पादन लगातार प्रभावित हो रहा है. हालांकि पिछले दिनों दिल्ली में कुछ बारिश जरूर हुई है और हरियाणा से अतिरिक्त पानी लेने के प्रयास भी किए जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में कोई बड़ा सुधार देखने को नहीं मिला है. दिल्ली जल बोर्ड इस समय हर दिन लगभग 950 से 960 मिलियन गैलन (एमजीडी) पानी का उत्पादन कर पा रहा है, जो गर्मियों के तय टारगेट यानी 1,000 एमजीडी से करीब 40 एमजीडी कम है.
वजीराबाद और चंद्रावल प्लांट में उत्पादन ठप
पिछले करीब एक महीने से दिल्ली जल बोर्ड के दो सबसे बड़े वाटर ट्रीटमेंट प्लांट यानी वजीराबाद और चंद्रावल में पानी का उत्पादन बड़े पैमाने पर घटाया गया है. इसका मुख्य कारण नदी में कच्चे पानी की सप्लाई का बेहद कम होना है, जिसकी वजह से दिल्ली के कई प्रमुख इलाकों में पानी की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है. अधिकारियों का कहना है कि वजीराबाद प्लांट की औसत क्षमता 131 एमजीडी और चंद्रावल प्लांट की क्षमता 94 एमजीडी पानी साफ करने की है, लेकिन कच्चे पानी की भारी कमी के चलते इन दोनों प्लांटों की कार्यक्षमता में 25 से 30 प्रतिशत तक की बड़ी गिरावट आई है, जिसका असर पूरी दिल्ली की सप्लाई पर पड़ रहा है.
वजीराबाद में यमुना नदी का जलस्तर इस समय अपने सामान्य स्तर से काफी नीचे चला गया है. इस समय वहां नदी का जलस्तर महज 669.5 फीट दर्ज किया गया है, जबकि सामान्य तौर पर प्लांट को पूरी क्षमता से चलाने के लिए पानी का स्तर 674.5 फीट होना बेहद जरूरी है. अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि जब तक यमुना नदी में पानी का स्तर सामान्य नहीं हो जाता, तब तक इन वाटर ट्रीटमेंट प्लांटों से पूरी क्षमता के साथ पानी का उत्पादन कर पाना बेहद मुश्किल होगा. फिलहाल दिल्ली सरकार की ओर से पड़ोसी राज्य हरियाणा सरकार के साथ कच्चे पानी की सप्लाई बढ़ाने को लेकर लगातार बातचीत का दौर जारी है.
इन इलाकों में मची है त्राहि-त्राहि, कब सुधरेंगे हालात
इस गंभीर जल संकट की वजह से दिल्ली के कई वीआईपी और रिहायशी इलाकों में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है. प्रभावित होने वाले मुख्य क्षेत्रों में सिविल लाइंस, हिंदू राव अस्पताल, कमला नगर, शक्ति नगर, करोल बाग, पहाड़गंज और एनडीएमसी के तहत आने वाले तमाम इलाके शामिल हैं. इसके साथ ही दिल्ली कैंट और उसके आसपास से सटे क्षेत्रों में भी लोगों को अपनी दैनिक जरूरतों के लिए पानी की भारी कमी से जूझना पड़ रहा है. हालांकि अधिकारियों को उम्मीद है कि चंद्रावल प्लांट में स्थिति थोड़ी सुधर रही है और अगले दो से तीन दिनों में वहां उत्पादन सामान्य हो सकता है, लेकिन दिल्ली जल बोर्ड ने अभी तक इस संकट के पूरी तरह खत्म होने की कोई निश्चित समय सीमा नहीं बताई है.
Delhi Water Crisis Update: देश की राजधानी दिल्ली के कई हिस्सों में रहने वाले लोगों को भीषण गर्मी के बीच पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है. दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के अधिकारियों के मुताबिक कच्चे पानी की कमी के चलते पानी का उत्पादन लगातार प्रभावित हो रहा है. हालांकि पिछले दिनों दिल्ली में कुछ बारिश जरूर हुई है और हरियाणा से अतिरिक्त पानी लेने के प्रयास भी किए जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में कोई बड़ा सुधार देखने को नहीं मिला है. दिल्ली जल बोर्ड इस समय हर दिन लगभग 950 से 960 मिलियन गैलन (एमजीडी) पानी का उत्पादन कर पा रहा है, जो गर्मियों के तय टारगेट यानी 1,000 एमजीडी से करीब 40 एमजीडी कम है.
वजीराबाद और चंद्रावल प्लांट में उत्पादन ठप
पिछले करीब एक महीने से दिल्ली जल बोर्ड के दो सबसे बड़े वाटर ट्रीटमेंट प्लांट यानी वजीराबाद और चंद्रावल में पानी का उत्पादन बड़े पैमाने पर घटाया गया है. इसका मुख्य कारण नदी में कच्चे पानी की सप्लाई का बेहद कम होना है, जिसकी वजह से दिल्ली के कई प्रमुख इलाकों में पानी की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है. अधिकारियों का कहना है कि वजीराबाद प्लांट की औसत क्षमता 131 एमजीडी और चंद्रावल प्लांट की क्षमता 94 एमजीडी पानी साफ करने की है, लेकिन कच्चे पानी की भारी कमी के चलते इन दोनों प्लांटों की कार्यक्षमता में 25 से 30 प्रतिशत तक की बड़ी गिरावट आई है, जिसका असर पूरी दिल्ली की सप्लाई पर पड़ रहा है.
वजीराबाद में यमुना नदी का जलस्तर इस समय अपने सामान्य स्तर से काफी नीचे चला गया है. इस समय वहां नदी का जलस्तर महज 669.5 फीट दर्ज किया गया है, जबकि सामान्य तौर पर प्लांट को पूरी क्षमता से चलाने के लिए पानी का स्तर 674.5 फीट होना बेहद जरूरी है. अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि जब तक यमुना नदी में पानी का स्तर सामान्य नहीं हो जाता, तब तक इन वाटर ट्रीटमेंट प्लांटों से पूरी क्षमता के साथ पानी का उत्पादन कर पाना बेहद मुश्किल होगा. फिलहाल दिल्ली सरकार की ओर से पड़ोसी राज्य हरियाणा सरकार के साथ कच्चे पानी की सप्लाई बढ़ाने को लेकर लगातार बातचीत का दौर जारी है.
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इन इलाकों में मची है त्राहि-त्राहि, कब सुधरेंगे हालात
इस गंभीर जल संकट की वजह से दिल्ली के कई वीआईपी और रिहायशी इलाकों में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है. प्रभावित होने वाले मुख्य क्षेत्रों में सिविल लाइंस, हिंदू राव अस्पताल, कमला नगर, शक्ति नगर, करोल बाग, पहाड़गंज और एनडीएमसी के तहत आने वाले तमाम इलाके शामिल हैं. इसके साथ ही दिल्ली कैंट और उसके आसपास से सटे क्षेत्रों में भी लोगों को अपनी दैनिक जरूरतों के लिए पानी की भारी कमी से जूझना पड़ रहा है. हालांकि अधिकारियों को उम्मीद है कि चंद्रावल प्लांट में स्थिति थोड़ी सुधर रही है और अगले दो से तीन दिनों में वहां उत्पादन सामान्य हो सकता है, लेकिन दिल्ली जल बोर्ड ने अभी तक इस संकट के पूरी तरह खत्म होने की कोई निश्चित समय सीमा नहीं बताई है.
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