दिल्ली के कथित शराब घोटाले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने सबूतों के अभाव में न केवल अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया, बल्कि इस मामले से जुड़े सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया है. इस मामले में विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने आदेश पारित करते हुए कहा कि पूरे केस में किसी भी तरह की आपराधिक साज़िश या आपराधिक मंशा का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला. कोर्ट ने यह भी कहा कि विस्तृत आरोपपत्र में कई गंभीर कमियां हैं और उनमें लगाए गए आरोपों का समर्थन किसी विश्वसनीय गवाह या बयान से नहीं होता. मामले से आरोपी बनाए गए 23 लोगों में आम आदमी पार्टी (AAP) के 5 बड़े नेताओं के अलावा साउथ ग्रुप के चार बड़े नाम और प्रमुख व्यवसायी और अन्य लोग शामिल हैं.
शराब घोटाले में बरी होने के बाद रो पड़े अरविंद केजरीवाल
◆ दिल्ली के कथित शराब घोटाले में केजरीवाल और मनीष सिसोदिया हुए बरी
◆ राउज एवेन्यू कोर्ट ने सुनाया फैसला #DelhiLiquorScam | Delhi Liquor Scam | Arvind Kejriwal | Sisodia pic.twitter.com/QvFGSGVYJc---विज्ञापन---— News24 (@news24tvchannel) February 27, 2026
किस-किस को बनाया गया आरोपी
- पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को दिल्ली के कथित शराब घोटाले का मुख्य साजिशकर्ता बताया गया.
- दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री और आबकारी मंत्री मनीष सिसोदिया
- राज्यसभा सांसद संजय सिंह
- ‘आप’ के पूर्व संचार प्रभारी विजय नायर
- ‘आप’ विधायक दुर्गेश पाठक
जांच एजेंसियों का आरोप था कि साउथ ग्रुप ने 100 करोड़ रुपये की रिश्वत दी थी. इस मामले में आरोपी
- बीआरएस (BRS) नेता और तेलंगाना के पूर्व सीएम के. चंद्रशेखर राव की बेटी के. कविता
- हैदराबाद के व्यवसायी अभिषेक बोइनपल्ली
- कविता का करीबी माने गए व्यवसायी अरुण रामचंद्र पिल्लई
- कविता के पूर्व चार्टर्ड अकाउंटेंट बुटची बाबू गोरंतला
प्रमुख व्यवसायी और अन्य आरोपी
- इंडोस्पिरिट्स के मालिक समीर महेंद्रू
- बडी रिटेल के निदेशक अमित अरोड़ा
- सरकारी गवाह अरबिंदो फार्मा के निदेशक पी. सरथ चंद्र रेड्डी
- वाईएसआर कांग्रेस के सांसद मगुंटा श्रीनिवासुलु रेड्डी के बेटे राघव मगुंटा
- गोवा चुनाव के लिए पैसा भेजने के आरोपी विनोद चौहान
इनके अलावा अमनदीप सिंह ढल, मूथा गौतम, अर्जुन पांडे, राजेश जोशी, दामोदर प्रसाद शर्मा, प्रिंस कुमार, अरविंद कुमार सिंह, पूर्व एक्साइज अधिकारी कुलदीप सिंह, पूर्व एक्साइज अधिकारी नरेंद्र सिंह समेत कुल 23 आरोपी थे. सभी को एक साथ डिस्चार्ज किया गया – कोई भी दोषी नहीं ठहराया गया.










