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दिल्ली सरकार को लंगूर की आवाज निकालने वालों की तलाश, जानिए क्या है CM रेखा की ये अनोखी योजना?

दिल्ली सरकार ने लंगूरों की आवाज निकालने वालों के लिए एक अनोखी योजना शुरू की है. अधिकारियों के अनुसार यह योजना दिल्ली विधानसभा परिसर में बंदरों की समस्या से निपटने के लिए बनाई गई है.

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Written By: Akarsh Shukla Updated: Jan 2, 2026 18:22
दिल्ली में सरकार की ओर से एक अनोखी योजना की शुरुआत.

दिल्ली में सरकार की ओर से एक अनोखी योजना की शुरुआत की जा रही है. इस योजना के अनुसार, दिल्ली में लंगूरों की आवाज निकालने वालों की तलाश की जा रही है. दरअसल, इस योजना का मकसद दिल्ली विधानसभा परिसर में बंदरों की समस्याओं से छुटकारा पाना है. शुक्रवार को अधिकारियों ने जानकारी दी कि विधानसभा परिसर के आसपास दर्जनों बंदर मौजूद हैं जो तारों और डिश एंटीना को नुकसान पहुंचाते हैं. इस वजह से लोगों को आए दिन तरह-तरह की परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है. साल 2017 में एक घटना सामने आई थी, जिसमें एक बंदर ने सदन में घुसकर सरकारी स्कूलों में अतिथि शिक्षकों पर चल रही चर्चा को बाधित कर दिया था.

बंदरों से परेशान हैं ये लोग

दिल्ली विधानसभा परिसर के आसपास आने वाले विधायकों, कर्मचारियों और आम लोगों को इन बंदरों से हमेशा खतरा बना रहता है. अधिकारियों के मुताबिक, लोक निर्माण विभाग (PWD) ने लंगूर की आवाज निकालने वालों की तैनाती के लिए टेंडर जारी किया है. इस तरीके से बंदरों को बिना कोई नुकसान पहुंचाए उन्हें डराकर दूर भगाया जा सकता है. साथ ही बंदरों को डराने के लिए एक लंगूर को भी लाया जाएगा. इसे एक मानवीय और प्रभावी तरीका माना जा रहा है.

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पहले कुछ औैर योजना थी

इस योजना से पहले सरकार ने लंगूर के पुतले लगाने का प्लान किया था, लेकिन इससे बंदर नहीं डर रहे थे, उल्टा उन पुतलों के ऊपर बैठकर तमाशा करने लगते थे. अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले भी लंगूरों की आवाज निकालने वाले कुछ लोगों को रखा गया था लेकिन उनका कांट्रेक्ट खत्म हो गया, इसलिए अब फिर से सक्षम प्रशिक्षित लोगों को नियुक्त करने के लिए नया टेंडर निकाला गया है.

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किस दिन तैनात किए जाएंगे ये लोग

सरकार इन प्रशिक्षित कर्मियों को वर्किंग डे और शनिवार को तैनात करने की योजना बना रही है, जो कुल 8 घंटे की शिफ्ट में काम करेंगे. अधिकारियों के मुताबिक, एजेंसी संचालन के दौरान उचित उपकरण, अनुशासन और सुरक्षा मानदंडों के अनुपालन को भी सुनिश्चित करेगी. तैनात सभी कर्मियों के लिए प्रदर्शन-आधारित निगरानी और बीमा कवरेज का भी प्रबंध किया जाएगा.

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First published on: Jan 02, 2026 06:22 PM

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