साउथ दिल्ली के साकेत मेट्रो स्टेशन के पास बीते दिन (शनिवार) एक पांच मंजिला इमारत अचानक गिर गई. हादसे के समय ग्राउंड फ्लोर पर कोचिंग सेंटर चल रहा था, जबकि ऊपरी मंजिलों पर काम भी हो रहा था. इस घटना में फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स (FMG) और नीट-पीजी की तैयारी कर रहे कई युवा डॉक्टर प्रभावित हुए हैं. फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स के प्रेसिडेंट डॉ. जसवंत ने बताया कि अब तक 9 से 10 लोगों को बचाया जा चुका है.
वहीं, इस हादसे में अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दो घायल इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी पा चुके हैं. बाकी फंसे लोगों को निकालने का काम जारी है, लेकिन रेस्क्यू टीम को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है.
हादसे में अब तक 5 की मौत
एम्स और सफदरजंग अस्पताल से मिली सूचना के आधार पर मरने वालों की संख्या 5 हो गई. यह सभी अस्पताल में मृत अवस्था में लाए गए थे. एम्स में कुल 11 घायल लाए गए थे, इनमें तीन की मौत हो गई. 8 में से तीन को डिस्चार्ज कर दिया गया है, पांच घायलों का इलाज चल रहा है.
रिकॉर्ड के मुताबिक, एक मरीज मदन मोहन मालवीय हॉस्पिटल से रेफर होने के बाद सफदरजंग हॉस्पिटल में भर्ती हुआ था. मरीज को मृत अवस्था में लाया गया था. इस घटना से जुड़ा कोई दूसरा मरीज अब तक सफदरजंग हॉस्पिटल में भर्ती नहीं हुआ है.
मुख्यमंत्री ने सभी बिना इजाजत वाली इमारतों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश दिया है और संबंधित विभागों के सभी जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.
इमारत के पास मौजूद थे 70-80 लोग
स्थानीय लोगों के मुताबिक, घटना के समय इमारत व आस-पास कुछ विदेशी छात्रों सहित 70-80 लोग मौजूद थे. हालांकि, प्रशासन का दावा है कि अब एक-दो लोग ही फंसे हो सकते हैं. साकेत मेट्रो स्टेशन के निकट स्थित सैदुलअजाइब इलाके में करीब 400 वर्ग गज में 15 साल पहले दो मंजिला इमारत बनाई गई थी. धीरे-धीरे निर्माण होता गया और इन दिनों पांचवीं मंजिल के ऊपर एक और तल का निर्माण कार्य चल रहा था. यह इमारत कर्मवीर जेलर नामक शख्स की बताई जा रही है.
इलाके में दहशत का माहौल
डॉ. जसवंत ने कहा कि मौके पर भारी अफरा-तफरी और दहशत का माहौल है. उन्होंने चिंता जताई कि अगर क्रेन और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं तो बाकी लोगों का क्या होगा? सभी के माता-पिता बेहद चिंतित हैं. चिकित्सा समुदाय इस घटना से बहुत दुखी और स्तब्ध है. कई युवा डॉक्टर जो चिकित्सा के क्षेत्र में अपना करियर बनाने के लिए मेहनत कर रहे थे, इस हादसे का शिकार हो गए.
उन्होंने कहा कि कुछ शव सफदरजंग अस्पताल लाए गए. इस दुखद घटना में जान गंवाने वाले युवाओं के परिवारों, मित्रों और सहकर्मियों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की जा रही है. घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की जा रही है.
दिल्ली पुलिस ने बनाया ग्रीन कॉरिडोर
घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए दिल्ली पुलिस की तरफ से ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया है. इमारत में कोचिंग, पीजी, आफिस, कैफे और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही थीं. शाम के समय आफिस बंद हो गया था. वीकेंड व शाम का वक्त होने की वजह से ज्यादातर लोग बाहर गए हुए थे.