Delhi Model Corridors: दिल्ली की 5 सबसे बिजी सड़कों की बदलेगी सूरत! जाम और प्रदूषण से मुक्ति के लिए ‘मॉडल कॉरिडोर’ प्रोजेक्ट को मंजूरी; जानिए पूरा प्लान
Delhi Road News: दिल्ली सरकार ने पांच व्यस्त सड़कों को मॉडल कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की मंजूरी दी है, जिसमें ट्रैफिक कम करने, प्रदूषण घटाने, हरियाली बढ़ाने और स्मार्ट सुविधाओं के जरिए सफर को अधिक सुगम बनाने का लक्ष्य है.
Written By: Azhar Naim|Updated: May 27, 2026 16:40
Edited By : Azhar Naim|Updated: May 27, 2026 16:40
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दिल्ली में बड़े प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी. (Image: AI)
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राजधानी दिल्ली में ट्रैफिक जाम और बढ़ते प्रदूषण से परेशान लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है. दिल्ली सरकार और एलजी की मंजूरी के बाद अब शहर की पांच सबसे व्यस्त सड़कों को 'मॉडल कॉरिडोर' के रूप में बनाने की मंजूरी मिल गई है. इस मेगा प्रोजेक्ट का मकसद सिर्फ ट्रैफिक कम करना नहीं, बल्कि इन रास्तों को धूल-मुक्त (प्रदूषण), हरियाली से भरपूर और लोगों के लिए ज्यादा सुविधाजनक बनाना है. नई योजना के तहत सड़कों को आधुनिक तकनीक और स्मार्ट सुविधाओं से तैयार किया जाएगा ताकि रोजाना सफर करने वाले लाखों लोगों को राहत मिल सके. इस परियोजना को लेकर सरकार का दावा है कि इन कॉरिडोर के बनने के बाद दिल्ली की ट्रैफिक व्यवस्था पहले से ज्यादा बेहतर और व्यवस्थित दिखाई देगी.
इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत दिल्ली के पांच अहम और सबसे व्यस्त रूट को चुना गया है. इनमें;
मिंटो रोड – आईटीओ – कड़कड़डूमा (सेंट्रल से ईस्ट दिल्ली)
मिंटो रोड – अरुणा आसफ अली मार्ग – जवाहरलाल नेहरू मार्ग – दिल्ली गेट (सेंट्रल और नॉर्थ दिल्ली)
नेताजी सुभाष मार्ग – शांति वन – महात्मा गांधी मार्ग (यमुना के किनारे) – आईटीओ – आईपी एस्टेट मेट्रो स्टेशन
धौला कुआं से जेल रोड / करियप्पा मार्ग – तिलक नगर क्रॉसिंग (साउथ से वेस्ट दिल्ली)
उत्तम नगर – तिलक नगर – राजौरी गार्डन (नजफगढ़ रोड, वेस्ट दिल्ली)
अब इन सड़कों को नए डिजाइन के साथ विकसित किया जाएगा ताकि ट्रैफिक सुचारू हो सके और यात्रा का समय कम हो. इसके अलावा आसपास के बाजारों, दफ्तरों और रिहायशी इलाकों को भी इसका सीधा फायदा मिलेगा.
ग्रीन कॉरिडोर और स्मार्ट सुविधाओं से मिलेगा नया अनुभव
नई योजना के तहत इन सड़कों को सिर्फ चौड़ा ही नहीं किया जाएगा, बल्कि इन्हें पूरी तरह स्मार्ट और पर्यावरण के अनुकूल बनाया जाएगा. पैदल चलने वालों के लिए अलग फुटपाथ, साइकिल ट्रैक, आधुनिक बस स्टॉप, पब्लिक प्लाजा और ग्रीन कॉरिडोर तैयार किए जाएंगे. सड़क किनारे और डिवाइडर पर वैज्ञानिक तरीके से पौधे लगाए जाएंगे, जिनकी सिंचाई के लिए भूमिगत पाइपलाइन सिस्टम बनाया जाएगा. इससे पानी के टैंकरों की जरूरत कम होगी और ट्रैफिक बाधित नहीं होगा. इसके अलावा फुटपाथों पर ऐसे विशेष पत्थर लगाए जाएंगे, जिससे बारिश का पानी जमीन के अंदर जा सके और भूजल स्तर को बढ़ाने में मदद मिले.
इन खास सुविधाओं से बदलेगा सफर का अनुभव
पैदल यात्रियों के लिए चौड़े और सुरक्षित फुटपाथ तैयार किए जाएंगे.
अलग साइकिल ट्रैक और ग्रीन कॉरिडोर बनाए जाएंगे.
आधुनिक स्ट्रीट लाइट और CCTV कैमरों से सुरक्षा बढ़ेगी.
बस स्टॉप और ट्रांजिट पॉइंट को स्मार्ट तरीके से विकसित किया जाएगा.
कनॉट प्लेस, आईटीओ, दिल्ली कैंट और राजघाट जैसे इलाकों को सीधा फायदा मिलेगा.
प्रोजेक्ट का उद्देश्य दिल्ली को ज्यादा साफ, हरा-भरा और ट्रैफिक फ्री बनाना है.
राजधानी दिल्ली में ट्रैफिक जाम और बढ़ते प्रदूषण से परेशान लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है. दिल्ली सरकार और एलजी की मंजूरी के बाद अब शहर की पांच सबसे व्यस्त सड़कों को ‘मॉडल कॉरिडोर’ के रूप में बनाने की मंजूरी मिल गई है. इस मेगा प्रोजेक्ट का मकसद सिर्फ ट्रैफिक कम करना नहीं, बल्कि इन रास्तों को धूल-मुक्त (प्रदूषण), हरियाली से भरपूर और लोगों के लिए ज्यादा सुविधाजनक बनाना है. नई योजना के तहत सड़कों को आधुनिक तकनीक और स्मार्ट सुविधाओं से तैयार किया जाएगा ताकि रोजाना सफर करने वाले लाखों लोगों को राहत मिल सके. इस परियोजना को लेकर सरकार का दावा है कि इन कॉरिडोर के बनने के बाद दिल्ली की ट्रैफिक व्यवस्था पहले से ज्यादा बेहतर और व्यवस्थित दिखाई देगी.
इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत दिल्ली के पांच अहम और सबसे व्यस्त रूट को चुना गया है. इनमें;
मिंटो रोड – आईटीओ – कड़कड़डूमा (सेंट्रल से ईस्ट दिल्ली)
मिंटो रोड – अरुणा आसफ अली मार्ग – जवाहरलाल नेहरू मार्ग – दिल्ली गेट (सेंट्रल और नॉर्थ दिल्ली)
नेताजी सुभाष मार्ग – शांति वन – महात्मा गांधी मार्ग (यमुना के किनारे) – आईटीओ – आईपी एस्टेट मेट्रो स्टेशन
धौला कुआं से जेल रोड / करियप्पा मार्ग – तिलक नगर क्रॉसिंग (साउथ से वेस्ट दिल्ली)
उत्तम नगर – तिलक नगर – राजौरी गार्डन (नजफगढ़ रोड, वेस्ट दिल्ली)
अब इन सड़कों को नए डिजाइन के साथ विकसित किया जाएगा ताकि ट्रैफिक सुचारू हो सके और यात्रा का समय कम हो. इसके अलावा आसपास के बाजारों, दफ्तरों और रिहायशी इलाकों को भी इसका सीधा फायदा मिलेगा.
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ग्रीन कॉरिडोर और स्मार्ट सुविधाओं से मिलेगा नया अनुभव
नई योजना के तहत इन सड़कों को सिर्फ चौड़ा ही नहीं किया जाएगा, बल्कि इन्हें पूरी तरह स्मार्ट और पर्यावरण के अनुकूल बनाया जाएगा. पैदल चलने वालों के लिए अलग फुटपाथ, साइकिल ट्रैक, आधुनिक बस स्टॉप, पब्लिक प्लाजा और ग्रीन कॉरिडोर तैयार किए जाएंगे. सड़क किनारे और डिवाइडर पर वैज्ञानिक तरीके से पौधे लगाए जाएंगे, जिनकी सिंचाई के लिए भूमिगत पाइपलाइन सिस्टम बनाया जाएगा. इससे पानी के टैंकरों की जरूरत कम होगी और ट्रैफिक बाधित नहीं होगा. इसके अलावा फुटपाथों पर ऐसे विशेष पत्थर लगाए जाएंगे, जिससे बारिश का पानी जमीन के अंदर जा सके और भूजल स्तर को बढ़ाने में मदद मिले.
इन खास सुविधाओं से बदलेगा सफर का अनुभव
पैदल यात्रियों के लिए चौड़े और सुरक्षित फुटपाथ तैयार किए जाएंगे.
अलग साइकिल ट्रैक और ग्रीन कॉरिडोर बनाए जाएंगे.
आधुनिक स्ट्रीट लाइट और CCTV कैमरों से सुरक्षा बढ़ेगी.
बस स्टॉप और ट्रांजिट पॉइंट को स्मार्ट तरीके से विकसित किया जाएगा.
कनॉट प्लेस, आईटीओ, दिल्ली कैंट और राजघाट जैसे इलाकों को सीधा फायदा मिलेगा.
प्रोजेक्ट का उद्देश्य दिल्ली को ज्यादा साफ, हरा-भरा और ट्रैफिक फ्री बनाना है.
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