संसद मार्च के बाद दर्ज मामलों को लेकर अभी भी विवाद जारी है. इस बीच CJP ने दावा किया है कि केंद्र और बिहार सरकार के साथ हुई बातचीत के बाद उनकी एक और प्रमुख मांग स्वीकार कर ली गई है. सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास का कहना है कि सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने पर सहमत हो गई है. साथ ही जेल में बंद लोगों को रिहा करने का भी आश्वासन दिया गया है और इससे जुड़ी घोषणा मंगलवार को की जाएगी.
हिरासत में लिए गए लोगों को जल्दी छोड़ा जाएगा- सौरव दास
सौरव दास ने देर रात एक वीडियो जारी की. जिसमें उन्होंने बताया कि सोमवार देर रात करीब एक बजे सरकार के प्रतिनिधियों के साथ हमारी बातचीत हुई. जिसके बाद हमें यह भरोसा दिया गया है कि आंदोलन में शामिल लोगों के खिलाफ दर्ज मामलों की समीक्षा कर उन्हें वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. CJP का कहना है कि उन्हें गारंटी दी गई है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल लोगों के साथ किसी तरह की प्रताड़ना नहीं होगी और हिरासत में लिए गए लोगों को भी जल्द रिहा कर दिया जाएगा.
भविष्य में भी नहीं होगी छात्रों पर कार्रवाई- CJP
CJP के मुताबिक, 20 जुलाई के संसद मार्च के बाद विभिन्न राज्यों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कई एफआईआर दर्ज की गई थीं. संगठन लगातार इन मामलों को वापस लेने और गिरफ्तार लोगों की रिहाई की मांग कर रहा था. इसी मुद्दे को लेकर सरकार के साथ कई दौर की बातचीत हुई, जिसके बाद यह आश्वासन मिला है. हालांकि, सरकार की ओर से इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक आदेश जारी होने का इंतजार है. दास ने यह भी कहा कि ‘सरकार ने हमें गारंटी दी है कि मंगलवार तक सभी नोटिफिकेशन जारी कर दिए जाएंगे और प्रदर्शनकारी सुरक्षित होंगे. भविष्य में भी उन पर कार्रवाई नहीं होगी.’
वहीं, सीजेपी की दूसरी प्रवक्ता रत्ना सिंह ने कहा, ‘यदि आपके पास कोई सूचना है तो हमें बताएं. हम सुनिश्चित करेंगे कि जिन भी प्रदर्शनकारियों ने अपने-अपने शहर में प्रदर्शन किया है उनमें से किसी पर भी कार्रवाई ना हो.’
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आगे की रणनीति पर करेंगे विचार- सौरव दास
वहीं, दास ने कहा कि सरकार की ओर से मिले भरोसे के बाद आंदोलन के अगले चरण की रणनीति पर भी विचार किया जाएगा. CJP का कहना है कि यदि तय समय के अंदर वादों को अमल में नहीं लाया गया तो वह आगे की कार्रवाई पर फैसला करेंगे.
इस बीच बिहार सरकार ने भी यह संकेत दिया है कि आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों की समीक्षा की जाएगी. सरकार ने कहा है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने और जेल में बंद प्रदर्शनकारियों की रिहाई की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी.