No Pink Tickets In DTC Bus From 4th October: 4 अक्टूबर 2026 से दिल्ली की सरकारी बसों में मुफ्त सफर करने के लिए महिलाओं को ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ साथ रखना होगा. दिल्ली सरकार ने रियायत के लिए पेपर-बेस्ड पिंक टिकट का इस्तेमाल बंद कर दिया है. ये नया सिस्टम ‘एसी और नॉन-एसी डीटीसी और क्लस्टर बसों’ दोनों पर लागू होगा. इस स्कीम के तहत आने वाले ट्रांसजेंडर पैसेंजर्स को भी मुफ्त यात्रा का फायदा मिलता रहेगा.
स्मार्ट कार्ड जरूरी
दिल्ली ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने शनिवार को दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (मुफ्त और रियायती पास) नियम, 1985 में बदलाव करते हुए एक नोटिफिकेशन जारी किया. इन बदलावों को एलजी तरनजीत सिंह संधू से मंजूरी मिल गई है और ये रविवार, 4 अक्टूबर से लागू हो गए हैं.
बदले हुए नियमों के तहत, मुफ्त सेवा का फायदा उठाने के लिए एलिजिबल महिलाओं को बस में यात्रा करते समय अपना ‘सहेली स्मार्ट कार्ड’ दिखाना होगा. ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के एक सीनियर अधिकारी के मुताबिक, जिन महिलाओं के पास जरूरी कार्ड नहीं होगा, उन्हें टिकट खरीदना होगा और लागू किराया देना होगा.
कार्ड के लिए आधार वेरिफिकेशन
सरकार ने मार्च में स्मार्ट-कार्ड सिस्टम शुरू किया था. आधार-बेस्ड वेरिफिकेशन के बाद दिल्ली का पता रखने वाली एलिजिबल महिलाओं को कार्ड जारी किए जा रहे हैं. इससे पहले महिलाएं DTC बसों में मुफ्त यात्रा करने के लिए पिंक पेपर टिकट का इस्तेमाल कर सकती थीं, जिसमें उनके रहने की जगह से कोई लिंक नहीं था. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक सितंबर तक ‘18.5 लाख से ज्यादा सहेली कार्ड’ जारी किए जा चुके थे.
सरकार ने ये भी संकेत दिया है कि आगे चलकर यह कार्ड ‘कॉमन मोबिलिटी कार्ड’ के तौर पर काम कर सकता है, जिससे यूजर्स बैलेंस डालकर दूसरी पब्लिक ट्रांसपोर्ट सर्विसेज का भी इस्तेमाल कर सकेंगे. जो महिलाएं मुफ्त यात्रा स्कीम की योग्यता शर्तों को पूरा नहीं करती हैं, वो नॉर्मल किराया देकर DTC और क्लस्टर बसों का इस्तेमाल जारी रख सकती हैं.