मुख्य बिंदु
- केंद्र सरकार दिल्ली-NCR में 1.04 लाख करोड़ रुपये के रोज प्रोजेक्ट का प्लान बना रहा है.
- तकरीबन 2105 किलोमीटर लंबी सड़कों और हाइवे का प्रस्ताव है.
- एक नया ग्रीनफील्ड कॉरिडोर दिल्ली, फरीदाबाद और गुरुग्राम के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगा.
- एयरपोर्ट और साउथ दिल्ली के पास ट्रैफिक जाम कम करने के लिए छह-लेन वाली टनल की योजना है.
- परियोजना की समय-सीमा DPR और कानूनी मंजूरी मिलने के बाद तय की जाएगी.
Project For Traffic Jam Free Delhi NCR: केंद्र सरकार ने दिल्ली-एनसीआर इलाके में ट्रैफिक की आवाजाही को बेहतर बनाने और कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए तकरीन 1.04 लाख करोड़ रुपये के एक बड़े रोड इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोग्राम का ऐलान किया है. केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में ये जानकारी दी. उन्होंने कहा कि इन प्रोजेक्ट्स का मकसद भीड़ कम करना और रोजाना सफर करने वाले लाखों लोगों के लिए सफर को आसान बनाना है.
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कितने KM रोड का होगा डेवलपमेंट?
मंत्री के मुताबि इस प्रोग्राम में नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) में तकरीबन 2105 किलोमीटर लंबी सड़कों और हाइवे का विकास शामिल है. इन प्रोजेक्ट्स की योजना ट्रैफिक की मांग, तकनीकी फिजिबिलिटी, आर्थिक वायबिलिटी और पीएम गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान के साथ इनके तालमेल को ध्यान में रखकर बनाई गई है.
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ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का का प्लान
एक अहम प्रपोजल 6-लेन वाले ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का है, जो फरीदाबाद होते हुए दिल्ली-नोएडा डायरेक्ट (DND) फ्लाईवे को सोहना से जोड़ेगा. तकरीबन 4,583 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट से दिल्ली, फरीदाबाद और गुरुग्राम के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने और मौजूदा सड़कों पर दबाव कम होने की उम्मीद है.
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6-लेन टनल का प्रपोजल
एक और अहम प्रपोजल वसंत कुंज में शिव मूर्ति और नेल्सन मंडेला मार्ग को जोड़ने वाली 6-लेन की सुरंग का निर्माण है. लगभग 7,000 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश वाली इस सुरंग से द्वारका एक्सप्रेसवे, NH-48 और नेल्सन मंडेला मार्ग के बीच सीधा संपर्क मिलने की उम्मीद है. इससे महिपालपुर, वसंत कुंज और एयरपोर्ट कॉरिडोर के आस-पास के इलाकों में ट्रैफिक की भीड़ कम होने की उम्मीद है.
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साउथ दिल्ली में भी विकास
मंत्रालय ने दक्षिण दिल्ली में कई अहम सड़कों को बेहतर बनाने के प्रस्ताव भी शुरू किए हैं. हालांकि अधिकारियों ने साफ किया कि प्रोजेक्ट की अंतिम लागत, काम शुरू करने का शेड्यूल और पूरा होने की समय-सीमा का पता डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), फीजिबिलिटी आकलन और कानूनी मंजूरी मिलने के बाद ही चलेगा.
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बदलेगी Delhi-NCR की तस्वीर
अगर प्लान के मुताबिक इन्हें लागू किया जाता है, तो इन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से इलाके में आवाजाही बेहतर होने, ट्रैवल टाइम कम होने और दिल्ली तथा नोएडा, गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे पड़ोसी शहरों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है.
अहम रोड प्रोजेक्ट्स
- DND फ्लाइवे-सोहना ग्रीनफील्ड कॉरिडोर (फरीदाबाद होते हुए)
- शिव मूर्ति-नेल्सन मंडेला मार्ग टनल
- आश्रम चौक-बदरपुर बॉर्डर रोड अपग्रेड
- मेहरौली-गुड़गांव रोड में सुधार
- INA-महिपालपुर रोड अपग्रेड
- कालिंदी कुंज जंक्शन-ओखला बैराज इंटरचेंज
निष्कर्ष
प्रस्तावित सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोग्राम दिल्ली-NCR में ट्रांसपोर्टेशन को बेहतर बनाने पर सरकार के फोकस को दिखाता है. नए कॉरिडोर, टनल और सड़क अपग्रेड के जरिए, इन परियोजनाओं का मकसद ट्रैफिक जाम कम करना और यात्रियों के लिए यात्रा को तेज बनाना है. हालांकि निर्माण का शेड्यूल अभी तय नहीं हुआ है, लेकिन योजनाबद्ध विकास पूरा होने पर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में काफी सुधार हो सकता है. PM गति शक्ति पहल के साथ मिलकर, इन परियोजनाओं से शहरी विकास को बढ़ावा मिलने, लॉजिस्टिक्स मजबूत होने और नेशनल कैपिटल रीजन में रोजाना की यात्रा बेहतर होने की उम्मीद है.