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Chhattisgarh Election: रायपुर संभाग को लेकर कांग्रेस-बीजेपी में प्रतिष्ठा की लड़ाई, जानें कौन किस पर है भारी

Chhattisgarh Election: छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर है। प्रदेश की सभी 90 सीटों को लेकर पार्टियों में प्रत्याशियों की सूची पर मंथन चल रहा है। इस बार विधानसभा चुनाव की दृष्टि से रायपुर संभाग को बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस संभाग को बीजेपी-कांग्रेस के लिए चुनाव प्रतिष्ठा की लड़ाई के रूप […]

Chhattisgarh Election: छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर है। प्रदेश की सभी 90 सीटों को लेकर पार्टियों में प्रत्याशियों की सूची पर मंथन चल रहा है। इस बार विधानसभा चुनाव की दृष्टि से रायपुर संभाग को बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस संभाग को बीजेपी-कांग्रेस के लिए चुनाव प्रतिष्ठा की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है।

प्रतिष्ठा को लेकर जंग

बीजेपी अपने 2013 के विधानसभा चुनाव परिणाम को दोहराने और कांग्रेस 2018 में मिली प्रतिष्ठा को बचाने के दबाव में है। बीजेपी ने वर्ष 2013 रायपुर संभाग की 20 सीटों में से 15 पर जीत हासिल की थी वहीं, 2018 में सिर्फ पांच सीटों पर ही सिमट कर रह गई थी, जबकि कांग्रेस को वर्ष 2013 में चार सीटें मिली थी, वहीं 2018 में इसे बढ़ाकर 14 तक पहुंच गई थी। एक सीट छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस(जे) को मिली थी। संभाग में दोनों ही दलों ने प्रतिष्ठा पाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है।

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लगातार हो रही जनसभाएं

इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बीजेपी लगातार इस संभाग में कई बैठकें कर चुकी है। बीजपी की ओर से रायपुर संभाग से ही पीएम नरेन्द्र मोदी ने 7 जुलाई 2023 को चुनावी शंखनाद किया था। इसी संभाग में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह कई बड़ी बैठकें कर चुके हैं। वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस की तरफ से भी सीएम भूपेश बघेल युवाओं से भेंट मुलाकात कर चुके हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी कई बार आ चुके हैं। राहुल गांधी ने 2 सितंबर 2023 को यहां बड़ी जनसभा को संबोधित किया था। आम आदमी पार्टी की तरफ से दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल भी जनसभा को संबोधित करते हुए 10 में से 9 गारंटी को लॉन्च कर चुके हैं।

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होगी बड़ी भूमिका

बता दें कि 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को सत्ता तक पहुंचाने में दुर्ग संभाग के बाद सबसे बड़ी भूमिका रायपुर संभाग ने की थी। तीन चुनाव में लगातार कांग्रेस विधायकों का आंकड़ा रायपुर संभाग में दहाई को पार नहीं कर पा रहा था, लेकिन 2018 के चुनाव में मतदाताओं ने कांग्रेस उम्मीदवारों पर भरोसा जताया। रायपुर संभाग के चार जिलों महासमुंद, बलौदबाजार, रायपुर और गरियाबंद के मतदाताओं ने बीजेपी को तगड़ा झटका दिया। धमतरी ही एकमात्र ऐसा जिला था, जिसमें बीजेपी को तीन सीट में से दो पर जीत मिली थी।

जातीय फैक्टर

प्रदेश की कुल आबादी में 32 फीसदी आदिवासी वर्ग (अनुसूचित जनजाति) से है वहीं, 13 फीसदी आबादी SC (अनुसूचित जाति) वर्ग से आती है। जबकि, सबसे बड़ा जनाधार जो की 47 फीसदी है वह ओबीसी वर्ग से आता है। रायपुर संभाग में रायपुर ग्रामीण, महासमुंद, धमतरी, बलौदाबाजार और कुरुद का क्षेत्र OBC प्रभाव वाला क्षेत्र माना जाता है।

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First published on: Oct 08, 2023 10:47 AM

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