Samrat Choudhary Paper Leak Decision: बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं में सेंधमारी करने वाले और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले परीक्षा माफियाओं पर शिकंजा कसने के लिए राज्य सरकार ने बेहद कड़ा कदम उठाया है. बिहार में अब पेपर लीक और परीक्षाओं में धांधली करने वाले गिरोहों के खिलाफ 'गुंडा एक्ट' के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी. उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की अहम बैठक में 'बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम, 2024' में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है. सरकार का स्पष्ट मानना है कि पेपर लीक अब केवल परीक्षा में गड़बड़ी का साधारण मामला नहीं है, बल्कि यह एक सुनियोजित और संगठित अपराध का रूप ले चुका है.
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गुंडा एक्ट लागू होने से क्या बदलेगा?
सामान्य तौर पर गुंडा एक्ट का इस्तेमाल आदतन अपराधियों और संगठित गिरोह चलाकर भय फैलाने वालों के खिलाफ किया जाता है. इसके लागू होने से पुलिस और स्थानीय प्रशासन आरोपियों की गतिविधियों पर चौबीसों घंटे सीधी निगरानी रख सकेगा. नए प्रावधानों के तहत परीक्षा माफिया, सॉल्वर गैंग के सरगना और इसमें शामिल आरोपियों को जिलाबदर (क्षेत्र से बाहर) करने जैसी कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकेगी. अब पुलिस भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के साथ-साथ गुंडा एक्ट का सहारा लेकर आरोपियों पर शिकंजा कसेगी, जिससे दोषियों का जमानत पर बाहर आना बेहद मुश्किल हो जाएगा.
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Samrat Choudhary Paper Leak Decision: बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं में सेंधमारी करने वाले और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले परीक्षा माफियाओं पर शिकंजा कसने के लिए राज्य सरकार ने बेहद कड़ा कदम उठाया है. बिहार में अब पेपर लीक और परीक्षाओं में धांधली करने वाले गिरोहों के खिलाफ ‘गुंडा एक्ट’ के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी. उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की अहम बैठक में ‘बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम, 2024’ में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है. सरकार का स्पष्ट मानना है कि पेपर लीक अब केवल परीक्षा में गड़बड़ी का साधारण मामला नहीं है, बल्कि यह एक सुनियोजित और संगठित अपराध का रूप ले चुका है.
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सामान्य तौर पर गुंडा एक्ट का इस्तेमाल आदतन अपराधियों और संगठित गिरोह चलाकर भय फैलाने वालों के खिलाफ किया जाता है. इसके लागू होने से पुलिस और स्थानीय प्रशासन आरोपियों की गतिविधियों पर चौबीसों घंटे सीधी निगरानी रख सकेगा. नए प्रावधानों के तहत परीक्षा माफिया, सॉल्वर गैंग के सरगना और इसमें शामिल आरोपियों को जिलाबदर (क्षेत्र से बाहर) करने जैसी कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकेगी. अब पुलिस भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के साथ-साथ गुंडा एक्ट का सहारा लेकर आरोपियों पर शिकंजा कसेगी, जिससे दोषियों का जमानत पर बाहर आना बेहद मुश्किल हो जाएगा.
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