बिहार उपचुनाव में प्रशांत किशोर का बड़ा दांव, BJP के गढ़ बांकीपुर से खुद लड़ेंगे चुनाव

Prashant Kishor Bankipur By Election: बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर खुद चुनावी मैदान में उतरेंगे. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे से खाली हुई इस सीट पर 30 जुलाई को मतदान होगा. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व की भी यह पहली बड़ी परीक्षा मानी जा रही है.

Prashnt Kishore

Photo Credit- News24GFX

विज्ञापन

Prashant Kishor Bankipur By Election: बिहार की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है. चुनावी रणनीतिकार और जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर (पीके) अब खुद चुनावी रण में उतरने जा रहे हैं. प्रशांत किशोर बिहार की सबसे हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले आगामी उपचुनाव में खुद उम्मीदवार होंगे.बांकीपुर विधानसभा सीट पर आगामी 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि 3 अगस्त को मतगणना के बाद चुनाव के नतीजे घोषित किए जाएंगे. आपको बता दें कि यह सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के विधायक पद से इस्तीफे के बाद खाली हुई है, जिसके बाद यहां उपचुनाव कराए जा रहे हैं.

कार्यकर्ताओं की इच्छा पर लिया फैसला

जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने प्रशांत किशोर के चुनाव लड़ने की पुष्टि की है. उन्होंने कहा कि यह फैसला जनभावनाओं को ध्यान में रखकर लिया गया है.

विज्ञापन

“पार्टी कार्यकर्ताओं और बांकीपुर की जनता की पुरजोर इच्छा है कि प्रशांत किशोर ही यहां से चुनाव लड़ें और क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करें.”
— मनोज भारती, प्रदेश अध्यक्ष, जन सुराज पार्टी

भाजपा के अभेद्य गढ़ में सेंध लगाने की तैयारी

बांकीपुर सीट को भाजपा का सबसे मजबूत और अभेद्य गढ़ माना जाता है. साल 1995 से ही इस सीट पर लगातार भाजपा का कब्जा रहा है. पहले यहां से नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा चार बार विधायक चुने गए. उनके निधन के बाद उनके बेटे और भाजपा के मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन लगातार पांच बार इस सीट से जीतकर विधानसभा पहुंचे. ऐसे में भाजपा के इस गढ़ में उतरकर प्रशांत किशोर ने बहुत बड़ा राजनीतिक दांव खेल दिया है.

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई

यह उपचुनाव सिर्फ प्रशांत किशोर की पहली चुनावी परीक्षा नहीं है, बल्कि इसे बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व की पहली बड़ी राजनीतिक परीक्षा भी माना जा रहा है. भाजपा के लिए अपनी इस पारंपरिक सीट को बचाना साख का सवाल बन गया है. वहीं दूसरी तरफ, प्रशांत किशोर भी इस मुकाबले को बड़ा बनाने में जुट गए हैं.

विज्ञापन

“जनता इस उपचुनाव में भाजपा को हराकर पटना से लेकर दिल्ली तक एक बड़ा राजनीतिक संदेश भेजे.”
— प्रशांत किशोर, संस्थापक, जन सुराज पार्टी

चुनाव लड़ने के पीछे क्या है मजबूरी?

साल 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर खुद मैदान में नहीं उतरे थे, बल्कि उन्होंने अपनी पार्टी जनसुराज के लिए पूरे राज्य में धुआंधार प्रचार किया था. हालांकि, पार्टी को भारी नाकामी का सामना करना पड़ा. जनसुराज राज्य में एक भी सीट नहीं जीत सकी और उसके 236 उम्मीदवारों की जमानत तक जब्त हो गई थी. पार्टी को सिर्फ 3.34 प्रतिशत वोट मिले. चुनाव के बाद समीक्षा बैठक में प्रशांत किशोर ने माना कि खुद चुनाव न लड़ना उनकी सबसे बड़ी गलती थी. इसी कमी को पूरा करने के लिए उन्होंने अब बांकीपुर उपचुनाव को चुना है.

विज्ञापन

सम्राट चौधरी के खिलाफ बिसात, एक तीर से दो शिकार

बांकीपुर सीट पर जीत दर्ज करना प्रशांत किशोर के लिए कतई आसान नहीं है. साल 2025 के चुनाव में यहां जनसुराज उम्मीदवार को महज 7,717 वोट मिले थे, जबकि बीजेपी के नितिन नबीन को 98 हजार से ज्यादा वोट मिले थे. इस 90 हजार से बड़े अंतर को पाटने के लिए पीके ने एक खास रणनीति बनाई है.

दरअसल, बिहार में बीजेपी द्वारा कोइरी समुदाय के सम्राट कुशवाहा को मुख्यमंत्री बनाए जाने के बाद, बीजेपी के कोर वोटर (सवर्ण और वैश्य समाज) में नाराजगी की बातें सामने आ रही हैं. बांकीपुर सवर्ण बहुल सीट है, जहां करीब 70 हजार कायस्थ और भारी संख्या में वैश्य, राजपूत और ब्राह्मण मतदाता हैं.

विज्ञापन

प्रशांत किशोर इसी नाराजगी को हवा दे रहे हैं और इस चुनाव को सीधे सम्राट चौधरी के खिलाफ एक ‘लिटमस टेस्ट’ की तरह पेश कर रहे हैं. पीके को उम्मीद है कि बीजेपी से नाराज कोर वोटर इस बार जनसुराज के पक्ष में आ सकते हैं.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Vijay Jain

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
... और पढ़ें

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ